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Siddharthnagar News: तपिश ने बदली दिनचर्या... सुबह-शाम में सिमटे काम
Sun, 24 May 2026 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 24 May 2026 01:42 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिले और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है। खेतों से लेकर दिहाड़ी मजदूरी तक हर काम का समय बदल गया है। गांवों में सुबह जल्दी काम शुरू हो रहा है, जबकि दोपहर में सड़कें और खेत सूने पड़ जा रहे हैं।
नौगढ़ ब्लॉक के परसा गांव निवासी किसान रामविलास यादव बताते हैं कि पहले सुबह 9-10 बजे तक खेत में आराम से काम हो जाता था, लेकिन अब सात बजे के बाद ही तेज धूप और गर्म हवा चलने लगती है। उन्होंने बताया कि धान की नर्सरी और सिंचाई का काम अब सुबह जल्दी या देर शाम करना पड़ रहा है।
उसका बाजार क्षेत्र के मजदूर मोहम्मद सलीम कहते हैं कि निर्माण स्थलों पर दोपहर में काम करना मुश्किल हो गया है। तेज गर्मी में सिर चकराने और कमजोरी की शिकायत बढ़ रही है। कई ठेकेदार अब सुबह छह बजे से काम शुरू करा रहे हैं ताकि दोपहर से पहले काम पूरा हो सके। बांसी तहसील के महोखवा गांव की पशुपालक सुनीता देवी बताती हैं कि पशुओं के लिए पानी और हरे चारे की दिक्कत बढ़ गई है। तालाबों का पानी घट रहा है और हरा चारा जल्दी सूख जा रहा है। इससे पशुओं को संभालना महंगा पड़ रहा है। इटवा क्षेत्र के किसान रफीक अहमद का कहना है कि गर्मी का असर मजदूरी पर भी पड़ रहा है।
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नौगढ़ ब्लॉक के परसा गांव निवासी किसान रामविलास यादव बताते हैं कि पहले सुबह 9-10 बजे तक खेत में आराम से काम हो जाता था, लेकिन अब सात बजे के बाद ही तेज धूप और गर्म हवा चलने लगती है। उन्होंने बताया कि धान की नर्सरी और सिंचाई का काम अब सुबह जल्दी या देर शाम करना पड़ रहा है।
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उसका बाजार क्षेत्र के मजदूर मोहम्मद सलीम कहते हैं कि निर्माण स्थलों पर दोपहर में काम करना मुश्किल हो गया है। तेज गर्मी में सिर चकराने और कमजोरी की शिकायत बढ़ रही है। कई ठेकेदार अब सुबह छह बजे से काम शुरू करा रहे हैं ताकि दोपहर से पहले काम पूरा हो सके। बांसी तहसील के महोखवा गांव की पशुपालक सुनीता देवी बताती हैं कि पशुओं के लिए पानी और हरे चारे की दिक्कत बढ़ गई है। तालाबों का पानी घट रहा है और हरा चारा जल्दी सूख जा रहा है। इससे पशुओं को संभालना महंगा पड़ रहा है। इटवा क्षेत्र के किसान रफीक अहमद का कहना है कि गर्मी का असर मजदूरी पर भी पड़ रहा है।
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