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एचआईवी व टीबी मरीजों को कोरोना से बचाने की कोशिश
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एचआईवी व टीबी मरीजों को कोरोना से बचाने की कोशिश
सिद्धार्थनगर। एचआईवी और टीबी मरीजों को कोरोना संक्रमण से बचाने की कोशिश की जा रही है। इन मरीजों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उन्हें संक्रमण का जोखिम अधिक है। ऐसे मरीजों को इलाज के लिए बुलाने की बजाए घर में रहकर ही दवा लेने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के घर दवा भेजकर उन्हें जागरूक कर रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, जिले में एचआईवी 3800 और टीबी मरीजों की संख्या 2855 है। इन लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। इन मरीजों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इस कारण एचआईवी मरीज को टीबी होने का जोखिम ज्यादा रहता है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में ऐसे लोगों के घर दवा पहुंचाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के कोआर्डिनेटर उस्मान खान ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौर में कमजोर मरीजों के परिजन को दवा लेने के लिए अस्पताल में बुलाया जा रहा है, जबकि कुछ मरीजों के घर तक दवा पहुंचाई जा रही है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि जिला अस्पताल के ओपीडी में एक सप्ताह से हर दिन होने वाली जांच में कुछ लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ रही है। टीवी और एचआईवी मरीजों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। वे जल्द ही संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम सजे ऐसे मरीजों को जागरूक किया जा रहा है कि तबीयत खराब होने पर वे डॉक्टर से कॉल पर बात करके सलाह लें। स्थिति गंभीर हो तो ही अस्पताल जाएं।
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सिद्धार्थनगर। एचआईवी और टीबी मरीजों को कोरोना संक्रमण से बचाने की कोशिश की जा रही है। इन मरीजों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उन्हें संक्रमण का जोखिम अधिक है। ऐसे मरीजों को इलाज के लिए बुलाने की बजाए घर में रहकर ही दवा लेने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के घर दवा भेजकर उन्हें जागरूक कर रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, जिले में एचआईवी 3800 और टीबी मरीजों की संख्या 2855 है। इन लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। इन मरीजों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इस कारण एचआईवी मरीज को टीबी होने का जोखिम ज्यादा रहता है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में ऐसे लोगों के घर दवा पहुंचाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के कोआर्डिनेटर उस्मान खान ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौर में कमजोर मरीजों के परिजन को दवा लेने के लिए अस्पताल में बुलाया जा रहा है, जबकि कुछ मरीजों के घर तक दवा पहुंचाई जा रही है।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि जिला अस्पताल के ओपीडी में एक सप्ताह से हर दिन होने वाली जांच में कुछ लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ रही है। टीवी और एचआईवी मरीजों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। वे जल्द ही संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम सजे ऐसे मरीजों को जागरूक किया जा रहा है कि तबीयत खराब होने पर वे डॉक्टर से कॉल पर बात करके सलाह लें। स्थिति गंभीर हो तो ही अस्पताल जाएं।
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