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Siddharthnagar News: संस्कृत में वार्ता करेंगे विश्वविद्यालय के छात्र...तीन माह का होगा कोर्स
Tue, 09 Sep 2025 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:10 AM IST
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-संस्कृत विषय से पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को बोलने में बनाया जाएगा दक्ष
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के संस्कृत विषय से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को अब संस्कृत में बातचीत भी करेंगे। इसके लिए उन्हें संस्कृत वार्ता की जानकारी भी दी जाएगी। इससे छात्र-छात्रा आपस में संस्कृत भाषा में बोलना भी सिखेंगे। इसके लिए तीन महीने की खास कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत के संरक्षण व संवर्धन को और भी बेहतर बनाने के लिए इसका संचालन शुरू किया जाएगा। इसके तहत बीए व एमए के छात्र सरल संस्कृत संभाषण की जानकारी लेंगे। संस्कृत भाषा शिक्षण के साथ बोल चाल में आने पर संस्कृत संभाषण सरल, सहज और सुगम होगा। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के प्रभारी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि छात्रों में बोल चाल की भावना को विकसित करने के लिए इसका संचालन किया जाएगा। इससे संस्कृत के प्रमुख किताबों व उसके विशेष गुणों के बारे में जानकारी मिलेगी। संस्कृत भाषा के साथ वार्तालाप होने पर कई खगोलीय जानकारी अन्य संस्कृत शिक्षकों से प्राप्त हो पाएंगी। उन्होंने बताया कि छात्र संस्कृत भाषा में बात करने के लिए, सरल संस्कृत में प्रश्न पूछकर और जवाब देकर बातचीत कर सकते हैं। संस्कृत व्याकरण सीखकर और पढ़कर अपनी शब्दावली भी बढ़ा पाएंगे। विभिन्न संदर्भों में भाषा का उपयोग करने का अभ्यास करके अपनी बोलने की क्षमता विकसित कर पाएंगे।
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बोले छात्र
संस्कृत भाषा में वार्ता करने से व्याकरण का शुद्ध ज्ञान होने के साथ ही उच्चारण भी सही होगा। इससे कोई भी पुस्तक आसानी से पढ़ा व समझा जा सकेगा। संस्कृत भाषा देवभाषा के रूप में भी जानी जाती हैं।
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प्रीती, बीए तृतीय सेमेस्टर
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इस बोल चाल की भाषा शुरू होने से अन्य भाषाओं को समझने में और भी आसानी होगी। जो अन्य भाषाओं को सरल बनाने के साथ ही संस्कृत पुस्तकों में छिपी जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगी।
मोहन स्वरूप मिश्रा, एमए प्रथम सेमेस्टर
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के संस्कृत विषय से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को अब संस्कृत में बातचीत भी करेंगे। इसके लिए उन्हें संस्कृत वार्ता की जानकारी भी दी जाएगी। इससे छात्र-छात्रा आपस में संस्कृत भाषा में बोलना भी सिखेंगे। इसके लिए तीन महीने की खास कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत के संरक्षण व संवर्धन को और भी बेहतर बनाने के लिए इसका संचालन शुरू किया जाएगा। इसके तहत बीए व एमए के छात्र सरल संस्कृत संभाषण की जानकारी लेंगे। संस्कृत भाषा शिक्षण के साथ बोल चाल में आने पर संस्कृत संभाषण सरल, सहज और सुगम होगा। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के प्रभारी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि छात्रों में बोल चाल की भावना को विकसित करने के लिए इसका संचालन किया जाएगा। इससे संस्कृत के प्रमुख किताबों व उसके विशेष गुणों के बारे में जानकारी मिलेगी। संस्कृत भाषा के साथ वार्तालाप होने पर कई खगोलीय जानकारी अन्य संस्कृत शिक्षकों से प्राप्त हो पाएंगी। उन्होंने बताया कि छात्र संस्कृत भाषा में बात करने के लिए, सरल संस्कृत में प्रश्न पूछकर और जवाब देकर बातचीत कर सकते हैं। संस्कृत व्याकरण सीखकर और पढ़कर अपनी शब्दावली भी बढ़ा पाएंगे। विभिन्न संदर्भों में भाषा का उपयोग करने का अभ्यास करके अपनी बोलने की क्षमता विकसित कर पाएंगे।
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बोले छात्र
संस्कृत भाषा में वार्ता करने से व्याकरण का शुद्ध ज्ञान होने के साथ ही उच्चारण भी सही होगा। इससे कोई भी पुस्तक आसानी से पढ़ा व समझा जा सकेगा। संस्कृत भाषा देवभाषा के रूप में भी जानी जाती हैं।
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प्रीती, बीए तृतीय सेमेस्टर
इस बोल चाल की भाषा शुरू होने से अन्य भाषाओं को समझने में और भी आसानी होगी। जो अन्य भाषाओं को सरल बनाने के साथ ही संस्कृत पुस्तकों में छिपी जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगी।
मोहन स्वरूप मिश्रा, एमए प्रथम सेमेस्टर