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बच्चों के सिर पर ‘खतरे’ की छत
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:45 PM IST
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मल्हवार स्थित प्राथमिक विद्यालय के नींव से निकली बरगद की जड़ें।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। भनवापुर बीआरसी क्षेत्र के मल्हवार स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन काफी जर्जर हो चुका है। वर्ष 1999 में बने इस भवन के छत का बिम छत छोड़ने के साथ ही फट चुका है। बिम को सपोर्ट करने वाली दीवारों में भी मोटी दरारें आ चुकी हैं। नींव में बरगद की जड़ें निकल आई हैं। भवन का प्लास्टर भी पूरी तरह से टूट चुका है। विद्यालय में 140 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रधानाध्यापक राम सकल ने बताया कि कई बार विभाग के साथ ही ग्राम प्रधान के जरिए भी ब्लॉक और जिला स्तरीय अधिकारियों को भवन जर्जर होने की जानकारी देकर मरम्मत की मांग की गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अभिभावक दुख राम, चंद्र्रशेखर चतुर्वेदी, राकेश कुमार, कृष्ण कुमार शर्मा, रमेश और ओमप्रकाश मिश्रा आदि ने कहा कि उन्हें तो अब बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगता है। जब तक बच्चे स्कूल से लौटकर घर नहीं आ जाते, ध्यान उन्हीं की तरफ लगा रहता है। विद्यालय के भवन की हालत देखकर बच्चों की चिंता सताने लगती है। अभिभावकों ने कहा कि अगर जल्द ही विद्यालय के भवन की मरम्मत नहीं किया गया तो वे बच्चों का नाम विद्यालय से कटवा लेंगे। इस संबंध में भनवापुर बीईओ चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि भवन जर्जर होने की जानकारी नहीं है। प्रधानाध्यापक से शिक्षण कार्य बंद करवाने के निर्देश देने के साथ ही ग्राम प्रधान से भवन के मरम्मत के लिए पत्र भी लिखेंगे।
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अभिभावक दुख राम, चंद्र्रशेखर चतुर्वेदी, राकेश कुमार, कृष्ण कुमार शर्मा, रमेश और ओमप्रकाश मिश्रा आदि ने कहा कि उन्हें तो अब बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगता है। जब तक बच्चे स्कूल से लौटकर घर नहीं आ जाते, ध्यान उन्हीं की तरफ लगा रहता है। विद्यालय के भवन की हालत देखकर बच्चों की चिंता सताने लगती है। अभिभावकों ने कहा कि अगर जल्द ही विद्यालय के भवन की मरम्मत नहीं किया गया तो वे बच्चों का नाम विद्यालय से कटवा लेंगे। इस संबंध में भनवापुर बीईओ चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि भवन जर्जर होने की जानकारी नहीं है। प्रधानाध्यापक से शिक्षण कार्य बंद करवाने के निर्देश देने के साथ ही ग्राम प्रधान से भवन के मरम्मत के लिए पत्र भी लिखेंगे।
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