{"_id":"651337dcec240deee20a2c24","slug":"the-murder-accused-of-the-young-man-will-be-decided-based-on-the-testimony-of-27-people-siddharthnagar-news-c-7-1-gkp1016-318033-2023-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: 27 लोगों की गवाही से होगा युवक के हत्यारोपियों का फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: 27 लोगों की गवाही से होगा युवक के हत्यारोपियों का फैसला
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। शहर के बेलहिया मंदिर के पास 11 माह पहले लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के दौरान रात में भीड़ के बीच राहुल (18) की चाकू से गोदकर की गई हत्या से सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे में घटना का खुलासा करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में यह आरोपी उच्च न्यायालय से मिली जमानत पर जेल से बाहर हैं। इस मामले में न्यायालय में चल रहे ट्रायल में साक्ष्य की कार्रवाई जारी है। मामले में सात चश्मदीद व चार विवचेकों सहित 27 गवाहों की गवाही होनी है। इसमें मात्र एक गवाह मृतक के बाबा संतराम वर्मा की गवाही हुई है। घटना से जुड़े लोगों को कोर्ट से जल्द न्याय की उम्मीद है।
मामला 26 अक्टूबर 2022 की रात्रि एक बजे सिद्धार्थनगर थानाक्षेत्र के बेलहिया में हुई हत्या का है। शहर के मुड़िला निवासी संतराम वर्मा पुत्र बाबूराम वर्मा ने तहरीर दी कि उनका नाती राहुल वर्मा पुत्र सुरेश वर्मा 26 अक्टूबर 2022 की रात्रि लक्ष्मी पूजा विसर्जन में गया था। लक्ष्मी प्रतिमा का डोला देर रात बेलहिया दुर्गा मंदिर की तरफ जा रहा था। उधर से बादशाह कमेटी का डोला पहुंचने पर डीजे बजाने के लिए दोनों डोलों के बीच प्रतिस्पर्धा होने से टकराव हो गया, जिससे बादशाह कमेटी के डोले के अज्ञात व्यक्ति ने राहुल वर्मा को पेट में चाकू मारकर घायल कर दिया और पेट में ही चाकू छोड़कर फरार हो गए। मौके पर मौजूद लोग उसे जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने हत्या के आरोप अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया। शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया। मुखबिर की सूचना पर तत्कालीन प्रभारी थानाध्यक्ष तहसीलदार सिंह ने हमराहियों के साथ अगले दिन सुबह ही सदर थानाक्षेत्र के रामनगर निवासी अभियुक्त सागर यादव, अंकित यादव, सजीवन यादव, मुकेश कुमार यादव उर्फ मोनू एवं चिल्हिया थानाक्षेत्र के ग्राम धुसुरी निवासी राजन यादव को जमुआर नाले के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनको हत्या, बलवा एवं दंगा तथा आर्म्स एक्ट का आरोपी बनाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने आरोपी अभियुक्तों को जेल भेज दिया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
बदलते रहे घटना के विवेचक
विवेचना के दौरान विवेचक तहसीलदार सिंह का स्थानांतरण हो गया, जिसके बाद निरीक्षक अजय कुमार यादव, निरीक्षक संतोष कुमार यादव एवं निरीक्षक सतीश कुमार सिंह ने विवेचना की और साक्ष्य संकलित किया। विवेचना पूर्ण होने पर अंतिम विवेचक निरीक्षक सतीश कुमार सिंह ने 18 दिसंबर 2022 को आरोप पत्र तैयार करके संपूर्ण केस डायरी सीओ सदर की पेशी पर पेश किया। जहां से दो जनवरी 2023 को न्यायालय जाने का आदेश हुआ। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप दाखिल किया।
-- -- -- -- -- -- --
कोर्ट में चल रहा ट्रायल
16 जनवरी 2023 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रद्धा भारतीय ने मामले का संज्ञान लेकर सत्र परीक्षणीय पाते हुए उसे उसी दिन सत्र न्यायालय को
सुपुर्द कर दिया। साथ ही अभियुक्तों को आदेशित किया कि 30 जनवरी को सत्र न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो। सत्र न्यायालय ने मामले में न्यायिक कार्रवाई शुरू की और एक जून 2023 को अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप तय किया, जिससे अभियुक्तों ने इन्कार किया और विचारण की मांग की। इसके बाद पत्रावली साक्ष्य में नियत हुई और 26 जुलाई को मृतक के बाबा वादी मुकदमा संतराम वर्मा की गवाही हुई। पत्रावली में विचारण की कार्रवाई शेष साक्ष्य में चल रही है। मामले में सात चश्मदीद, चार विवेचकों, मृत घोषित करने वाले चिकित्सक, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक, पंचनामा के गवाहों सहित कुल 27 गवाहों की गवाही होनी है।
-- -- -- -- -- -- --
छह माह में ट्रायल पूरा करने का है आदेश
जेल में बंद रहने के दौरान अभियुक्तों के परिजनों ने सत्र न्यायालय से जमानत नहीं मिलने पर उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की। जहां से सभी अभियुक्तों को अलग-अलग तिथियों में जमानत मिल गई है। इसमें अभियुक्त राजन यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है, यदि कोई अन्य कानूनी अड़चन न हो तो परीक्षण न्यायालय यथासंभव प्रयास करते हुए आवेदक की रिहाई के छह माह के भीतर मामले का परीक्षण पूरा करे। तीन मई को जमानत आदेश के अनुपालन में अभियुक्त राजन यादव 17 मई 2023 को रिहा हुआ है।
विज्ञापन
मामला 26 अक्टूबर 2022 की रात्रि एक बजे सिद्धार्थनगर थानाक्षेत्र के बेलहिया में हुई हत्या का है। शहर के मुड़िला निवासी संतराम वर्मा पुत्र बाबूराम वर्मा ने तहरीर दी कि उनका नाती राहुल वर्मा पुत्र सुरेश वर्मा 26 अक्टूबर 2022 की रात्रि लक्ष्मी पूजा विसर्जन में गया था। लक्ष्मी प्रतिमा का डोला देर रात बेलहिया दुर्गा मंदिर की तरफ जा रहा था। उधर से बादशाह कमेटी का डोला पहुंचने पर डीजे बजाने के लिए दोनों डोलों के बीच प्रतिस्पर्धा होने से टकराव हो गया, जिससे बादशाह कमेटी के डोले के अज्ञात व्यक्ति ने राहुल वर्मा को पेट में चाकू मारकर घायल कर दिया और पेट में ही चाकू छोड़कर फरार हो गए। मौके पर मौजूद लोग उसे जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
पुलिस ने हत्या के आरोप अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया। शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया। मुखबिर की सूचना पर तत्कालीन प्रभारी थानाध्यक्ष तहसीलदार सिंह ने हमराहियों के साथ अगले दिन सुबह ही सदर थानाक्षेत्र के रामनगर निवासी अभियुक्त सागर यादव, अंकित यादव, सजीवन यादव, मुकेश कुमार यादव उर्फ मोनू एवं चिल्हिया थानाक्षेत्र के ग्राम धुसुरी निवासी राजन यादव को जमुआर नाले के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनको हत्या, बलवा एवं दंगा तथा आर्म्स एक्ट का आरोपी बनाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने आरोपी अभियुक्तों को जेल भेज दिया।
विज्ञापन
बदलते रहे घटना के विवेचक
विवेचना के दौरान विवेचक तहसीलदार सिंह का स्थानांतरण हो गया, जिसके बाद निरीक्षक अजय कुमार यादव, निरीक्षक संतोष कुमार यादव एवं निरीक्षक सतीश कुमार सिंह ने विवेचना की और साक्ष्य संकलित किया। विवेचना पूर्ण होने पर अंतिम विवेचक निरीक्षक सतीश कुमार सिंह ने 18 दिसंबर 2022 को आरोप पत्र तैयार करके संपूर्ण केस डायरी सीओ सदर की पेशी पर पेश किया। जहां से दो जनवरी 2023 को न्यायालय जाने का आदेश हुआ। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप दाखिल किया।
कोर्ट में चल रहा ट्रायल
16 जनवरी 2023 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रद्धा भारतीय ने मामले का संज्ञान लेकर सत्र परीक्षणीय पाते हुए उसे उसी दिन सत्र न्यायालय को
सुपुर्द कर दिया। साथ ही अभियुक्तों को आदेशित किया कि 30 जनवरी को सत्र न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो। सत्र न्यायालय ने मामले में न्यायिक कार्रवाई शुरू की और एक जून 2023 को अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप तय किया, जिससे अभियुक्तों ने इन्कार किया और विचारण की मांग की। इसके बाद पत्रावली साक्ष्य में नियत हुई और 26 जुलाई को मृतक के बाबा वादी मुकदमा संतराम वर्मा की गवाही हुई। पत्रावली में विचारण की कार्रवाई शेष साक्ष्य में चल रही है। मामले में सात चश्मदीद, चार विवेचकों, मृत घोषित करने वाले चिकित्सक, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक, पंचनामा के गवाहों सहित कुल 27 गवाहों की गवाही होनी है।
छह माह में ट्रायल पूरा करने का है आदेश
जेल में बंद रहने के दौरान अभियुक्तों के परिजनों ने सत्र न्यायालय से जमानत नहीं मिलने पर उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की। जहां से सभी अभियुक्तों को अलग-अलग तिथियों में जमानत मिल गई है। इसमें अभियुक्त राजन यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है, यदि कोई अन्य कानूनी अड़चन न हो तो परीक्षण न्यायालय यथासंभव प्रयास करते हुए आवेदक की रिहाई के छह माह के भीतर मामले का परीक्षण पूरा करे। तीन मई को जमानत आदेश के अनुपालन में अभियुक्त राजन यादव 17 मई 2023 को रिहा हुआ है।