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Siddharthnagar News: बायोटेक्नोलॉजी से पढ़कर 14 क्षेत्रों में कॅरिअर बना सकते हैं विद्यार्थी

Fri, 26 Jul 2024 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 26 Jul 2024 11:36 PM IST
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Students can make career in 14 fields by studying biotechnology
- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में 20 सीटों पर बायोटेक्नोलॉजी विषय में होता है परास्नातक
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राएं बायोटेक्नाेलॉजी विषय से पढ़ाई करके कॅरिअर को और भी बेहतर बना सकते हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कपिल गुप्ता बताते हैं कि बायोटेक्नोलॉजी को आम भाषा में बायोटेक भी कहा जाता है। यह विज्ञान की वह शाखा है, जिसमें जीव-विज्ञान और टेक्नोलॉजी के मेल से कच्चे माल का नवीनीकरण कर उसे नए प्रोडक्ट में बदल दिया जाता है। इस विषय से पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को लगभग 14 क्षेत्रों में करियर बनाने का बेहतर अवसर है।

प्रोफेसर डॉ. कपिल ने बताया कि बायोटेक्नोलॉजी के तहत कई कोर्स आते हैं, जिसमें डिप्लोमा, अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टोरल प्रोग्राम है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी से परास्नातक की पढ़ाई होती है। इस कोर्स को एमटेक इन बायोटेक्नोलॉजी या एमएसी इन बायोटेक्नोलॉजी के नाम से जाना जाता है। इस कोर्स को करने में दो साल का समय लगता है। बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में छात्र-छात्रों का रुझान बढ़ रहा है।
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इस क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्राइवेट या सरकारी सेक्टरों में अवसर की कमी नहीं है। वर्तमान समय में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में भी छात्र-छात्राएं इस कोर्स को करने में रूचि ले रहे हैं। विश्वविद्यालय में इस कोर्स का संचालन होने से छात्र-छात्राओं को नई जगहों पर रिसर्च करने को भी मिल रहा हैं। हाल ही में विश्वविद्यालय के साल 2023 बैच का छात्र सौरभ मिश्रा का चयन ग्रीष्म काल प्रशिक्षण के लिए अलगप्पा विश्वविद्यालय कराईकुड़ी तमिलनाडु में हुआ है। इसके तहत सौरभ को सूत्र कृमि या गोल कृमि पर रिसर्च करने के लिए मौका मिला था, जिसमें प्रति माह 12 हजार 500 रुपये प्रति माह मानदेय के रूप में मिला है।
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इन क्षेत्रों में बना सकते हैं कॅरिअर
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के बायोटेक्नाेलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कपिल गुप्ता बताते हैं कि छात्र-छात्राएं बायोटेक्नोलॉजी से जेनेटिसिस्ट, फार्माकोलॉजिस्ट, फूड केमिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, मेडिकल बायोकेमिस्ट, लेबोरेटरी असिस्टेंट, प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर, बायोटेक्नोलॉजी एक्सपर्ट, सेल्स मैनेजर, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव ट्रेनी, बैक्टीरियोलॉजिस्ट, बायोटेक्नोलॉजी रिसर्चर, रिसर्च साइंटिस्ट, लीड बायोटेक्नोलॉजी कंसल्टेंट के रूप में कॅरियर बना सकते हैं। संवाद
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