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फिर उफनाने लगी राप्ती, गांवों में घुसा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 31 Jul 2016 10:43 PM IST
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बांसी के सूपा चौराहे पर पानी में घुसकर आते-जाते राहगीर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
भनवापुर। शनिवार रात तक राप्ती का घटता जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। पड़ोसी जिलों से लगातार पानी आने के कारण डुमरियागंज और इटवा तहसील क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में पानी घुस गया है। कई मार्गों तक पानी पहुंचने से आवागमन बाधित है। पिछले 24 घंटे के दौरान राप्ती के जलस्तर में डेढ़ फीट तक वृद्धि हुई है। नदी के उफनाने से ग्रामीणों में दहशत बढ़ने लगी है।
बांसी, नौगढ़ क्षेत्र के गांवों में तबाही मचाने के बाद राप्ती का जलस्तर शनिवार से घटने लगा था। प्रशासन व ग्रामीण इत्मीनान में थे कि अब पानी कम होने पर जनजीवन पटरी पर लौटेगा। इस बीच शनिवार देर रात से नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई है।
पानी बढ़ने से रमवापुर, जगतराम, सेखुई, डिवलीडीहा, गुलरिहा, दक्खिनवा, सिकंदरपुर और मनकौरा आदि गांवों में पानी घुस गया। यह वह गांव हैं, जो अब तक बाढ़ की चपेट में नहीं आए थे। नदी का रौद्र रूप देख ग्रामीणों में भय बढ़ता जा रहा है।
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उधर, जलस्तर में वृद्धि से शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग, गागापुर, बेलवा, बिजौरा आदि मार्गों पर दो फीट तक पानी पहुंच गया है। इससे आवागमन बाधित है। सांसद जगदंबिका पाल ने इन गांवों का भ्रमण कर पीड़ितों में राहत सामग्री वितरित की। नदी में बढ़ाव की जानकारी होने पर जला प्रशासन ने क्षेत्र में एनडीआरएफ की टीम लगाकर बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने व पीड़ित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का निर्देश दिया।
उधर, विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया।
इटवा। क्षेत्र के बूढ़ी राप्ती नदी में रविवार कोउफान के कारण परसोहन से इमिलिया मार्ग पर पानी आ गया है। इस मार्ग पर इमिलियां, लुमुइया, बसंतपुर, बेलभरिया आदि गांवों में आवागमन बाधित हो गया है। वहीं दलपतपुर-डेंगहर से परसोहन के बीच कई स्थानों पर रेन कट व बंधों में बने होल से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ा तो बंधा कट सकता है। डेंगहर के ग्रामीण जगराम, प्रेम कुमार, मनोज का कहना है कि गांव के ठीक सामने बांध है, जहां पूर्व में बंधों के किनारे बोरी आदि डाला गया था, लेकिन इस वर्ष मरम्मत न होने से परेशानी बढ़ सकती है।
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बांसी, नौगढ़ क्षेत्र के गांवों में तबाही मचाने के बाद राप्ती का जलस्तर शनिवार से घटने लगा था। प्रशासन व ग्रामीण इत्मीनान में थे कि अब पानी कम होने पर जनजीवन पटरी पर लौटेगा। इस बीच शनिवार देर रात से नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई है।
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पानी बढ़ने से रमवापुर, जगतराम, सेखुई, डिवलीडीहा, गुलरिहा, दक्खिनवा, सिकंदरपुर और मनकौरा आदि गांवों में पानी घुस गया। यह वह गांव हैं, जो अब तक बाढ़ की चपेट में नहीं आए थे। नदी का रौद्र रूप देख ग्रामीणों में भय बढ़ता जा रहा है।
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उधर, जलस्तर में वृद्धि से शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग, गागापुर, बेलवा, बिजौरा आदि मार्गों पर दो फीट तक पानी पहुंच गया है। इससे आवागमन बाधित है। सांसद जगदंबिका पाल ने इन गांवों का भ्रमण कर पीड़ितों में राहत सामग्री वितरित की। नदी में बढ़ाव की जानकारी होने पर जला प्रशासन ने क्षेत्र में एनडीआरएफ की टीम लगाकर बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने व पीड़ित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का निर्देश दिया।
उधर, विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया।
इटवा। क्षेत्र के बूढ़ी राप्ती नदी में रविवार कोउफान के कारण परसोहन से इमिलिया मार्ग पर पानी आ गया है। इस मार्ग पर इमिलियां, लुमुइया, बसंतपुर, बेलभरिया आदि गांवों में आवागमन बाधित हो गया है। वहीं दलपतपुर-डेंगहर से परसोहन के बीच कई स्थानों पर रेन कट व बंधों में बने होल से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ा तो बंधा कट सकता है। डेंगहर के ग्रामीण जगराम, प्रेम कुमार, मनोज का कहना है कि गांव के ठीक सामने बांध है, जहां पूर्व में बंधों के किनारे बोरी आदि डाला गया था, लेकिन इस वर्ष मरम्मत न होने से परेशानी बढ़ सकती है।