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Siddharthnagar News: दशहरा से पहले बढ़ी चीनी की तस्करी, बॉर्डर एरिया में बढ़ गए दाम
Wed, 27 Sep 2023 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 27 Sep 2023 01:17 AM IST
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सिद्धार्थनगर। दशहरा से ठीक पहले नेपाल में चीनी की मांग के साथ तस्करी बढ़ गई है। इस कारण सीमा क्षेत्रों की दुकानों में चीनी की कीमतों में अंतर आ गया है। आलम यह है कि बॉर्डर पर नेपाली ग्राहकों को लुभाने की कोशिश में उन्हें कम दर पर चीनी बेची जा रही है, जबकि स्थानीय ग्राहकों को दो से तीन रुपये अधिक मूल्य चुकाना पड़ रहा है। बाॅर्डर क्षेत्रों के लोगों में तस्करी का ये दर्द है, जो हर साल दशहरा में उभर जाता है।
नेपाल में दशहरा धूमधाम से बनाया जाता है, इसमें चीनी और फूलों की मांग बढ़ जाती है। यहीं कारण नेपाल में चीनी की कीमत 30 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई है। एक माह पहले तक नेपाली मुद्रा में करीब 100 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जो भारतीय मुद्रा में 62.50 रुपये होगा। कुछ खुदरा दुकानों में चीनी नहीं है और जिनके पास है, वे अत्यधिक कीमत वसूल रहे हैं।
नेपाल खुदरा व्यापार संघ ने खाद्य और किराना वस्तुओं की मूल्य सूची से चीनी को हटा दी है। नेपाल सरकार ने 60,000 टन चीनी के आयात के अनुरोध किया है, लेकिन मंजूरी नहीं मिली है। नेपाल में चीनी की कमी होने के कारण कालाबाजारी शुरू हो गई है।
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बॉर्डर पर नेपाली ग्राहकों को कम दाम
बॉर्डर क्षेत्र के दुकानदार नेपाली ग्राहकों को कम दर पर चीनी बेच रहे हैं ताकि वे अन्य सामान खरीदने भी उनके वहां ही आएं। नेपाली ग्राहकों के लिए चीनी कम न पड़े इसलिए स्थानीय ग्राहकों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। लोगों का कहना है कि तस्करी का ऐसा असर है कि कभी-कभी स्थानीय ग्राहकों को चीनी नहीं मिल रही है या महंगी खरीदनी पड़ रही है।
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कॅरियर लगाकर दोगुना कर रहे हैं चीनी की कीमत
बॉर्डर क्षेत्र की दुकानों पर नेपाली ग्राहक पांच-पांच किलो के चीनी के पैकेट खरीद रहे हैं। पांच किलो का पैकेट ले जाने पर बाॅर्डर पर छूट है, इस कारण कॅरियर भी कई बार बॉर्डर पर चीनी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। एक दुकानदार ने बताया कि बॉर्डर क्षेत्र के दुकानदार भी नेपाल के व्यापारियों से चीनी का सौंदा कर रहे हैं और उन्हें छोटे-छोटे के पैकेट में पहुंचवा दे रहे हैं। दशहरा के मौके पर चावल की तरह चीनी की तस्करी हो रही है। बॉर्डर पर चीनी पहुंच गई तो कीमत डेढ़ गुनी हो जा रही है।
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दो सप्ताह में 4.50 रुपये बढ़ा दाम
बाॅर्डर क्षेत्र बढ़नी में दो सप्ताह में चीनी के दाम में 4.50 रुपये वृद्धि हुई है। 38.50 रुपये किलो बिकने वाली चीनी की कीमत 43-42 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि अन्य बाजारों में चीनी की फुटकर कीमत 42 रुपये है। यहीं चीनी नेपाल में जाती है तो नेपाली में 100 रुपये किलो बिक जाती है, यह भारतीय मुद्रा में 62.50 रुपये होगी। बॉर्डर के पार से निर्धारित स्थान पर पहुंचाने में 3 से 4 कॅरियर काम करते हैं।
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सुनिए, इनकी बात
बॉर्डर की दुकानों पर इन दिनों नेपाली ग्राहकों को ज्यादा तरजीह दी जा रही है। दुकानदार नेपाल के ग्राहक को 40 रुपये में और स्थानीय ग्राहकों को 43-44 रुपये बेची जा रही है।
-लालबिहारी, दुधवनिया बुजुर्ग
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नेपाल में जिस सामान की मांग बढ़ती है, उस सामान की बॉर्डर में कमी होने लगती है। इसके कारण स्थानीय ग्राहकों को सामान महंगा मिलने लगता है। चीनी के साथ ऐसा ही मामला है।
-मनीराम, रोइनिहवा
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नेपाल में दशहरा धूमधाम से बनाया जाता है, इसमें चीनी और फूलों की मांग बढ़ जाती है। यहीं कारण नेपाल में चीनी की कीमत 30 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई है। एक माह पहले तक नेपाली मुद्रा में करीब 100 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जो भारतीय मुद्रा में 62.50 रुपये होगा। कुछ खुदरा दुकानों में चीनी नहीं है और जिनके पास है, वे अत्यधिक कीमत वसूल रहे हैं।
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नेपाल खुदरा व्यापार संघ ने खाद्य और किराना वस्तुओं की मूल्य सूची से चीनी को हटा दी है। नेपाल सरकार ने 60,000 टन चीनी के आयात के अनुरोध किया है, लेकिन मंजूरी नहीं मिली है। नेपाल में चीनी की कमी होने के कारण कालाबाजारी शुरू हो गई है।
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बॉर्डर पर नेपाली ग्राहकों को कम दाम
बॉर्डर क्षेत्र के दुकानदार नेपाली ग्राहकों को कम दर पर चीनी बेच रहे हैं ताकि वे अन्य सामान खरीदने भी उनके वहां ही आएं। नेपाली ग्राहकों के लिए चीनी कम न पड़े इसलिए स्थानीय ग्राहकों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। लोगों का कहना है कि तस्करी का ऐसा असर है कि कभी-कभी स्थानीय ग्राहकों को चीनी नहीं मिल रही है या महंगी खरीदनी पड़ रही है।
कॅरियर लगाकर दोगुना कर रहे हैं चीनी की कीमत
बॉर्डर क्षेत्र की दुकानों पर नेपाली ग्राहक पांच-पांच किलो के चीनी के पैकेट खरीद रहे हैं। पांच किलो का पैकेट ले जाने पर बाॅर्डर पर छूट है, इस कारण कॅरियर भी कई बार बॉर्डर पर चीनी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। एक दुकानदार ने बताया कि बॉर्डर क्षेत्र के दुकानदार भी नेपाल के व्यापारियों से चीनी का सौंदा कर रहे हैं और उन्हें छोटे-छोटे के पैकेट में पहुंचवा दे रहे हैं। दशहरा के मौके पर चावल की तरह चीनी की तस्करी हो रही है। बॉर्डर पर चीनी पहुंच गई तो कीमत डेढ़ गुनी हो जा रही है।
दो सप्ताह में 4.50 रुपये बढ़ा दाम
बाॅर्डर क्षेत्र बढ़नी में दो सप्ताह में चीनी के दाम में 4.50 रुपये वृद्धि हुई है। 38.50 रुपये किलो बिकने वाली चीनी की कीमत 43-42 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि अन्य बाजारों में चीनी की फुटकर कीमत 42 रुपये है। यहीं चीनी नेपाल में जाती है तो नेपाली में 100 रुपये किलो बिक जाती है, यह भारतीय मुद्रा में 62.50 रुपये होगी। बॉर्डर के पार से निर्धारित स्थान पर पहुंचाने में 3 से 4 कॅरियर काम करते हैं।
सुनिए, इनकी बात
बॉर्डर की दुकानों पर इन दिनों नेपाली ग्राहकों को ज्यादा तरजीह दी जा रही है। दुकानदार नेपाल के ग्राहक को 40 रुपये में और स्थानीय ग्राहकों को 43-44 रुपये बेची जा रही है।
-लालबिहारी, दुधवनिया बुजुर्ग
नेपाल में जिस सामान की मांग बढ़ती है, उस सामान की बॉर्डर में कमी होने लगती है। इसके कारण स्थानीय ग्राहकों को सामान महंगा मिलने लगता है। चीनी के साथ ऐसा ही मामला है।
-मनीराम, रोइनिहवा