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Siddharthnagar News: तराई में फिर बदला मौसम, घने कोहरे की चेतावनी
Fri, 30 Jan 2026 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:51 PM IST
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शहर के अशोक मार्ग पर ठंड में ठिठुरते हुए जाती महिलाएं। संवाद
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर और पूरे तराई क्षेत्र में इस सप्ताह मौसम पूरी तरह अस्थिर रहने वाला है। राज्य मौसम विभाग ने शुक्रवार को घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। कोहरे के कारण सड़क मार्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पूरे हफ्ते छिटपुट बादल छाए रहेंगे। वहीं, तीन फरवरी को गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम के कारण किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के मौसम विशेषज्ञ डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अचानक मौसम में बदलाव और बारिश की संभावनाओं को देखते हुए, किसानों और नागरिकों को अतिरिक्त सतर्क रहना अनिवार्य है।
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डॉ. मिश्र ने स्पष्ट किया कि तराई क्षेत्र में घने कोहरे के कारण सुबह और देर रात के समय दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए सड़क मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. बीआर मौर्य ने कहा कि यह मौसम गेहूं, चना, मटर और सरसों जैसी फसलों के लिए लाभकारी है। हल्की बारिश और नमी से फसलों की वृद्धि और उत्पादन में सुधार होगा। यदि बारिश अत्यधिक हुई तो सब्जियों और अन्य संवेदनशील फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्हें फसल सुरक्षा, सिंचाई और कीट नियंत्रण के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पूरे हफ्ते छिटपुट बादल छाए रहेंगे। वहीं, तीन फरवरी को गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम के कारण किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के मौसम विशेषज्ञ डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अचानक मौसम में बदलाव और बारिश की संभावनाओं को देखते हुए, किसानों और नागरिकों को अतिरिक्त सतर्क रहना अनिवार्य है।
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डॉ. मिश्र ने स्पष्ट किया कि तराई क्षेत्र में घने कोहरे के कारण सुबह और देर रात के समय दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए सड़क मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. बीआर मौर्य ने कहा कि यह मौसम गेहूं, चना, मटर और सरसों जैसी फसलों के लिए लाभकारी है। हल्की बारिश और नमी से फसलों की वृद्धि और उत्पादन में सुधार होगा। यदि बारिश अत्यधिक हुई तो सब्जियों और अन्य संवेदनशील फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्हें फसल सुरक्षा, सिंचाई और कीट नियंत्रण के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे।