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Siddharthnagar News: युवा संसद का होगा कार्यक्रम विकसित होगी युवाओं की सोच
Mon, 21 Sep 2026 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:28 PM IST
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- अब माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित विद्यालयों में युवा संसद कार्यक्रम को लेकर शुरू हुई तैयारी
- विद्यालय स्तर पर होने वाले कार्यक्रम से युवाओं में विकसित होगी सोच, सामान्य ज्ञान की होगी जानकारी
तुलसियापुर। उत्तर प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में अब युवा संसद का आयोजन किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में लोकतंत्र की समझ विकसित करने का प्रयास है। विद्यार्थियों में लोक तांत्रिक मूल्यों, अनुशासन, सहिष्णुता और दूसरों के विचारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के उद्देश्य से महानिदेशक, स्कूल शिक्षा और राज्य परियोजना निदेशक की ओर से प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को आदेश जारी किए गए हैं।
युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को संसद की कार्रवाई और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की प्रक्रियाओं से परिचित कराया जाएगा। इसमें विद्यार्थी सदन की कार्रवाई में भाग लेने, प्रश्न पूछने, उत्तर देने, विचार रखने और विभिन्न सार्वजनिक विषयों पर स्वस्थ और लोकतांत्रिक ढंग से चर्चा करने का अभ्यास करेंगे। प्रतियोगिता के आयोजन के लिए राज्य स्तर पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश को नोडल संस्था बनाया गया है। एससीईआरटी की ओर से आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, अभिमुखीकरण और राज्य स्तर पर समन्वय किया जाएगा।
वहीं, जनपद स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वह विद्यालयों में आयोजन की कार्ययोजना तैयार कराने के साथ प्रगति की नियमित निगरानी करेंगे। सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर होगी चर्चाः युवा संसद में सामाजिक न्याय, सामाजिक सुधार, आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, ग्रामीण विकास, विद्यार्थी अनुशासन और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे विषयों पर चर्चा की जा सकेगी।
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इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालयों में कार्यक्रम का आयोजन करवाया जाएगा।
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पंजीकरण के बाद ही होगी बैठक
विद्यालयों को सबसे पहले राष्ट्रीय युवा संसद योजना के निर्धारित पोर्टल पर किशोर सभा के अंतर्गत पंजीकरण कराना होगा। प्रधानाचार्य की देखरेख में कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। एक युवा संसद में करीब 50 से 55 विद्यार्थी प्रतिभाग कर सकेंगे। इनमें अध्यक्ष, मंत्रिपरिषद, विपक्ष और अन्य संसदीय भूमिकाएं निर्धारित की जाएंगी। विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, उत्तर देने, प्रस्ताव रखने और सदन संचालन का पूर्वाभ्यास भी कराया जाएगा।
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- विद्यालय स्तर पर होने वाले कार्यक्रम से युवाओं में विकसित होगी सोच, सामान्य ज्ञान की होगी जानकारी
तुलसियापुर। उत्तर प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में अब युवा संसद का आयोजन किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में लोकतंत्र की समझ विकसित करने का प्रयास है। विद्यार्थियों में लोक तांत्रिक मूल्यों, अनुशासन, सहिष्णुता और दूसरों के विचारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के उद्देश्य से महानिदेशक, स्कूल शिक्षा और राज्य परियोजना निदेशक की ओर से प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को आदेश जारी किए गए हैं।
युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को संसद की कार्रवाई और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की प्रक्रियाओं से परिचित कराया जाएगा। इसमें विद्यार्थी सदन की कार्रवाई में भाग लेने, प्रश्न पूछने, उत्तर देने, विचार रखने और विभिन्न सार्वजनिक विषयों पर स्वस्थ और लोकतांत्रिक ढंग से चर्चा करने का अभ्यास करेंगे। प्रतियोगिता के आयोजन के लिए राज्य स्तर पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश को नोडल संस्था बनाया गया है। एससीईआरटी की ओर से आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, अभिमुखीकरण और राज्य स्तर पर समन्वय किया जाएगा।
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वहीं, जनपद स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वह विद्यालयों में आयोजन की कार्ययोजना तैयार कराने के साथ प्रगति की नियमित निगरानी करेंगे। सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर होगी चर्चाः युवा संसद में सामाजिक न्याय, सामाजिक सुधार, आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, ग्रामीण विकास, विद्यार्थी अनुशासन और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे विषयों पर चर्चा की जा सकेगी।
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इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालयों में कार्यक्रम का आयोजन करवाया जाएगा।
पंजीकरण के बाद ही होगी बैठक
विद्यालयों को सबसे पहले राष्ट्रीय युवा संसद योजना के निर्धारित पोर्टल पर किशोर सभा के अंतर्गत पंजीकरण कराना होगा। प्रधानाचार्य की देखरेख में कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। एक युवा संसद में करीब 50 से 55 विद्यार्थी प्रतिभाग कर सकेंगे। इनमें अध्यक्ष, मंत्रिपरिषद, विपक्ष और अन्य संसदीय भूमिकाएं निर्धारित की जाएंगी। विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, उत्तर देने, प्रस्ताव रखने और सदन संचालन का पूर्वाभ्यास भी कराया जाएगा।