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Siddharthnagar News: कैंडिल मार्च निकालकर आयतुल्लाह अली खामेनेई को दी श्रद्धांजलि
Tue, 03 Mar 2026 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:00 AM IST
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भारतभारी। तहसील क्षेत्र के शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में रविवार रात ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कैंडिल मार्च निकाला गया। मार्च की अगुवाई मौलाना शहकार हुसैन जैदी ने की।
कैंडिल मार्च दरगाह चौक से शुरू होकर मुख्य मार्ग से होता हुआ बाबे अबुतालिब गेट तक पहुंचा, जहां वह सभा में तब्दील हो गया। जुलूस में सैकड़ों की संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और युवा शामिल रहे। सभी के हाथों में जलती मोमबत्तियां और अली खामेनेई की तस्वीरें थीं। इस दौरान अमेरिका, इजराइल और ट्रंप के विरोध में नारे लगाए। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मौलाना शहकार हुसैन जैदी ने कहा कि यह पूरी दुनिया के हकपसंद लोगों के लिए गम और शोक की घड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा हमले में अली खामेनेई को शहीद किया गया।
जाकिर जमाल हैदर करबलाई ने कहा कि शहीद रहबर का जीवन त्याग, सब्र और इंसाफ का प्रतीक रहा। उन्होंने उन्हें इमाम हुसैन के सिद्धांतों पर चलने वाला सच्चा सिपाही बताया। कैंडिल मार्च हल्लौर चौराहे से नौबहार गंज, चांदनी चौक होते हुए दरगाह हजरत अब्बास और जन्नतुलबकी मार्ग से वापस दरगाह चौक पहुंचकर समाप्त हुआ।
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इस अवसर पर काजी इमरान लतीफ, कसीम रिजवी, जमाल हैदर, मौलाना मुबारक, काजिम रजा, मुन्नू हाजी, राहिब, राकी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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कैंडिल मार्च दरगाह चौक से शुरू होकर मुख्य मार्ग से होता हुआ बाबे अबुतालिब गेट तक पहुंचा, जहां वह सभा में तब्दील हो गया। जुलूस में सैकड़ों की संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और युवा शामिल रहे। सभी के हाथों में जलती मोमबत्तियां और अली खामेनेई की तस्वीरें थीं। इस दौरान अमेरिका, इजराइल और ट्रंप के विरोध में नारे लगाए। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मौलाना शहकार हुसैन जैदी ने कहा कि यह पूरी दुनिया के हकपसंद लोगों के लिए गम और शोक की घड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा हमले में अली खामेनेई को शहीद किया गया।
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जाकिर जमाल हैदर करबलाई ने कहा कि शहीद रहबर का जीवन त्याग, सब्र और इंसाफ का प्रतीक रहा। उन्होंने उन्हें इमाम हुसैन के सिद्धांतों पर चलने वाला सच्चा सिपाही बताया। कैंडिल मार्च हल्लौर चौराहे से नौबहार गंज, चांदनी चौक होते हुए दरगाह हजरत अब्बास और जन्नतुलबकी मार्ग से वापस दरगाह चौक पहुंचकर समाप्त हुआ।
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इस अवसर पर काजी इमरान लतीफ, कसीम रिजवी, जमाल हैदर, मौलाना मुबारक, काजिम रजा, मुन्नू हाजी, राहिब, राकी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।