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श्रीराम के आदर्श को जीवन में उतारने की जरूरत- सांसद
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बढ़नी क्षेत्र के औदही कलां गांव में रामलीला कार्यक्रम को संबोधित करते सांसद जगदंबिका पाल।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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श्रीराम के आदर्श को जीवन में उतारें : सांसद
बढ़नी ब्लॉक के औदही कला गांव में चल रही है रामलीला
संवाद न्यूज एजेंसी
परसा। रामलीला का मंचन सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि यह सनातन को जानने का माध्यम भी है। सभी का दायित्व है कि इसके आयोजन में सहयोग के साथ ही भगवान श्रीराम के आदर्शों से सीख लें। यह बातें क्षेत्रीय सांसद जगदंबिका पाल ने कही। वह बढ़नी ब्लॉक के औदही कला गांव में आयोजित रामलीला में रविवार की रात लोगों को संबोधित कर रहे थे। भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव ने कहा कि भगवान श्रीराम अपने जीवन काल के सभी रूपों में पूजनीय हैं। इसके बाद श्री रामलीला समिति के कलाकारों ने सीता हरण, शबरी-राम संवाद, राम-सुग्रीव मित्रता, मेघनाथ-कुंभकरण वध और रावण वध तक के प्रसंग को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया। रावण का वध के बाद रामलीला पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। रामलीला में सपा नेता उग्रसेन सिंह ने भी संबोधित किया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष गंगाराम तिवारी, विपिन सिंह, अनिल अग्रहरि, रवि शुक्ल, शिवम तिवारी, शहंशाह आलम, रविकांत प्रजापति, कौशल गुप्ता, श्रवण तिवारी, विजय गुप्ता, संदीप वरुण, अतीकुर्रहमान, विनय आदि मौजूद थे।
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बढ़नी ब्लॉक के औदही कला गांव में चल रही है रामलीला
संवाद न्यूज एजेंसी
परसा। रामलीला का मंचन सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि यह सनातन को जानने का माध्यम भी है। सभी का दायित्व है कि इसके आयोजन में सहयोग के साथ ही भगवान श्रीराम के आदर्शों से सीख लें। यह बातें क्षेत्रीय सांसद जगदंबिका पाल ने कही। वह बढ़नी ब्लॉक के औदही कला गांव में आयोजित रामलीला में रविवार की रात लोगों को संबोधित कर रहे थे। भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव ने कहा कि भगवान श्रीराम अपने जीवन काल के सभी रूपों में पूजनीय हैं। इसके बाद श्री रामलीला समिति के कलाकारों ने सीता हरण, शबरी-राम संवाद, राम-सुग्रीव मित्रता, मेघनाथ-कुंभकरण वध और रावण वध तक के प्रसंग को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया। रावण का वध के बाद रामलीला पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। रामलीला में सपा नेता उग्रसेन सिंह ने भी संबोधित किया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष गंगाराम तिवारी, विपिन सिंह, अनिल अग्रहरि, रवि शुक्ल, शिवम तिवारी, शहंशाह आलम, रविकांत प्रजापति, कौशल गुप्ता, श्रवण तिवारी, विजय गुप्ता, संदीप वरुण, अतीकुर्रहमान, विनय आदि मौजूद थे।