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हड़ताल : 1500 मरीजों लौटे...ठप रहीं स्वास्थ्य सेवाएं

Sun, 18 Aug 2024 03:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 18 Aug 2024 03:26 AM IST
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Strike: 1500 patients returned...health services coming to a standstill
कोलकाता कांड को लेकर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के से प्रदर्शन करते जाते चिकित्सक व छात्
कोलकाता रेप-मर्डर कांड पर नाराज थे माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी
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मेडिकल कॉलेज में सिर्फ इमरजेंसी सेवा ही चली, टल गई 10 से अधिक सर्जरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोलकाता रेप-मर्डर कांड के विरोध में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने शनिवार को प्रदर्शन करके हड़ताल की। इस कारण स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गईं। हड़ताल के दौरान मेडिकल कॉलेज में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही मिली। ओपीडी में 1500 से अधिक मरीजों का इलाज नहीं हो पाया, ओटी में 10 से अधिक सर्जरी टल गई। जबकि कस्बों में भी हड़ताल का असर रहा।

कोलकाता रेप-मर्डर कांड के विरोध में शनिवार सुबह 8 बजे ही हॉस्टल से निकले मेडिकल छात्र-छात्राओं ने इमरजेंसी के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने ओपीडी में कमरों में भी ताला जड़ दिया। इस दौरान काफी संख्या में लोग लौट गए। मजबूरी में मरीजों ने पूरे दिन भटकने के बाद प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लिया।
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बोले मरीज
सुबह आठ बजे मेडिकल कॉलेज में आ गई थी। कोई भी डॉक्टर इलाज नहीं रहा था। चार घंटा बाद बड़ी मुश्किल से दवा लिखी गई। इमरजेंसी केस में भी मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा हैं, जबकि व्हीलचेयर नहीं मिलने से परिजनों ने हाथ से उठाकर वाहन तक ले गए।
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- विद्यावती, निवासी लोटन के बरवा
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सुबह 9:30 बजे से इमरजेंसी गेट पर बैठा था। 12:15 बजे बड़ी मुश्किल से डॉक्टरों ने दवा लिखने की बात कही। डॉक्टरों ने पट्टी नहीं बदली केवल दवा लिखकर भेज दिया। कहा कि बाद में आना तब दवा-पट्टी बदलकर अंदर से दवा दिलवाई जाएगी। -रामकेवल, पचपेड़वा, उसका
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तेज बुखार हैं। मां के साथ दवा करवाने आए हैं। 9:45 बजे सुबह से ही बैठे हैं। एक बाज गया लेकिन अभी तक डॉक्टर नहीं आए। अब बाहर जाकर प्राइवेट अस्पताल में दिखाना पड़ेगा। डॉक्टर नहीं होने से कई मरीज घूम कर वापस भी चले गए।
-अब्दुल कादिर, ककरहवा
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10:30 बजे ओपीडी में आई हूं। स्त्री रोग विभाग से दवा चलती है। आज रूटीन चेकअप था। 1:30 बजे गई, लेकिन अभी तक ओपीडी का ताला नहीं खुला है। अब समय भी पूरा हो गया हैं, बिना जांच करवाए ही जाना पड़ रहा हैं।
-सरिता, मोहाना
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मेडिकल कॉलेज में दवा करवाने के लिए सुबह ही घर से निकले थे। आने जाने में 200 रुपये किराया भी खर्च हुआ हैं, लेकिन हड़ताल होने से उपचार भी नहीं हो पाया है।
-बैजनाथ, लुंबिनी, नेपाल
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टाल दिए गए ऑपरेशन
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 12 से 15 ऑपरेशन किए जाते हैं, लेकिन शनिवार को हड़ताल होने से पूर्व में निर्धारित सात ऑपरेशन टाल दिए गए, जबकि इमरजेंसी ऑपरेशन के लिए कोई भी मरीज नहीं आए। मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के लिए भर्ती मरीजों को असुविधा का भी सामना करना पड़ा। जबकि ऑपरेशन टलने से घर से आने वाले लोगों को धूम कर वापस जाना पड़ा। संवाद
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एमसीएच विंग में भी नहीं हुई डिलीवरी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में शनिवार दोपहर चार बजे तक दो नार्मल डिलीवरी हुई थी। जबकि कोई भी ऑपरेशन के मरीज नहीं आए थे, जबकि शुक्रवार को पांच प्रसुताओं का नार्मल डिलीवरी व तीन प्रसुताओं का ऑपरेशन विधि से डिलेवरी कराई गई थी। हड़ताल को जानते हुए सैकड़ाें मरीजों ने प्राइवेट अस्पताल का सहारा लिया। जबकि कई मरीजों जानकारी मिलने पर ही घूम कर वापस चले गए। संवाद

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इमरजेंसी वार्ड में भी आए लगभग 62 मरीज
सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भी हड़ताल का असर देखने को मिला दोपहर दो बजे तक इमरजेंसी व ओपीडी में मात्र 62 मरीज ही पहूंचे। उन्हें भी दवा करवाने में जद्दोजहद करना पड़ा। जबकि कई मरीजों को बिना दवा करवाए ही वापस जाना पड़ा। इससे मरीजों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा। वहीं शाम पांच बजे तक हड़ताल होने से मरीज प्राइवेट अस्पतालों के तरफ भी रुख किए। संवाद
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