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सख्ती : 100 रुपये के सामान पर भी भंसार
Sat, 18 Apr 2026 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:42 AM IST
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सिद्धार्थनगर। नेपाल में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच सुरक्षा और संबंध बेहतर होने की उम्मीद है। रोटी-बेटी के संबंध में और मिठास आने की आस है। इसी बीच सीमावर्ती इलाके में नेपाल की ओर से सख्ती बढ़ा दी गई है।
सीमावर्ती इलाके बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा बाॅर्डर इलाके में नेपाल में जाने के बाद वाहन और सामान की जांच के साथ ही भारतीय 100 रुपये से अधिक के सामान पर भंसार टैक्स जमा कराया जा रहा है। फिलहाल यह आदेश बढ़नी बाॅर्डर के नेपाल के कस्टम पर लागू नजर आया।
वहीं, खुनुवां में कस्टम कार्यालय पर भीड़ नहीं दिखी और अधिकारियों ने ऐसी किसी जानकारी से मना कर दिया। ककरहवा बाॅर्डर के नेपाल भंसार कार्यालय पर वाहनों की गहन जांच की बात सामने आई। हालांकि, वहां से अभी रोजमर्रा के सामान पर भंसार टैक्स अभी नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, बाॅर्डर पर बढ़ी सख्ती के बाद दोनों देश के सीमावर्ती बाजारों पर इसका असर है और कारोबार करने वालों में असंतोष भी देखा जा रहा है।
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दोनों देश के लोग सीमावर्ती इलाके बाजारों में प्रतिदिन आते-जाते हैं और खरीदारी करते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों कहना है कि इससे कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। वहीं, नेपाल कस्टम के अधिकारियों का कहना है कि यह कोई नया नियम नहीं है। नियम को प्रभावी किया गया है, उसके अनुसार ही सामान ला सकेंगे।
सीमा क्षेत्र में कई बाजार, 70 प्रतिशत नेपाली खरीदार : जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल बाॅर्डर से लगती है। इसमें बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा में कस्टम है जबकि, अलीगढ़वा में कस्टम नहीं है। इसमें आवाजाही के कई मुख्य मार्ग और बाजार दोनों है। इसके अलावा साप्ताहिक बाजार भी लगती है, जहां 70 प्रतिशत बाजार करने वाले नेपाल के ही होते हैं। उनकी पूरी निर्भरता और भारतीय कारोबारियों की आमदनी उन्हीं पर है। इसके अलावा चौराहे और कस्बे हैं, जहां पर नियमित लोग बाजार करने के लिए आते हैं। इसमें दाम, चीनी, तेल, चायपत्ती सहित अन्य रोजमर्रा की वस्तु शामिल है। इसके अलावा पकड़ा आदि भी यहां से लेते हैं। इसमें कोई रोकटोक नहीं होता है। अगर प्रतिदिन टैक्स भरना होगा तो भारतीय कम नेपाल के लोगों के जेब पर अधिक असर पडे़गा। उनकी निर्भरता सीमावर्ती इलाके भारतीय बाजार पर ही टिका हुआ है। सीमावर्ती इलाके के जानकार और कारोबार सख्ती से प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जता रहे हैं।
इस संबंध में सीमा शुल्क कार्यालय ककरहवा के निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि सौ रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर नेपाल में कस्टम अनिवार्य कर दिया गया है।
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सीमावर्ती इलाके बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा बाॅर्डर इलाके में नेपाल में जाने के बाद वाहन और सामान की जांच के साथ ही भारतीय 100 रुपये से अधिक के सामान पर भंसार टैक्स जमा कराया जा रहा है। फिलहाल यह आदेश बढ़नी बाॅर्डर के नेपाल के कस्टम पर लागू नजर आया।
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वहीं, खुनुवां में कस्टम कार्यालय पर भीड़ नहीं दिखी और अधिकारियों ने ऐसी किसी जानकारी से मना कर दिया। ककरहवा बाॅर्डर के नेपाल भंसार कार्यालय पर वाहनों की गहन जांच की बात सामने आई। हालांकि, वहां से अभी रोजमर्रा के सामान पर भंसार टैक्स अभी नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, बाॅर्डर पर बढ़ी सख्ती के बाद दोनों देश के सीमावर्ती बाजारों पर इसका असर है और कारोबार करने वालों में असंतोष भी देखा जा रहा है।
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दोनों देश के लोग सीमावर्ती इलाके बाजारों में प्रतिदिन आते-जाते हैं और खरीदारी करते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों कहना है कि इससे कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। वहीं, नेपाल कस्टम के अधिकारियों का कहना है कि यह कोई नया नियम नहीं है। नियम को प्रभावी किया गया है, उसके अनुसार ही सामान ला सकेंगे।
सीमा क्षेत्र में कई बाजार, 70 प्रतिशत नेपाली खरीदार : जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल बाॅर्डर से लगती है। इसमें बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा में कस्टम है जबकि, अलीगढ़वा में कस्टम नहीं है। इसमें आवाजाही के कई मुख्य मार्ग और बाजार दोनों है। इसके अलावा साप्ताहिक बाजार भी लगती है, जहां 70 प्रतिशत बाजार करने वाले नेपाल के ही होते हैं। उनकी पूरी निर्भरता और भारतीय कारोबारियों की आमदनी उन्हीं पर है। इसके अलावा चौराहे और कस्बे हैं, जहां पर नियमित लोग बाजार करने के लिए आते हैं। इसमें दाम, चीनी, तेल, चायपत्ती सहित अन्य रोजमर्रा की वस्तु शामिल है। इसके अलावा पकड़ा आदि भी यहां से लेते हैं। इसमें कोई रोकटोक नहीं होता है। अगर प्रतिदिन टैक्स भरना होगा तो भारतीय कम नेपाल के लोगों के जेब पर अधिक असर पडे़गा। उनकी निर्भरता सीमावर्ती इलाके भारतीय बाजार पर ही टिका हुआ है। सीमावर्ती इलाके के जानकार और कारोबार सख्ती से प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जता रहे हैं।
इस संबंध में सीमा शुल्क कार्यालय ककरहवा के निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि सौ रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर नेपाल में कस्टम अनिवार्य कर दिया गया है।