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अभिभावकों के खाते में आएगा यूनिफार्म की धनराशि
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खाते में आएगी यूनिफॉर्म की धनराशि
बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। कमीशनखोरी पर अंकुश लगाने के लिए शासन स्तर से बेसिक स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले यूनिफॉर्म की धनराशि सीधे अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिक्षा विभाग को अभिभावकों के खाते अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। 15 जुलाई तक अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंचेगी।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से संचालित 2265 परिषदीय विद्यालयों में तीन लाख 28 हजार 444 बच्चे पंजीकृत हैं। सरकार की तरफ से प्रतिवर्ष निशुल्क पाठ्य पुस्तक, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर आदि का वितरण किया जाता है। अभी तक यूनिफॉर्म की रकम स्कूल के खाते में जाती थी और अध्यापक ही उसके खरीद और वितरण के लिए जिम्मेदार होते थे। इससे अक्सर अभिभावकों की ओर से बिचौलियों से खरीद करने के आरोप और यूनिफॉर्म की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शासन ने बच्चों को दी जाने वाली यूनिफॉर्म की रकम अब अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लेते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वह अभिभावकों के खाते अपडेट कर लें, ताकि उनके खातों में समय से रुपये ट्रांसफर किया किया जा सके। 15 जुलाई तक अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म की रकम पहुंच जाएगी। इसके बाद जो रकम शासन से आएगा। उसी से बच्चे अपना यूनिफॉर्म सिला अथवा खरीद सकेंगे। इस बाबत बीएसए राजेंद्र सिंह ने कहा कि यूनिफॉर्म की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल पर विराम लगेगा। शासन ने अभिभावकों के खाते अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। अब यूनिफॉर्म का रुपया अभिभावकों के खाते में पहुंचेगा। 15 जुलाई तक धनराशि आने की संभावना है।
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बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। कमीशनखोरी पर अंकुश लगाने के लिए शासन स्तर से बेसिक स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले यूनिफॉर्म की धनराशि सीधे अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिक्षा विभाग को अभिभावकों के खाते अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। 15 जुलाई तक अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंचेगी।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से संचालित 2265 परिषदीय विद्यालयों में तीन लाख 28 हजार 444 बच्चे पंजीकृत हैं। सरकार की तरफ से प्रतिवर्ष निशुल्क पाठ्य पुस्तक, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर आदि का वितरण किया जाता है। अभी तक यूनिफॉर्म की रकम स्कूल के खाते में जाती थी और अध्यापक ही उसके खरीद और वितरण के लिए जिम्मेदार होते थे। इससे अक्सर अभिभावकों की ओर से बिचौलियों से खरीद करने के आरोप और यूनिफॉर्म की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शासन ने बच्चों को दी जाने वाली यूनिफॉर्म की रकम अब अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लेते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वह अभिभावकों के खाते अपडेट कर लें, ताकि उनके खातों में समय से रुपये ट्रांसफर किया किया जा सके। 15 जुलाई तक अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म की रकम पहुंच जाएगी। इसके बाद जो रकम शासन से आएगा। उसी से बच्चे अपना यूनिफॉर्म सिला अथवा खरीद सकेंगे। इस बाबत बीएसए राजेंद्र सिंह ने कहा कि यूनिफॉर्म की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल पर विराम लगेगा। शासन ने अभिभावकों के खाते अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। अब यूनिफॉर्म का रुपया अभिभावकों के खाते में पहुंचेगा। 15 जुलाई तक धनराशि आने की संभावना है।
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