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Siddharthnagar News: बॉर्डर पर स्मैक की तस्करी... बाराबंकी से जुड़ रहा कनेक्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सीमावर्ती इलाके में मादक पदार्थ की तस्करी का बड़ा नेटवर्क काम करता था। इस बीच कई बार स्मैक तस्कर के पकड़े जाने का मामला सामने आ चुका है।
रविवार को एसएसबी और पुलिस की कार्रवाई में बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पकड़े गए तीन आरोपी बढ़नी के ही निवासी हैं। इससे पहले भी कार्रवाई में बढ़नी के लोग पकड़े जा चुके हैं।
स्मैक तस्करी का नेटवर्क बाराबंकी से जुड़ा है। जो नेपाल के होटल और कसीनों तक फैला है। कॅरियर के जरिये सीमा पार पहुंचाया जाता है। बाराबंकी कनेक्शन रह रहकर एक्टिव होता है।
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जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगी है। बाॅर्डर तस्करी के लिए बदनाम है। यहां समय और मांग के हिसाब से तस्करी होती है। नेपाल से अगर चरस, गांजा और शराब आता है, तो यहां से स्मैक जाता है, जैसा पूर्व में पकड़े गए शातिरों से पूछताछ में सामने आ चुका है। इसमें बाराबंकी का नेटवर्क जुड़ा हाेना सामने आ चुका है। माल लेकर चलने और डिलीवरी पहुंचाने तक कई चरण में काम होता है। इसमें पुरुष के साथ महिलाएं भी शामिल हैं।
रविवार को चार तस्कर पकड़े गए, इनमें भी बढ़नी के लोग शामिल रहे और एक महिला भी है। जो पुड़िया बनाकर बेचने का काम करती है। सूत्रों की मानें तो नेटवर्क हमेशा सक्रिय रहता है, सख्ती बढ़ने के कारण पकड़ लिए जा रहे हैं।
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सिद्धार्थनगर। सीमावर्ती इलाके में मादक पदार्थ की तस्करी का बड़ा नेटवर्क काम करता था। इस बीच कई बार स्मैक तस्कर के पकड़े जाने का मामला सामने आ चुका है।
रविवार को एसएसबी और पुलिस की कार्रवाई में बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पकड़े गए तीन आरोपी बढ़नी के ही निवासी हैं। इससे पहले भी कार्रवाई में बढ़नी के लोग पकड़े जा चुके हैं।
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स्मैक तस्करी का नेटवर्क बाराबंकी से जुड़ा है। जो नेपाल के होटल और कसीनों तक फैला है। कॅरियर के जरिये सीमा पार पहुंचाया जाता है। बाराबंकी कनेक्शन रह रहकर एक्टिव होता है।
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जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगी है। बाॅर्डर तस्करी के लिए बदनाम है। यहां समय और मांग के हिसाब से तस्करी होती है। नेपाल से अगर चरस, गांजा और शराब आता है, तो यहां से स्मैक जाता है, जैसा पूर्व में पकड़े गए शातिरों से पूछताछ में सामने आ चुका है। इसमें बाराबंकी का नेटवर्क जुड़ा हाेना सामने आ चुका है। माल लेकर चलने और डिलीवरी पहुंचाने तक कई चरण में काम होता है। इसमें पुरुष के साथ महिलाएं भी शामिल हैं।
रविवार को चार तस्कर पकड़े गए, इनमें भी बढ़नी के लोग शामिल रहे और एक महिला भी है। जो पुड़िया बनाकर बेचने का काम करती है। सूत्रों की मानें तो नेटवर्क हमेशा सक्रिय रहता है, सख्ती बढ़ने के कारण पकड़ लिए जा रहे हैं।