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तीन गिरफ्तार, चोरी का लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद
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तीन गिरफ्तार, चोरी का लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद
सिद्धार्थनगर। मोबाइल फोन की दुकान में हुई चोरी की वारदात का शोहरतगढ़ पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने चोरी के तीन आरोपितों को सोमवार की सुबह शोहरतगढ़ कस्बे से गिरफ्तार कर चोरी के मोबाइल फोन और लैपटॉप को बरामद किया।
पुलिस के अनुसार, दुकान के पीछे सेंध काटकर इन आरोपितों ने चोरी की थी। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में 22 जनवरी की रात मोबाइल फोन की दुकान में सेंध लगाकर चोरी हुई थी। मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित अन्य सामान की चोरी हुई थी। दुकानदार की तहरीर पर चोरी का केस दर्ज करके पुलिस मामले का पर्दाफाश करने में जुट गई थी। इसी बीच, सोमवार की सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य शोहरतगढ़ कस्बे में हैं। वे चोरी का सामान लेकर नेपाल जाने की फिराक में थे। सूचना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस टीम बताए हुए स्थान पर पहुंच गई। वहां तीन लोग दिखे।
संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से चोरी का सामान बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपितों की पहचान, इंद्रकपूर प्रजापति उर्फ कुट्टर निवासी नीबी दोहनी, राहुल निवासी गड़ाकुल, आलोक उर्फ आलू निवासी नीबी दोहनी के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपितों के पास से चोरी का लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 24 बैट्री, छह पेन ड्राइव, एक मेमोरी कार्ड और 3069 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि चोरी का सामान वे नेपाल में बेच देते थे। पुलिस के अनुसार, इन्हीं आरोपितों ने मंडवा में भी चोरी की थी। उस समय चुराए गए सामान को नेपाल में ले जाकर बेच दिए थे। तीनों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम दिया गया है।
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रेकी करके वारदात को देते थे अंजाम
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह गिरोह पहले दुकानों की रेकी करता था। गिरोह के सदस्य, दुकान में जाकर सामान खरीदते थे। दुकान में सामान और रकम का आंकलन करते थे। कब दुकानदार आता और जाता था, भागने का रास्ता कौन अपनाया जाए, इस सब की जानकारी जुटाते थे। उसके बाद वारदात को अंजाम देते थे। फिर सामान धीरे-धीरे के नेपाल में ले जाकर बेच देते थे।
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सिद्धार्थनगर। मोबाइल फोन की दुकान में हुई चोरी की वारदात का शोहरतगढ़ पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने चोरी के तीन आरोपितों को सोमवार की सुबह शोहरतगढ़ कस्बे से गिरफ्तार कर चोरी के मोबाइल फोन और लैपटॉप को बरामद किया।
पुलिस के अनुसार, दुकान के पीछे सेंध काटकर इन आरोपितों ने चोरी की थी। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में 22 जनवरी की रात मोबाइल फोन की दुकान में सेंध लगाकर चोरी हुई थी। मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित अन्य सामान की चोरी हुई थी। दुकानदार की तहरीर पर चोरी का केस दर्ज करके पुलिस मामले का पर्दाफाश करने में जुट गई थी। इसी बीच, सोमवार की सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य शोहरतगढ़ कस्बे में हैं। वे चोरी का सामान लेकर नेपाल जाने की फिराक में थे। सूचना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस टीम बताए हुए स्थान पर पहुंच गई। वहां तीन लोग दिखे।
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संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से चोरी का सामान बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपितों की पहचान, इंद्रकपूर प्रजापति उर्फ कुट्टर निवासी नीबी दोहनी, राहुल निवासी गड़ाकुल, आलोक उर्फ आलू निवासी नीबी दोहनी के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपितों के पास से चोरी का लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 24 बैट्री, छह पेन ड्राइव, एक मेमोरी कार्ड और 3069 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि चोरी का सामान वे नेपाल में बेच देते थे। पुलिस के अनुसार, इन्हीं आरोपितों ने मंडवा में भी चोरी की थी। उस समय चुराए गए सामान को नेपाल में ले जाकर बेच दिए थे। तीनों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम दिया गया है।
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रेकी करके वारदात को देते थे अंजाम
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह गिरोह पहले दुकानों की रेकी करता था। गिरोह के सदस्य, दुकान में जाकर सामान खरीदते थे। दुकान में सामान और रकम का आंकलन करते थे। कब दुकानदार आता और जाता था, भागने का रास्ता कौन अपनाया जाए, इस सब की जानकारी जुटाते थे। उसके बाद वारदात को अंजाम देते थे। फिर सामान धीरे-धीरे के नेपाल में ले जाकर बेच देते थे।