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शव यात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:19 PM IST
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कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
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सिद्धार्थनगर। वेतन 18 हजार रुपये करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में धरना दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सांकेतिक शव यात्रा निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट में चल रहे धरना स्थल पर सुबह कार्यकर्ता एकत्रित हुईं और वहां से सांकेतिक शव लेकर कार्यकर्ता विकास भवन पहुंची, जहां शव को जलाकर प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी ने कहा कि इतने दिनों से धरना दिया जा रहा है, लेकिन सरकार की नींद नहीं टूट रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। प्रभावती देवी ने कहा कि हक मांगने पर सरकार नहीं दे रही है, लेकिन सरकार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी ताकत का एहसास करा कर रहेंगी। कहा कि सरकार से काम करने के लिए 18 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की जा रही है, जो कि हमारा हक है, उसे भी सरकार नहीं दे रही है। जब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित नहीं कर दी जाती है, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
अगला कदम लखनऊ में आंदोलन होगा, जहां सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान लखनऊ में आयोजित होने वाले आंदोलन में जिले से अधिक से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंचकर सफल बनाना होगा। इस दौरान संगीता दुबे, कौशिकी, रीता पांडेय, निर्मला श्रीवास्तव, माया देवी, पुष्पा, रीता, ज्ञानमती, अनिता, देवकी, स्नेहलता, केतकी, रूपा, कामिनी, गीता, रीना, संगीता दुबे, प्रमिला देवी, सरिता, मालती, रेखा, पूनम और राधिका आदि मौजूद रहीं।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। प्रभावती देवी ने कहा कि हक मांगने पर सरकार नहीं दे रही है, लेकिन सरकार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी ताकत का एहसास करा कर रहेंगी। कहा कि सरकार से काम करने के लिए 18 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की जा रही है, जो कि हमारा हक है, उसे भी सरकार नहीं दे रही है। जब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित नहीं कर दी जाती है, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
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अगला कदम लखनऊ में आंदोलन होगा, जहां सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान लखनऊ में आयोजित होने वाले आंदोलन में जिले से अधिक से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंचकर सफल बनाना होगा। इस दौरान संगीता दुबे, कौशिकी, रीता पांडेय, निर्मला श्रीवास्तव, माया देवी, पुष्पा, रीता, ज्ञानमती, अनिता, देवकी, स्नेहलता, केतकी, रूपा, कामिनी, गीता, रीना, संगीता दुबे, प्रमिला देवी, सरिता, मालती, रेखा, पूनम और राधिका आदि मौजूद रहीं।
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