{"_id":"68e2b781fd9d8c6c1a008856","slug":"siddharthnagar-news-trend-towards-homeopathy-increases-36-thousand-patients-treated-every-month-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-145897-2025-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: होम्याेपैथी के प्रति बढ़ा रुझान, हर माह 36 हजार मरीजों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: होम्याेपैथी के प्रति बढ़ा रुझान, हर माह 36 हजार मरीजों का इलाज
Sun, 05 Oct 2025 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 05 Oct 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
स्वास्थ्य नारी कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य शिविर में मरीजों से जानकारी लेते डॉ. अजय कुमार। श्रो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो-- किडनी स्टोन, वायरल फीवर, अस्थमा व स्किन रोग के पहुंच रहे सबसे अधिक मरीज
-दवा के साथ मरीजों को दिया जा रहा चिकित्सकीय परामर्श
सिद्धार्थनगर। इन दिनों एलोपैथी की बजाए होम्योपैथी की ओर मरीजों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है। एक माह में होम्योपैथी के सभी चिकित्सालयों में 36 हजार से अधिक मरीजों का इलाज किया गया है। ज्यादातर वायरल बुखार, खुजली, फंगस, कब्ज, किडनी स्टोन और अस्थमा के मरीज पहुंच रहे हैं।
जिले में 21 होम्योपैथी केंद्र संचालित हैं। इनमें चिकित्सक तैनात हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज स्थिति राजकीय होम्योपैथी अस्पताल में रोजाना 80 से 90 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। इन दिनों होम्योपैथिक विभाग के पास पथरी, पुराना पेट दर्द, घुटनों का दर्द, छींके आना, वायरल बुखार, फंगस, मुंह व गले में छाले सहित अन्य बीमारियों के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वर्तमान समय में वायरल के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं।
बीते अगस्त माह में 36,424 मरीजों का उपचार किया गया था। वहीं सितंबर माह में भी लगभग यही आंकड़ा है जबकि अक्तूबर माह में अब तक करीब दो हजार मरीजों का उपचार किया गया है। ज्यादातर मरीज पथरी, पुराना पेट दर्द, घुटनों का दर्द, वायरल बुखार, फंगस आदि के आ रहे हैं।
विज्ञापन
-- -- --
चर्म रोगों में अधिक लाभकारी होम्योपैथी
होम्योपैथिक विशेषज्ञ ने बताया कि स्किन एलर्जी, सोरायसिस, पिग्मेंटेशन, हेयर फॉल और फंगल इंफेक्शन जैसे मामलों में होम्योपैथिक दवाएं बेहद कारगर साबित हो रही हैं। जो लगातार इलाज से लाभान्वित हो रहे हैं। जिले में होम्योपैथिक चिकित्सा लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में यह प्रणाली ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य का एक भरोसेमंद विकल्प बन रही है। विभाग की ओर से निशुल्क दवाएं और गुणवत्तापूर्ण उपचार सरकारी होम्योपैथिक केंद्रों पर तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। आम लोगों को आयुष प्रणाली की ओर आकर्षित करने के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।
- डॉ. अजय कुमार, जिला आयुष अधिकारी
-- -- -- --
विज्ञापन
-दवा के साथ मरीजों को दिया जा रहा चिकित्सकीय परामर्श
सिद्धार्थनगर। इन दिनों एलोपैथी की बजाए होम्योपैथी की ओर मरीजों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है। एक माह में होम्योपैथी के सभी चिकित्सालयों में 36 हजार से अधिक मरीजों का इलाज किया गया है। ज्यादातर वायरल बुखार, खुजली, फंगस, कब्ज, किडनी स्टोन और अस्थमा के मरीज पहुंच रहे हैं।
जिले में 21 होम्योपैथी केंद्र संचालित हैं। इनमें चिकित्सक तैनात हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज स्थिति राजकीय होम्योपैथी अस्पताल में रोजाना 80 से 90 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। इन दिनों होम्योपैथिक विभाग के पास पथरी, पुराना पेट दर्द, घुटनों का दर्द, छींके आना, वायरल बुखार, फंगस, मुंह व गले में छाले सहित अन्य बीमारियों के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वर्तमान समय में वायरल के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं।
विज्ञापन
बीते अगस्त माह में 36,424 मरीजों का उपचार किया गया था। वहीं सितंबर माह में भी लगभग यही आंकड़ा है जबकि अक्तूबर माह में अब तक करीब दो हजार मरीजों का उपचार किया गया है। ज्यादातर मरीज पथरी, पुराना पेट दर्द, घुटनों का दर्द, वायरल बुखार, फंगस आदि के आ रहे हैं।
विज्ञापन
चर्म रोगों में अधिक लाभकारी होम्योपैथी
होम्योपैथिक विशेषज्ञ ने बताया कि स्किन एलर्जी, सोरायसिस, पिग्मेंटेशन, हेयर फॉल और फंगल इंफेक्शन जैसे मामलों में होम्योपैथिक दवाएं बेहद कारगर साबित हो रही हैं। जो लगातार इलाज से लाभान्वित हो रहे हैं। जिले में होम्योपैथिक चिकित्सा लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में यह प्रणाली ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य का एक भरोसेमंद विकल्प बन रही है। विभाग की ओर से निशुल्क दवाएं और गुणवत्तापूर्ण उपचार सरकारी होम्योपैथिक केंद्रों पर तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। आम लोगों को आयुष प्रणाली की ओर आकर्षित करने के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।
- डॉ. अजय कुमार, जिला आयुष अधिकारी