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नेताओं की नब्ज टटोल कर वोट देना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:06 PM IST
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चुनावी चर्चा करतीं छात्राएं।
- फोटो : Amar Ujala
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विधानसभा चुनाव में मतदान को लेकर युवा वोटर भी संजीदा हो रहे हैं। कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान फुर्सत के पलों में वे नेताओं की नियत और उनके दल के चुनावी घोषणा पत्र पर बहस कर रहे हैं। सोमवार को डुमरियागंज क्षेत्र के महुआ खुर्द स्थित श्रीराम सूर्यमणि महाविद्यालय में छात्राओं ने लोकतंत्र में आधी आबादी की जिम्मेदारी पर चर्चा की। उन्होंने इस बार डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों की नब्ज टटोल कर ही वोट देने की बात कही।
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा पल्लवी ने कहा कि देश 1947 में स्वतंत्र हुआ, फिर भी आज तक देश-प्रदेश में कहीं भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। यहां तक कि शिक्षण संस्थाएं भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं। जनप्रतिनिधियों को इस बारे में गंभीरता से सोचना पड़ेगा। छात्रा उजमा मलिक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। मेरा वोट उसी को जाएगा, जो विकास और रोजगार के मुद्दे पर काम करेगा।
छात्रा बबिता शुक्ला ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के लिए कोई संस्थान नहीं है। पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रूख करना पड़ता है। चुनाव में ऐसे प्रत्याशी को वोट किया जाएगा, जो इन समस्याओं पर ध्यान देगा। छात्रा दिव्या, साधना, प्रिया, कुसुम, संगीता आदि ने कहा कि उनका वोट उसे ही जाएगा जो जाति-धर्म, भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर विकास की बात करेगा, जो लोगों के भावनाओं पर खरा उतरने वाली सरकार के गठन में अपना योगदान देगा।
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बीए प्रथम वर्ष की छात्रा पल्लवी ने कहा कि देश 1947 में स्वतंत्र हुआ, फिर भी आज तक देश-प्रदेश में कहीं भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। यहां तक कि शिक्षण संस्थाएं भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं। जनप्रतिनिधियों को इस बारे में गंभीरता से सोचना पड़ेगा। छात्रा उजमा मलिक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। मेरा वोट उसी को जाएगा, जो विकास और रोजगार के मुद्दे पर काम करेगा।
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छात्रा बबिता शुक्ला ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के लिए कोई संस्थान नहीं है। पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रूख करना पड़ता है। चुनाव में ऐसे प्रत्याशी को वोट किया जाएगा, जो इन समस्याओं पर ध्यान देगा। छात्रा दिव्या, साधना, प्रिया, कुसुम, संगीता आदि ने कहा कि उनका वोट उसे ही जाएगा जो जाति-धर्म, भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर विकास की बात करेगा, जो लोगों के भावनाओं पर खरा उतरने वाली सरकार के गठन में अपना योगदान देगा।
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