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Siddharthnagar News: मेडिकोलीगल को लेकर डाॅक्टर व कोतवाल में तनातनी, दो घंटे थम गया इलाज

Wed, 25 Sep 2024 03:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 25 Sep 2024 03:49 AM IST
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Tension between doctor and police regarding medico-legal issue, treatment stopped for two hoursTension between doctor and police regarding medico-legal issue, treatment stopped for two hours
लोटन कोतवाली क्षेत्र के भिटपरा गांव में मारपीट में घायलों का मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी
लोटन। सीएचसी लोटन में मंगलवार को घायलों का मेडिकोलीगल बनाने पर डाॅक्टर और कोतवाल में तनातनी होने से दो घंटे ओपीडी प्रभावित रही। हालांकि, दोनों पक्षों ने किसी तरह के विवाद से इन्कार किया है।
कोतवाली लोटन क्षेत्र के भिटपरा गांव में दो पक्षों में सोमवार देर शाम मारपीट हो गई। मारपीट में अजय कुमार, छोटक, कन्हैया, वासुदेव व छोटू को चोटें आई। पीड़ित पक्ष के लोग लोटन कोतवाली पहुंचे। उनका आरोप था कि पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। पीड़ित पक्ष ने सीएचसी पहुंचकर अपना इलाज कराया और नियमानुसार शुल्क जमाकर अधीक्षक को पत्र लिखकर मेडिकोलीगल बनवाया। उसने अपने पत्र में यह भी अंकित किया कि पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की।
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सीएचसी के डाॅ. डीके राय ने चोटिलों का इलाज कर मेडिकोलीगल बनाया। पीड़ित पक्ष जब मेडिकोलीगल के साथ थाने पर पहुंचा तो कोतवाल भड़क गए, क्योंकि मेडिकोलीगल के पीछे प्रार्थना पत्र लिखा था कि पुलिस को पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कोतवाल मंगलवार दोपहर में अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर के ओपीडी चेंबर में बैठ गए और फाटक बंद कर वार्ता करने लगे, जिससे इलाज कराने आए मरीज परेशान हुए।
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रविवार शाम चोटिल आए, इनमें कुछ लोग इमरजेंसी में भर्ती भी थे। इलाज के बाद उनके आवेदन पर उनका मेडिकोलीगल किया गया। थाना प्रभारी आए और कहे फिर से मेडिकोलीगल कर दीजिए तो उन्होंने मेडिकोलीगल चैलेंज करने की बात कही। हालांकि, बाद में प्रमाणित करके दिया गया कि इस मामले में आवेदकों का मेडिकोलीगल कर दिया गया है। उनके जाने के बाद सभी मरीजों का उपचार किया गया।


-डाॅ. डीके राय, चिकित्साधिकारी

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मेडिकोलीगल को लेकर डाॅक्टर से मिलने गया था और कुछ देर में वहां से चला आया। कोई बात नहीं है और न ही मेरे जाने से ओपीडी प्रभावित हुई है। मारपीट के मामले में पुलिस के समक्ष मेडिकोलीगल कराया जाता है। इस मामले में मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस आवेदकों को अस्पताल ले गई तो पहले ही मेडिकोलीगल होने के कारण उन्होंने दोबारा मेडिकोलीगल करने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में पुराने मेडिकोलीगल रिपोर्ट को डाक्टरों ने प्रमाणित किया। -राजेश कुमार गुप्ता, प्रभारी निरीक्षक

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कोतवाल आए थे और उन्होंने मेडिकोलीगल करने वाले डाॅक्टर से कुछ बात किए हैं। डाॅक्टर अपनी ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे, कोई विशेष बात नहीं है।

-डाॅ. अमित चौधरी, सीएचसी, अधीक्षक
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