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जो सड़क न बनवा सके, उन्हें क्यों दें वोट

Sat, 04 Feb 2017 10:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Sat, 04 Feb 2017 10:59 PM IST
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The road is not made, why they should vote
elections - फोटो : DEMO PIC
सिद्धार्थनगर। विधानसभा चुनाव के मतदान को लेकर हर कोई गंभीर नजर आ रहा है। जहां चार लोगों का समूह एक हुआ केवल चुनाव की ही चर्चा हो रही है। न्यायालय परिसर में दोपहर के वक्त चाय की दुकान पर अधिवक्ताओं में कुछ इसी प्रकार बहस छिड़ गई। शुरुआत राजनीति में बदलाव से हुई तो चर्चा नेताओं के चाल-चरित्र तक पहुंच गई। मुद्दों से इतर जाति-धर्म की राजनीति पर अफसोस जताया। प्रबुद्ध वर्ग का प्रतिनिधित्व करते अधिवक्ताओं का कहना था कि अब जाति-धर्म बहुत हो चुका। विकास करने वाले विधायक और सरकार की जरूरत है।
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 अधिवक्ता विभूति कर पाठक ने कहा कि आजादी के कुछ दशकों तक सिर्फ विकास मुद्दा था, लेकिन अब जाति-धर्म के आगे सब गौण हो गए हैं। नतीजा राजनीति से मन उचट रहा है। जो जातिवाद व संप्रदायवाद से हटकर विकास की बात करेगा उसी दल के प्रत्याशी को वोट करने की जरूरत है। अधिवक्ता नारदमुनि पांडेय का मत था कि चुनाव के वक्त तो हर दल लंबे-चौड़े वादे करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तक किसी ने यहां की जनता के लिए कुछ नहीं किया है। जनता का मूड बदल रहा है। अब विकास की बात पर वोट होगा।
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अधिवक्ता रामउजागिर पांडेय ने सुझाव दिया कि इस बार चुनाव में ऐसे लोगों को नकारने की जरूरत है, जिन्होंने सत्ता पाकर भी विकास के रूप में कुछ नहीं किया। ऐेस लोगों को नकारकर नए चेहरे को तरजीह मिलेगी तो असर जरूर दिखेगा। पूर्व डीजीसी रहे हीरा पांडेय ने सहमति जताते हुए कहा कि पार्टियों को टिकट वितरण करते वक्त यह ध्यान देना चाहिए कि जिसको पहले प्रत्याशी बनाया, उसने चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में कुछ नहीं किया या नहीं। काम न करने वालों को जनता पर नहीं थोपना चाहिए। अधिवक्ता कन्हैया पांडेय ने कहा कि जिले की सभी सड़के जर्जर हैं किसी भी सड़क पर चलने लायक नहीं रह गया है।
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हर बार सड़क, शिक्षा स्वास्थ्य के सुधार के लिए पार्टियां घोषण पत्र जारी करती हैं, जनता से लोक लुभावाने वादे किए जाते हैं, लेकिन होता कुछ नहीं। जीतने के बाद विधायक जी गांव में झांकने तक नहीं आते। जब मुख्यालय का वीआईपी मार्ग तीन वर्षों में सही नहीं हो सका तो क्षेत्र के विकास की कल्पना कैसे कर सकते हैं। जिले के विकास के लिए कर्मठ व ईमानदार व्यक्ति को परखने के बाद वोट किया जाना अच्छा रहेगा। अधिवक्ता रूपनरायन पांडेय ने कहा आज सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है। सुरक्षा व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाली पार्टी को ही चुना जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यहां की साक्षरता दर में काफी कमी है। जिसकी मुख्य वहज अच्छे शिक्षण संस्थान का न होना है। यहां एक विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, लेकिन उसे भी मुख्यालय से 20 किलो मीटर दूरी नेपाल सीमा पर बना दिया गया, जो ठीक नहीं हैं। ऐसे पार्टी के ऐसे नेता को इसबार वोट दिया जाए जो यहां के विकास को लेकर गंभीर हो।
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