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Siddharthnagar News: त्योहार बीता, अब रोजगार की बारी, परदेस लाैटने के लिए कदम-कदम पर मशक्कतल
Fri, 06 Mar 2026 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 06 Mar 2026 11:27 PM IST
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सिद्धार्थनगर। होली का पर्व समाप्त होते ही घर लौटे लोग अब लौटने लगे हैं। नौकरी, व्यवसाय और पढ़ाई के लिए बाहर रह रहे लोग त्योहार मनाने के लिए अपने घर पहुंचे थे। वे एक बार फिर अपने-अपने कार्यस्थलों की ओर लौटने लगे हैं।
शुक्रवार को सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। प्लेटफार्म पर भी लोगों का हुजूम नजर आया। जनरल टिकट के लिए लोग कतारों में खड़े नजर आए। सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन, शोहरतगढ़ और बढ़नी रेलवे स्टेशन के साथ ही डुमरियागंज रोडवेज स्टेशन तथा बंसी बस स्टैंड पर यात्रियों की बड़ी संख्या देखी गई।
यात्रियों की बात की गई पता चला कि कोई दिल्ली, लखनऊ और गोरखपुर रूट की ट्रेनों और बसों में सबसे ज्यादा दबाव रहा। स्टेशन और बस अड्डों के बाहर ऑटो व ई-रिक्शा की मांग भी अचानक बढ़ गई, जिससे पूरे दिन चहल-पहल का माहौल बना रहा। बांसी स्टैंड, उसका स्टैंड और लोटन जाने वाले मार्ग पर ई-रिक्शा और टेंपो से लोग आते हुए दिखे, जिन्हें बाहर जाना था।
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जनपद में उद्योग का बड़ा केंद्र और कंपनी फैक्टरी न होने के कारण लाखों की संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों में जाकर काम करते हैं और त्योहार या किसी मांगलिक कार्यक्रम में घर लौटते हैं। इसी प्रकार बड़े शैक्षिक संस्थान न होने के कारण दिल्ली, कोटा, लखनऊ सहित बड़े शहर के महाविद्यालय और कोचिंग सेंटर में यहां जाकर युवा पढ़ाई करते हैं।
होली के एक सप्ताह पहले ही लोग घरों को लौटे थे। चाहे छात्र हों या फिर प्रदेश में मेहनत मजदूरी करने वाले कामगार, होली का त्योहार समाप्त होने के साथ छुट्टी भी खत्म हो गई। ऐसे में लोग महानगरों की ओर लौटने लगे हैं। शुक्रवार को रेलवे स्टेशन, रोडवेज और निजी स्टैंड, जहांं से गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर सहित अन्य शहरों के लिए लोग निकलते हैं, वहां के हालात को जानने की कोशिश की गई।
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां शुक्रवार सुबह से ही सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही तेज हो गई। प्लेटफॉर्म पर बैग और सामान के साथ खड़े यात्रियों की लंबी कतारें नजर आईं। कई लोग अपने परिवार के साथ स्टेशन पहुंचे और ट्रेन के आने का इंतजार करते नजर आए। लखनऊ और गोरखपुर और लोकल रूट की ओर जाने वाली ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों में काफी जल्दबाजी भी देखने को मिली। कई डिब्बों में सीटें भर जाने के बाद यात्रियों को खड़े होकर सफर करने की स्थिति भी बन गई। प्लेटफाॅर्म पर स्टाॅल लगाने वालों ने बताया कि हर ट्रेन में कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है।
लखनऊ से कोटा जाने वाले छात्र मोहित ने बताया कि बुकिंग नहीं मिली है। इसलिए जनरल से जाना पड़ रहा है। वहां से कोटा जाएंगें। वहीं, मजिगवां निवासी रामप्रकाश ने बताया कि दिल्ली में पाॅलिश और पेंटिंग का काम करते हैं। यहां से केवल हमसफर ही जाती है। अब गोंडा जा रहे हैं, वहां से दिल्ली की ट्रेन पकड़कर जाएंगे। इसी प्रकार अन्य यात्रियों ने अपनी समस्या बताई। हर किसी को बुकिंग की टिकट न मिलने का दर्द था।
कमोबेश यही हाल शोहरतगढ़ और बढ़नी रेलवे स्टेशन पर भी पूरे दिन यात्रियों की भीड़ बनी रही। नेपाल सीमा के पास स्थित इन स्टेशनों से भी बड़ी संख्या में लोग लखनऊ, दिल्ली और अन्य शहरों के लिए रवाना होते नजर आए। जनरल कोच में चढ़ने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई यात्रियों ने बताया कि त्योहार के बाद वापसी के समय अक्सर ऐसी ही स्थिति बन जाती है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग एक साथ सफर करते हैं।
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शुक्रवार को सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। प्लेटफार्म पर भी लोगों का हुजूम नजर आया। जनरल टिकट के लिए लोग कतारों में खड़े नजर आए। सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन, शोहरतगढ़ और बढ़नी रेलवे स्टेशन के साथ ही डुमरियागंज रोडवेज स्टेशन तथा बंसी बस स्टैंड पर यात्रियों की बड़ी संख्या देखी गई।
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यात्रियों की बात की गई पता चला कि कोई दिल्ली, लखनऊ और गोरखपुर रूट की ट्रेनों और बसों में सबसे ज्यादा दबाव रहा। स्टेशन और बस अड्डों के बाहर ऑटो व ई-रिक्शा की मांग भी अचानक बढ़ गई, जिससे पूरे दिन चहल-पहल का माहौल बना रहा। बांसी स्टैंड, उसका स्टैंड और लोटन जाने वाले मार्ग पर ई-रिक्शा और टेंपो से लोग आते हुए दिखे, जिन्हें बाहर जाना था।
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जनपद में उद्योग का बड़ा केंद्र और कंपनी फैक्टरी न होने के कारण लाखों की संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों में जाकर काम करते हैं और त्योहार या किसी मांगलिक कार्यक्रम में घर लौटते हैं। इसी प्रकार बड़े शैक्षिक संस्थान न होने के कारण दिल्ली, कोटा, लखनऊ सहित बड़े शहर के महाविद्यालय और कोचिंग सेंटर में यहां जाकर युवा पढ़ाई करते हैं।
होली के एक सप्ताह पहले ही लोग घरों को लौटे थे। चाहे छात्र हों या फिर प्रदेश में मेहनत मजदूरी करने वाले कामगार, होली का त्योहार समाप्त होने के साथ छुट्टी भी खत्म हो गई। ऐसे में लोग महानगरों की ओर लौटने लगे हैं। शुक्रवार को रेलवे स्टेशन, रोडवेज और निजी स्टैंड, जहांं से गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर सहित अन्य शहरों के लिए लोग निकलते हैं, वहां के हालात को जानने की कोशिश की गई।
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां शुक्रवार सुबह से ही सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही तेज हो गई। प्लेटफॉर्म पर बैग और सामान के साथ खड़े यात्रियों की लंबी कतारें नजर आईं। कई लोग अपने परिवार के साथ स्टेशन पहुंचे और ट्रेन के आने का इंतजार करते नजर आए। लखनऊ और गोरखपुर और लोकल रूट की ओर जाने वाली ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों में काफी जल्दबाजी भी देखने को मिली। कई डिब्बों में सीटें भर जाने के बाद यात्रियों को खड़े होकर सफर करने की स्थिति भी बन गई। प्लेटफाॅर्म पर स्टाॅल लगाने वालों ने बताया कि हर ट्रेन में कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है।
लखनऊ से कोटा जाने वाले छात्र मोहित ने बताया कि बुकिंग नहीं मिली है। इसलिए जनरल से जाना पड़ रहा है। वहां से कोटा जाएंगें। वहीं, मजिगवां निवासी रामप्रकाश ने बताया कि दिल्ली में पाॅलिश और पेंटिंग का काम करते हैं। यहां से केवल हमसफर ही जाती है। अब गोंडा जा रहे हैं, वहां से दिल्ली की ट्रेन पकड़कर जाएंगे। इसी प्रकार अन्य यात्रियों ने अपनी समस्या बताई। हर किसी को बुकिंग की टिकट न मिलने का दर्द था।
कमोबेश यही हाल शोहरतगढ़ और बढ़नी रेलवे स्टेशन पर भी पूरे दिन यात्रियों की भीड़ बनी रही। नेपाल सीमा के पास स्थित इन स्टेशनों से भी बड़ी संख्या में लोग लखनऊ, दिल्ली और अन्य शहरों के लिए रवाना होते नजर आए। जनरल कोच में चढ़ने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई यात्रियों ने बताया कि त्योहार के बाद वापसी के समय अक्सर ऐसी ही स्थिति बन जाती है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग एक साथ सफर करते हैं।