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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   "The country can not break the poison spewing sectarian '

‘जहर उगल देश नहीं तोड़ सकते फिरकापरस्त’

Sat, 16 Jan 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर Updated Sat, 16 Jan 2016 11:18 PM IST
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यह देश नफरत बांटने वालों का नहीं, मोहब्बत बांटने वालों का है। हिंदुस्तान की पहचान अनेकता में एकता की है। यहां हर धर्म के लोग प्यार, मोहब्बत व सद्भाव के साथ रहते हैं।
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कुछ फिरकापरस्त लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए जहर उगल कर देश को तोडना चाहते हैं। हमें मिलकर ऐसे लोगों के मंसूबे को नाकाम करना है।

यह विचार जमाते इस्लामी हिन्द के महासचिव मौलाना वलीउल्लाह फलाही ने शनिवार को अजमते रसूल कांफें्रस में कहीं।नगर के माघ मेला मैदान में आयोजित कांफे्रंस व एहतेजाजी मुजाहिरा में कई जिलों से मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।
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मुख्य अतिथि मौलाना वलीउल्लाह ने कहा कि हमारे रसूल नबी-ए-करीम ने अपने किरदार से लोगों को इस्लाम से जोड़ा वह दुश्मन का नाम भी ऐहतराम के साथ लेते थे।

उन्होंने अपने रसूल के खिलाफ नापाक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ हुकूमत से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। विशिष्ट अतिथि मौलाना अब्दुल मन्नान ने कहा कि हमारे रसूल ने किसी के साथ बदजुबानी न करने को कहा है।
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सभी के साथ प्यार मोहब्बत से पेश आने की नसीहत किया है। उनका किरदार दुनिया के लिए नायाब मिसाल है। मौलाना अली अहमद ने कहा कि सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए ताकि कोई भी इंसान किसी भी धर्म के पेशवा के खिलाफ नापाक टिप्पणी न कर सके।

उन्होंने कई हिंदू विद्वान व शायरों के द्वारा मोहम्मद साहब के शान मे लिखे गए लेख को सुनाया। मुफ्ती शकील अहमद ने कहा कि हम सर कटा सकते हैं, मगर अपने नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं कर सकते।

कार्यक्रम को मौलाना मुहम्मद शिराज, अब्दुल गनी ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की मोहम्मद साहब के बारे में की गई टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर किया।

इस दौरान कारी अब्दुल बातिल ने नात-ए-पाक पढ़ा। अंत में किसी भी धर्म के पेशवा के खिलाफ नापाक टिप्पणी करने वालों को फांसी की सजा दिए जाने का कानून बनाने सहित 6 सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।


कार्यक्रम की अध्यक्षता नुसरत अली सिद्दीकी व संचालन मो.हसनैन हबीबी ने किया। इस अवसर पर मौलाना निजामुद्दीन नूरी, अब्दुल हकीम सल्फी, मौलाना अब्दुल समद, अब्दुल हकीम, मो.हुसैन, कारी सय्यद, मो.ताहिर, अमीर हसन, पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ला, डा.वीएन त्रिपाठी, खुर्शीद खान, शमीम अहमद, सैय्यद गुफरान, हामिद मेकरानी, इसरार अहमद इजहार खां आदि मौजूद रहे।
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