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Siddharthnagar News: पूरी तरह खुली नेपाल सीमा की सुरक्षा बनी चुनौती
Thu, 27 Jul 2023 10:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 27 Jul 2023 10:32 PM IST
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खुनुवा सीमा पर बाइक की तलाशी लेता एसएसबी का जवान।
सिद्धार्थनगर। खुनुवां बार्डर से पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर के भारतीय सीमा में अनाधिकृत रूप से घुसने की घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी की 43वीं और 50 वीं वाहिनी के जवानों ने आवागमन करने वालों की जांच प्रक्रिया सख्त कर दी है। खुनुवां व बढ़नी बार्डर से होकर आने-जाने वाले लोगों के आधार कार्ड व नागरिकता कार्ड की सघन जांच सुरक्षाकर्मी कर रहे हैं।
भारत-नेपाल की पूरी तरह से खुली सीमा सुरक्षा की दृष्टि से हमेशा संवेदनशील रही है। ड्रग्स और अन्य समानों की तस्करी के साथ मानव ट्रैफिकिंग के मामले यहां के लिए नए नहीं है। पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर के खुनुवा बार्डर से भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद एक बार फिर सीमा की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गई है। पूरी तरह से खुली सीमा की पुख्ता सुरक्षा की दुश्वारियों के बीच एसएसबी के लिए सीमा की सुरक्षा की चौक-चौबंद रखना हमेशा से एक चुनतौती रही है। सीमा हैदर के अनाधिकृत प्रवेश के मामले नेपाल सीमा की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। हांलाकि उसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर आवागमन करने वालों की जांच बढ़ा दी है। बावजूद इसके सीमा पर अधिकृत प्रवेश मार्गों के अलावा तमाम ऐसी पगडंडियां व कच्चे रास्ते हैं जिससे बेरोकटोक आवागमन होता रहता है। सुरक्षा एजेंसियों की तमाम कोशिशों के बाद इन अवैध रास्तों पर नजर रख पाना बेहद मुश्किल होता है। बढ़नी-नुवां के बीच बगही, बसंतपुर, लोहटी, कोटिया, धनौरा मुस्तकहम, बगुलहवा आदि गांवों के पास ऐसे ही कच्चे रास्ते हैं, जिससे लोग बिना किसी चेकिंग से गुजरे आवागमन कर सकते हैं। इन्हीं रास्तों से शराब, खाद, खाद्यान्न व अन्य वस्तुओं की तस्करी करने वाले लोग आसानी से सीमा पार करते हैं। सीमा की सुरक्षा मेें तैनात एसएसबी, पुलिस के साथ समन्वय बनाकर खुली सीमा की पेट्रोलिंग करती रहती है। बावजूद इसके पूरी तरह से खुली सीमा की अचूक निगरानी बेहद कठिन साबित हो रही है।
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भारत-नेपाल की पूरी तरह से खुली सीमा सुरक्षा की दृष्टि से हमेशा संवेदनशील रही है। ड्रग्स और अन्य समानों की तस्करी के साथ मानव ट्रैफिकिंग के मामले यहां के लिए नए नहीं है। पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर के खुनुवा बार्डर से भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद एक बार फिर सीमा की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गई है। पूरी तरह से खुली सीमा की पुख्ता सुरक्षा की दुश्वारियों के बीच एसएसबी के लिए सीमा की सुरक्षा की चौक-चौबंद रखना हमेशा से एक चुनतौती रही है। सीमा हैदर के अनाधिकृत प्रवेश के मामले नेपाल सीमा की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। हांलाकि उसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर आवागमन करने वालों की जांच बढ़ा दी है। बावजूद इसके सीमा पर अधिकृत प्रवेश मार्गों के अलावा तमाम ऐसी पगडंडियां व कच्चे रास्ते हैं जिससे बेरोकटोक आवागमन होता रहता है। सुरक्षा एजेंसियों की तमाम कोशिशों के बाद इन अवैध रास्तों पर नजर रख पाना बेहद मुश्किल होता है। बढ़नी-नुवां के बीच बगही, बसंतपुर, लोहटी, कोटिया, धनौरा मुस्तकहम, बगुलहवा आदि गांवों के पास ऐसे ही कच्चे रास्ते हैं, जिससे लोग बिना किसी चेकिंग से गुजरे आवागमन कर सकते हैं। इन्हीं रास्तों से शराब, खाद, खाद्यान्न व अन्य वस्तुओं की तस्करी करने वाले लोग आसानी से सीमा पार करते हैं। सीमा की सुरक्षा मेें तैनात एसएसबी, पुलिस के साथ समन्वय बनाकर खुली सीमा की पेट्रोलिंग करती रहती है। बावजूद इसके पूरी तरह से खुली सीमा की अचूक निगरानी बेहद कठिन साबित हो रही है।

खुनुवा सीमा पर बाइक की तलाशी लेता एसएसबी का जवान।
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