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Siddharthnagar News: टोल बचाने के लिए दो नंबरी, टूरिस्ट बस के साथ दो दबोचे गए
Wed, 02 Sep 2026 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:49 PM IST
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बढ़नी एसएसबी के गिरफ्त में बस के साथ आरोपी। स्रोत एसएसबी
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- दिल्ली-काठमांडो रूट पर चल रही बस, भारत में घुसते ही नेपाली नंबर गायब और लग जाती थी भारतीय प्लेट
- बढ़नी चेकपोस्ट पर शक हुआ तो दोनों प्लेट बरामद, पूछताछ में टोल बचाने की बात कबूली
ढेबरुआ। भारत-नेपाल सीमा पर दिल्ली-काठमांडो के बीच दौड़ रही दो नंबर प्लेट लगी टूरिस्ट बस बढ़नी चेकपोस्ट जांच के दौरान पकड़ ली गई। शक के आधार पर कागजात जांच में मामले का खुलासा हुआ। भारत में टोल बचाने के लिए बस की नेपाली नंबर प्लेट हटाकर भारतीय लगा दी जाती थी। दोनों नंबर प्लेट मिलने के बाद चालक और सहायक चालक को दबोचने के साथ वाहन को कब्जे में लेकर दोनों को ढेबरुआ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
बस दिल्ली-काठमांडो-दिल्ली के बीच पर्यटकों को लेकर चलती थी। बढ़नी चेकपोस्ट पर भारत से नेपाल जा रही बस को एसएसबी ने नियमित जांच के लिए रोका। पहली नजर में सब सामान्य था लेकिन नंबर प्लेट को लेकर जवानों को कुछ गड़बड़ लगी। इसके बाद बस के दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की गई।
पूछताछ के दौरान चालक कृष्ण प्रसाद थारू निवासी सैना मैना, सालझंडी, जिला रूपनदेही, नेपाल और सहायक चालक सूरज गौड़ से नंबर प्लेट के संबंध में सवाल किए गए। जांच आगे बढ़ी तो बस में एक भारतीय और एक नेपाली नंबर प्लेट मिली। इसके बाद दोनों से गहन पूछताछ की गई। मामला सामने आने के बाद एसएसबी ने बस को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों चालकों से पूछताछ के बाद थाना ढेबरुआ को सूचना दी गई। वाहन और दोनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अब पुलिस दस्तावेजों और नंबर प्लेट बदलने के पूरे मामले की जांच कर रही है।
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चेकिंग के दौरान एसएसबी सहायक कमांडेंट संजय केपी, उप निरीक्षक प्रियंका यादव, सुरेंद्र सिंह, मनीष चौधरी और पंचाल हिरेन समेत अन्य जवान मौजूद रहे।
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भारत में आते ही बदल जाती थी बस की पहचान
- सीमा पार करते ही बस की पहचान बदल जाती थी। नेपाल में नेपाली नंबर और भारत में भारतीय नंबर प्लेट। एसएसबी के अनुसार पूछताछ में दोनों चालकों ने बताया कि भारत में बस चलाते समय टोल प्लाजा पर शुल्क बचाने के लिए नेपाली नंबर प्लेट की जगह भारतीय नंबर प्लेट लगा दी जाती थी। भारत में नेपाली नंबर प्लेट वाले वाहनों पर अपेक्षाकृत अधिक टोल लगने की बात कहकर उन्होंने इस तरीके का इस्तेमाल करने की जानकारी दी। इसी बदलाव के जरिए टोल शुल्क कम करने की कोशिश की जा रही थी।
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सीमा पर वाहनों की पहचान पर बड़ा सवाल
- भारत-नेपाल सीमा पर रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन आते-जाते हैं। ऐसे में एक ही वाहन पर अलग-अलग नंबर प्लेट मिलने की घटना ने सीमा पर वाहनों की पहचान और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसएसबी की कार्रवाई के बाद सीमा से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट और दस्तावेजों की जांच और कड़ी किए जाने की बात सामने आई है।
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- बढ़नी चेकपोस्ट पर शक हुआ तो दोनों प्लेट बरामद, पूछताछ में टोल बचाने की बात कबूली
ढेबरुआ। भारत-नेपाल सीमा पर दिल्ली-काठमांडो के बीच दौड़ रही दो नंबर प्लेट लगी टूरिस्ट बस बढ़नी चेकपोस्ट जांच के दौरान पकड़ ली गई। शक के आधार पर कागजात जांच में मामले का खुलासा हुआ। भारत में टोल बचाने के लिए बस की नेपाली नंबर प्लेट हटाकर भारतीय लगा दी जाती थी। दोनों नंबर प्लेट मिलने के बाद चालक और सहायक चालक को दबोचने के साथ वाहन को कब्जे में लेकर दोनों को ढेबरुआ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
बस दिल्ली-काठमांडो-दिल्ली के बीच पर्यटकों को लेकर चलती थी। बढ़नी चेकपोस्ट पर भारत से नेपाल जा रही बस को एसएसबी ने नियमित जांच के लिए रोका। पहली नजर में सब सामान्य था लेकिन नंबर प्लेट को लेकर जवानों को कुछ गड़बड़ लगी। इसके बाद बस के दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की गई।
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पूछताछ के दौरान चालक कृष्ण प्रसाद थारू निवासी सैना मैना, सालझंडी, जिला रूपनदेही, नेपाल और सहायक चालक सूरज गौड़ से नंबर प्लेट के संबंध में सवाल किए गए। जांच आगे बढ़ी तो बस में एक भारतीय और एक नेपाली नंबर प्लेट मिली। इसके बाद दोनों से गहन पूछताछ की गई। मामला सामने आने के बाद एसएसबी ने बस को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों चालकों से पूछताछ के बाद थाना ढेबरुआ को सूचना दी गई। वाहन और दोनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अब पुलिस दस्तावेजों और नंबर प्लेट बदलने के पूरे मामले की जांच कर रही है।
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चेकिंग के दौरान एसएसबी सहायक कमांडेंट संजय केपी, उप निरीक्षक प्रियंका यादव, सुरेंद्र सिंह, मनीष चौधरी और पंचाल हिरेन समेत अन्य जवान मौजूद रहे।
भारत में आते ही बदल जाती थी बस की पहचान
- सीमा पार करते ही बस की पहचान बदल जाती थी। नेपाल में नेपाली नंबर और भारत में भारतीय नंबर प्लेट। एसएसबी के अनुसार पूछताछ में दोनों चालकों ने बताया कि भारत में बस चलाते समय टोल प्लाजा पर शुल्क बचाने के लिए नेपाली नंबर प्लेट की जगह भारतीय नंबर प्लेट लगा दी जाती थी। भारत में नेपाली नंबर प्लेट वाले वाहनों पर अपेक्षाकृत अधिक टोल लगने की बात कहकर उन्होंने इस तरीके का इस्तेमाल करने की जानकारी दी। इसी बदलाव के जरिए टोल शुल्क कम करने की कोशिश की जा रही थी।
सीमा पर वाहनों की पहचान पर बड़ा सवाल
- भारत-नेपाल सीमा पर रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन आते-जाते हैं। ऐसे में एक ही वाहन पर अलग-अलग नंबर प्लेट मिलने की घटना ने सीमा पर वाहनों की पहचान और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसएसबी की कार्रवाई के बाद सीमा से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट और दस्तावेजों की जांच और कड़ी किए जाने की बात सामने आई है।