{"_id":"687d2a355bc309db380a1bdd","slug":"the-list-will-be-prepared-at-school-level-and-sports-talent-will-be-enhanced-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-141430-2025-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: विद्यालय स्तर पर तैयार होगी सूची, निखारी जाएगी खेल प्रतिभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: विद्यालय स्तर पर तैयार होगी सूची, निखारी जाएगी खेल प्रतिभा
विज्ञापन
-दस्तावेज पुष्टि के लिए डीआईओएस कार्यालय का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर
-खेल में रुचि रखने वाले छात्रों को दिया जाएगा मौका
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। परिषदीय से लेकर माध्यमिक स्तर के स्कूलों में अध्ययनरत ऐसे छात्र-छात्राएं जो खेलों में रुचि रखते हों, उन्हें अब अपने चयन के लिए भागमभाग नहीं करनी पड़ेगी। अब स्कूल स्तर पर ही खिलाड़ियों की पात्रता सूची तैयार की जाएगी। इससे समय रहते खेलों को संपन्न कराया जा सकेगा। इस काम में सबसे अहम भूमिका खेल शिक्षकों की होगी।
हर साल पात्रता सूची और दस्तावेजों की प्रक्रिया में देरी होने के कारण दर्जनों की संख्या में छात्र-छात्राएं खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाते थे। वहीं खेल शिक्षकों को खिलाड़ियों की सूची और दस्तावेजों की पुष्टि कराने के लिए डीआईओएस कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब यह व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है।
वहीं सही समय पर खिलाड़ियों की सूची न बनने के चलते खेलों में जिले की सहभागिता में कमी आ रही थी। कहा कि नियमों में सुधार करते हुए यह प्रक्रिया अब प्रधानाचार्य और खेल शिक्षक के कंधों पर डाल दी गई है। वह अपने स्कूल के खिलाड़ियों की सूची तैयार करते हुए संबंधित अधिकारी से उसकी जांच कराएंगे।
विज्ञापन
इससे खिलाड़ियों के साथ ही शिक्षकों की भाग दौड़ में कमी आएगी। डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालय स्तर पर ही खिलाड़ियों की सूची बनाई जाएगी। इससे खेल प्रतिभा में निखार आएगी।
विज्ञापन
-खेल में रुचि रखने वाले छात्रों को दिया जाएगा मौका
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। परिषदीय से लेकर माध्यमिक स्तर के स्कूलों में अध्ययनरत ऐसे छात्र-छात्राएं जो खेलों में रुचि रखते हों, उन्हें अब अपने चयन के लिए भागमभाग नहीं करनी पड़ेगी। अब स्कूल स्तर पर ही खिलाड़ियों की पात्रता सूची तैयार की जाएगी। इससे समय रहते खेलों को संपन्न कराया जा सकेगा। इस काम में सबसे अहम भूमिका खेल शिक्षकों की होगी।
हर साल पात्रता सूची और दस्तावेजों की प्रक्रिया में देरी होने के कारण दर्जनों की संख्या में छात्र-छात्राएं खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाते थे। वहीं खेल शिक्षकों को खिलाड़ियों की सूची और दस्तावेजों की पुष्टि कराने के लिए डीआईओएस कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब यह व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है।
विज्ञापन
वहीं सही समय पर खिलाड़ियों की सूची न बनने के चलते खेलों में जिले की सहभागिता में कमी आ रही थी। कहा कि नियमों में सुधार करते हुए यह प्रक्रिया अब प्रधानाचार्य और खेल शिक्षक के कंधों पर डाल दी गई है। वह अपने स्कूल के खिलाड़ियों की सूची तैयार करते हुए संबंधित अधिकारी से उसकी जांच कराएंगे।
विज्ञापन
इससे खिलाड़ियों के साथ ही शिक्षकों की भाग दौड़ में कमी आएगी। डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालय स्तर पर ही खिलाड़ियों की सूची बनाई जाएगी। इससे खेल प्रतिभा में निखार आएगी।