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विद्यालय के विकास में प्रधानाचार्यों की भूमिका अहम : हेमचंद्र
Fri, 09 Jun 2023 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 09 Jun 2023 11:18 PM IST
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सिद्धार्थनगर। किसी भी विद्यालय के विकास में प्रधानाचार्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और संस्थान के प्रत्येक कार्य पर उसके व्यक्तित्व व आदर्शों की छाप पड़ती है। प्रधानाचार्य ही विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाता है और अन्य सहयोगियों के साथ छात्र-छात्राएं मिलकर उसका सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करते हैं। ये बातें विद्या भारती पूर्वी उप्र क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र ने कहीं। वे शुक्रवार को शहर स्थित रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज तेतरी बाजार में आयोजित तीन दिवसीय प्रधानाचार्य वार्षिक कार्य योजना बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि गुणवत्ता परक शिक्षा के बिना हम विद्या भारती के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकते हैं। यह तभी संभव है जब हम अपने विद्यालयों में संस्कारों से पूर्ण वातावरण व योजना के अनुरूप गुणवत्ता परक शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करें। हम सब सेवा भाव से शिक्षा के क्षेत्र में समाज में रहकर काम करने वाले कार्यकर्ता हैं, इसलिए अपने काम के प्रति समर्पित होना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन दिवाकर ने किया। इस दौरान अवध नारायण मिश्र, रामनाथ गुप्त, विनोद कांत, राम सिंह, जियालाल, जगदीश सिंह समेत गोरक्ष प्रांत के 10 जिलों के शिशु शिक्षा समिति व जन शिक्षा समिति के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि गुणवत्ता परक शिक्षा के बिना हम विद्या भारती के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकते हैं। यह तभी संभव है जब हम अपने विद्यालयों में संस्कारों से पूर्ण वातावरण व योजना के अनुरूप गुणवत्ता परक शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करें। हम सब सेवा भाव से शिक्षा के क्षेत्र में समाज में रहकर काम करने वाले कार्यकर्ता हैं, इसलिए अपने काम के प्रति समर्पित होना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन दिवाकर ने किया। इस दौरान अवध नारायण मिश्र, रामनाथ गुप्त, विनोद कांत, राम सिंह, जियालाल, जगदीश सिंह समेत गोरक्ष प्रांत के 10 जिलों के शिशु शिक्षा समिति व जन शिक्षा समिति के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
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