{"_id":"65b6abc04aec31790f0ee564","slug":"there-are-immense-possibilities-of-development-on-the-land-of-buddha-agriculture-minister-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-112044-2024-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुद्ध की भूमि पर है विकास की असीम संभावनाएं : कृषि मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुद्ध की भूमि पर है विकास की असीम संभावनाएं : कृषि मंत्री
विज्ञापन
: सिद्धार्थनगर महोत्सव का बीएसए मैदान में हुआ शुभारंभ
-काला नमक चावल बुद्ध का प्रसाद है, जिसका एरिया 2700 एकड़ से बढ़कर 20 हजार एकड़ में खेती हो रही
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था जय जवान-जय किसान के साथ जय विज्ञान जय अनुसंधान का, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साकार किया जा रहा है। सिद्धार्थनगर एवं कुशीनगर का अटूट रिश्ता है। भगवान गौतम बुद्ध सिद्धार्थनगर में पैदा हुए और कुशीनगर में परिनिर्वाण है।
ये बातें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बीएसए मैदान में आयोजित सिद्धार्थनगर महोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि 10 दिनों के अंदर भगवान विष्णु के दो अवतारों की जन्म स्थली पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। विभिन्न देशों की यात्रा के दौरान वहां बुद्ध की मूर्ति लगी मिली। भगवान बुद्ध की आभा से दुनिया आज भी अभिसिंचित है। आज सारी दुनिया आशा भरी नजरों से भारत की ओर देख रहा है। नीति आयोग के चयनित प्रदेश के 12 जनपदों में सिद्धार्थनगर भी शामिल है, जिसमें आठ आकांक्षा जनपद से निकलकर संभावनाओं के जनपद बने हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि यहां काला नमक चावल बुद्ध का प्रसाद है, जिसका एरिया 2700 एकड़ से बढ़कर 20 हजार एकड़ में खेती हो रही है। कृषि का बजट 30 हजार से बढ़कर 2.50 लाख करोड़ हो गया है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को अनुदानित बीजों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। कृषि यंत्रों पर भी अनुदान दिया जा रहा है। वर्ष 2024 के अंत तक एक लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य है। सोलर पंप पर 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। आज डिजिटल क्राॅप सर्वे कराया जा रहा है। दलहन और तिलहन के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बने इसके लिए बीजों पर अनुदान दिया जा रहा है, तथा 17 लाख किसानों को मिनी किट बांटा गया है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार के वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सिद्धार्थनगर महोत्सव प्रदेश और देश के लिए गौरव का प्रतीक है। भगवान गौतम बुद्ध ने अपने जीवन के युवावस्था यही पर व्यतीत किया। सिद्धार्थनगर और महराजगंज का पुराना रिश्ता है। सिद्धार्थनगर शाक्य की राजधानी है तथा महराजगंज कोलि गणराज्य की राजधानी है। महराजगंज के देवदर में उनके ननिहाल में गौतम बुद्ध का लालन पालन हुआ। सिद्धार्थनगर महोत्सव का उद्देश्य अपनी संस्कृतिक ऐतिहासिक विरासत को जानने का है।
सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि महात्मा गौतम बुद्ध ने पूरे विश्व को शांति, अंहिसा और करुणा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने 2017 में पहली कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्ज माफी की घोषणा की, जिसमें 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया गया। एक जनपद एक उत्पाद के तहत काला नमक चावल को चयनित किया गया। इस दौरान विधायक श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, डीएम पवन अग्रवाल, सीडीओ जयेंद्र कुमार, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, एसडीएम नौगढ़ डॉ. ललित कुमार मिश्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
-काला नमक चावल बुद्ध का प्रसाद है, जिसका एरिया 2700 एकड़ से बढ़कर 20 हजार एकड़ में खेती हो रही
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था जय जवान-जय किसान के साथ जय विज्ञान जय अनुसंधान का, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साकार किया जा रहा है। सिद्धार्थनगर एवं कुशीनगर का अटूट रिश्ता है। भगवान गौतम बुद्ध सिद्धार्थनगर में पैदा हुए और कुशीनगर में परिनिर्वाण है।
ये बातें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बीएसए मैदान में आयोजित सिद्धार्थनगर महोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि 10 दिनों के अंदर भगवान विष्णु के दो अवतारों की जन्म स्थली पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। विभिन्न देशों की यात्रा के दौरान वहां बुद्ध की मूर्ति लगी मिली। भगवान बुद्ध की आभा से दुनिया आज भी अभिसिंचित है। आज सारी दुनिया आशा भरी नजरों से भारत की ओर देख रहा है। नीति आयोग के चयनित प्रदेश के 12 जनपदों में सिद्धार्थनगर भी शामिल है, जिसमें आठ आकांक्षा जनपद से निकलकर संभावनाओं के जनपद बने हैं।
विज्ञापन
कृषि मंत्री ने कहा कि यहां काला नमक चावल बुद्ध का प्रसाद है, जिसका एरिया 2700 एकड़ से बढ़कर 20 हजार एकड़ में खेती हो रही है। कृषि का बजट 30 हजार से बढ़कर 2.50 लाख करोड़ हो गया है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को अनुदानित बीजों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। कृषि यंत्रों पर भी अनुदान दिया जा रहा है। वर्ष 2024 के अंत तक एक लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य है। सोलर पंप पर 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। आज डिजिटल क्राॅप सर्वे कराया जा रहा है। दलहन और तिलहन के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बने इसके लिए बीजों पर अनुदान दिया जा रहा है, तथा 17 लाख किसानों को मिनी किट बांटा गया है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार के वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सिद्धार्थनगर महोत्सव प्रदेश और देश के लिए गौरव का प्रतीक है। भगवान गौतम बुद्ध ने अपने जीवन के युवावस्था यही पर व्यतीत किया। सिद्धार्थनगर और महराजगंज का पुराना रिश्ता है। सिद्धार्थनगर शाक्य की राजधानी है तथा महराजगंज कोलि गणराज्य की राजधानी है। महराजगंज के देवदर में उनके ननिहाल में गौतम बुद्ध का लालन पालन हुआ। सिद्धार्थनगर महोत्सव का उद्देश्य अपनी संस्कृतिक ऐतिहासिक विरासत को जानने का है।
सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि महात्मा गौतम बुद्ध ने पूरे विश्व को शांति, अंहिसा और करुणा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने 2017 में पहली कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्ज माफी की घोषणा की, जिसमें 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया गया। एक जनपद एक उत्पाद के तहत काला नमक चावल को चयनित किया गया। इस दौरान विधायक श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, डीएम पवन अग्रवाल, सीडीओ जयेंद्र कुमार, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, एसडीएम नौगढ़ डॉ. ललित कुमार मिश्र मौजूद रहे।