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Siddharthnagar News: नदियों को निर्मल रखने के लिए निगरानी करेंगे तीन संयुक्त कार्यदल
Tue, 08 Oct 2024 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 08 Oct 2024 03:00 AM IST
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जिला गंगा समिति के समन्वय से कार्यदल रोकेगा नदियों से बालू मोरंग आदि का खनन
कार्यदल करेगा जैव चिकित्सा अपशिष्ट का प्रबंधन और कीटनाशक दवाओं का प्रबंधन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अवैध खनन रोकने और अपशिष्टों के प्रवाहित होने से प्रदूषित हो रही नदियों को निर्मल बनाए रखने के लिए पहल हुई है। इसके लिए कृषि, स्वास्थ्य और खनन विभाग के तीन अलग-अलग कार्यदल निगरानी और कार्रवाई करेंगे। इन कार्यदलों में विभागीय अधिकारी के साथ ही संबंधित तहसील क्षेत्र के एसडीएम एवं वन विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।
शासन के निर्देश पर गठित यह कार्यदल जिला गंगा समिति के समन्वय से सीधे डीएम को रिपोर्ट करेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कूड़ा और नालियों के सीवेज के गिरने के साथ जैव चिकित्सा अपशिष्ट भी डाले जाने से नदियों व जलस्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। साथ ही बालू और मोरंग के अवैध खनन से नदियों के स्वरूप में बदलाव होने के कारण प्राकृतिक नुकसान हो रहा है। वहीं इन प्राकृतिक जलस्रोतों के पास खेती के लिए रासायनिक खादों एवं कीटनाशक के अतिशय प्रयोग से भी जल दूषित हो रहे हैं।
इनकी रोकथाम एवं सुधार के लिए प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने जिलाधिकारी व अध्यक्ष, जिला गंगा समिति को निर्देश दिया है, जिसके बाद कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं खनन विभाग के अलग-अलग कार्यदल गठित करने का निर्णय लिया गया। इनमें कृषि विभाग से संबंधित कार्यदल जैविक कृषि के प्रसार एवं नदी क्षेत्रों, जल स्रोतों के समीप रासायनिक खादों एवं कीटनाशक के अप्रसार एवं अतिशय प्रयोग के रोकथाम करेगा। साथ ही जिले में जैविक, प्राकृतिक खेती के पर्यावरणीय परिप्रेक्ष्य में कृषि मानक के अनुरूप कार्रवाई करेगा। चिकित्सा विभाग की टीम निजी व सरकारी अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के उचित उपचार एवं प्रबंधन की कार्रवाई के साथ निगरानी करेगी। खनन विभाग की टीम नदी क्षेत्रों में खनन एवं खनिज उत्पादों के अवैध दोहन पर कार्रवाई करेगी।
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जिले में हैं छह नदियां और कई प्राकृतिक जलस्रोत
जिले से राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, बानगंगा और आमी समेत छह नदियां बहती हैं। इनके अलावा जमुआर, तेलार समेत कई प्राकृतिक नाले और बर्डपुर क्षेत्र में बजहा, मझौली समेत 10 बड़े सागरों के साथ ही हथिवड़ताल व लेवड़ताल समेत कई अन्य प्राकृतिक तालाब भी हैं। इन नदियों एवं जलस्रोतों में अक्सर कूड़ा के साथ ही घरों के गंदे पानी नालियों के माध्यम से गिराए जाते हैं, जिससे कई प्राकृतिक जलस्रोत प्रदूषित हो चुके हैं।
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कार्यदल में शामिल होंगे ये अधिकारी
नदियों एवं जलस्रोतों के संरक्षण के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग के कार्यदल में संबंधित तहसील के एसडीएम अथवा तहसीलदार के साथ ही दो उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित क्षेत्र के क्षेत्रीय वन अधिकारी शामिल होंगे। कृषि विभाग के कार्यदल में संबंधित तहसील के एसडीएम या तहसीलदार के साथ जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी और संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारी शामिल होंगे। खनन विभाग की टीम में एसडीएम, खनन अधिकारी व वन अधिकारी शामिल रहेंगे।
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नदियों एवं जलस्रोतों के संरक्षण के लिए गठित हुए तीनों विभागों के कार्यदल को सक्रिय रहते हुए निगरानी एवं कार्रवाई कर अपनी रिपोर्ट जिला गंगा समिति के माध्यम से भेजने का निर्देश दिया गया है। जिससे प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
-जयेंद्र कुमार, सीडीओ
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कार्यदल करेगा जैव चिकित्सा अपशिष्ट का प्रबंधन और कीटनाशक दवाओं का प्रबंधन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अवैध खनन रोकने और अपशिष्टों के प्रवाहित होने से प्रदूषित हो रही नदियों को निर्मल बनाए रखने के लिए पहल हुई है। इसके लिए कृषि, स्वास्थ्य और खनन विभाग के तीन अलग-अलग कार्यदल निगरानी और कार्रवाई करेंगे। इन कार्यदलों में विभागीय अधिकारी के साथ ही संबंधित तहसील क्षेत्र के एसडीएम एवं वन विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।
शासन के निर्देश पर गठित यह कार्यदल जिला गंगा समिति के समन्वय से सीधे डीएम को रिपोर्ट करेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कूड़ा और नालियों के सीवेज के गिरने के साथ जैव चिकित्सा अपशिष्ट भी डाले जाने से नदियों व जलस्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। साथ ही बालू और मोरंग के अवैध खनन से नदियों के स्वरूप में बदलाव होने के कारण प्राकृतिक नुकसान हो रहा है। वहीं इन प्राकृतिक जलस्रोतों के पास खेती के लिए रासायनिक खादों एवं कीटनाशक के अतिशय प्रयोग से भी जल दूषित हो रहे हैं।
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इनकी रोकथाम एवं सुधार के लिए प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने जिलाधिकारी व अध्यक्ष, जिला गंगा समिति को निर्देश दिया है, जिसके बाद कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं खनन विभाग के अलग-अलग कार्यदल गठित करने का निर्णय लिया गया। इनमें कृषि विभाग से संबंधित कार्यदल जैविक कृषि के प्रसार एवं नदी क्षेत्रों, जल स्रोतों के समीप रासायनिक खादों एवं कीटनाशक के अप्रसार एवं अतिशय प्रयोग के रोकथाम करेगा। साथ ही जिले में जैविक, प्राकृतिक खेती के पर्यावरणीय परिप्रेक्ष्य में कृषि मानक के अनुरूप कार्रवाई करेगा। चिकित्सा विभाग की टीम निजी व सरकारी अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के उचित उपचार एवं प्रबंधन की कार्रवाई के साथ निगरानी करेगी। खनन विभाग की टीम नदी क्षेत्रों में खनन एवं खनिज उत्पादों के अवैध दोहन पर कार्रवाई करेगी।
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जिले में हैं छह नदियां और कई प्राकृतिक जलस्रोत
जिले से राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, बानगंगा और आमी समेत छह नदियां बहती हैं। इनके अलावा जमुआर, तेलार समेत कई प्राकृतिक नाले और बर्डपुर क्षेत्र में बजहा, मझौली समेत 10 बड़े सागरों के साथ ही हथिवड़ताल व लेवड़ताल समेत कई अन्य प्राकृतिक तालाब भी हैं। इन नदियों एवं जलस्रोतों में अक्सर कूड़ा के साथ ही घरों के गंदे पानी नालियों के माध्यम से गिराए जाते हैं, जिससे कई प्राकृतिक जलस्रोत प्रदूषित हो चुके हैं।
कार्यदल में शामिल होंगे ये अधिकारी
नदियों एवं जलस्रोतों के संरक्षण के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग के कार्यदल में संबंधित तहसील के एसडीएम अथवा तहसीलदार के साथ ही दो उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित क्षेत्र के क्षेत्रीय वन अधिकारी शामिल होंगे। कृषि विभाग के कार्यदल में संबंधित तहसील के एसडीएम या तहसीलदार के साथ जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी और संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारी शामिल होंगे। खनन विभाग की टीम में एसडीएम, खनन अधिकारी व वन अधिकारी शामिल रहेंगे।
नदियों एवं जलस्रोतों के संरक्षण के लिए गठित हुए तीनों विभागों के कार्यदल को सक्रिय रहते हुए निगरानी एवं कार्रवाई कर अपनी रिपोर्ट जिला गंगा समिति के माध्यम से भेजने का निर्देश दिया गया है। जिससे प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
-जयेंद्र कुमार, सीडीओ