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ठंड में आसान नहीं सरकारी बसों में सफर
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रोडवेज की खस्ताहाल बस।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
ठंड में आसान नहीं रोडवेज बसों में सफर
सिद्धार्थनगर डिपो की 48 बसों में अधिकांश की खिड़कियां खराब
सिद्धार्थनगर। ठंड में सिद्धार्थनगर डिपो की बसों से यात्रा करना कठिन होगा। इस डिपो की संचालित 48 बसों में अधिकांश की खिड़कियां खराब हैं, शीशे टूटे हैं। ऐसे में सर्द हवाएं यात्रियों को ठिठुरने को मजबूर कर देती हैं।
सिद्धार्थनगर डिपो से गोरखपुर, बस्ती, लखनऊ आदि स्थानों पर जाने वाली कई बसें पुरानी हो चुकी हैं। इनमें कई की खिड़कियों के शीशे नहीं खिसकने के कारण बंद नहीं होते। इससे ठंड में यात्रियों को परेशानी होती है। कुछ बसों के शीशे टूटे हैं। शहर निवासी अजहर, सुनील, दिनेश आदि का कहना है कि परिवहन निगम की बसें जर्जर हो चुकी हैं, इनकी सीटें भी क्षतिग्रस्त हैं और खिड़कियां खराब हैं।
उन्होंने कहा कि परिवहन निगम की बसों की स्थिति में सुधार हो जाए तो यात्रियों की संख्या बढ़ जाएगी। एआरएम जगदीश प्रसाद का कहना है कि डिपो की बसें सुरक्षित और ठीक स्थिति में है, जिन बसों में दिक्कत अथवा खराबी होती है, उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाती है।
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सिद्धार्थनगर डिपो की 48 बसों में अधिकांश की खिड़कियां खराब
सिद्धार्थनगर। ठंड में सिद्धार्थनगर डिपो की बसों से यात्रा करना कठिन होगा। इस डिपो की संचालित 48 बसों में अधिकांश की खिड़कियां खराब हैं, शीशे टूटे हैं। ऐसे में सर्द हवाएं यात्रियों को ठिठुरने को मजबूर कर देती हैं।
सिद्धार्थनगर डिपो से गोरखपुर, बस्ती, लखनऊ आदि स्थानों पर जाने वाली कई बसें पुरानी हो चुकी हैं। इनमें कई की खिड़कियों के शीशे नहीं खिसकने के कारण बंद नहीं होते। इससे ठंड में यात्रियों को परेशानी होती है। कुछ बसों के शीशे टूटे हैं। शहर निवासी अजहर, सुनील, दिनेश आदि का कहना है कि परिवहन निगम की बसें जर्जर हो चुकी हैं, इनकी सीटें भी क्षतिग्रस्त हैं और खिड़कियां खराब हैं।
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उन्होंने कहा कि परिवहन निगम की बसों की स्थिति में सुधार हो जाए तो यात्रियों की संख्या बढ़ जाएगी। एआरएम जगदीश प्रसाद का कहना है कि डिपो की बसें सुरक्षित और ठीक स्थिति में है, जिन बसों में दिक्कत अथवा खराबी होती है, उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाती है।
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