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Siddharthnagar News: 120 गांव से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे... दिल्ली का सफर होगा आसान
Mon, 15 Dec 2025 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 15 Dec 2025 11:52 PM IST
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खेसरहा क्षेत्र के गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे बनाने के लिए जमीन का हुआ चिन्हकन। संवाद
सिद्धार्थनगर। पानीपत-गोरखपुर एक्सेस कंट्रोल्ड हाईस्पीड काॅरिडोर (एक्सप्रेस-वे) जिले से होकर गुजरेगा। इसके लिए बांसी तहसील के 27 गांवों में 110 मीटर चौड़ाई में भूमि का सर्वे किया गया है। इसके तहत एनएचएआई ने खेसरहा क्षेत्र में सर्वे कर कई गांवों के खेतों में झंडियां भी लगा दी हैं। यहां से दोनों तरफ 55-55 मीटर भूमि को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत किया जाएगा।
एक्सप्रेसवे जिले के बांसी, डुमरियागंज व इटवा तहसील क्षेत्र के 120 गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे लोगों का सड़क मार्ग से देश की राजधानी दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा।
पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे गोरखपुर-बस्ती मंडल के चार जिलों कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीर नगर व सिद्धार्थनगर से होकर गुजरेगा। सर्वे के अनुसार अलाइनमेंट तय कर लिया गया है। हालांकि, एनएचएआई मुख्यालय से गांवों की सूची प्राप्त नहीं हुई है। गांवों की सूची मिलते ही राजस्व मानचित्र के अनुसार जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। एनएचएआई की ओर से भेजे पत्र के अनुसार यह एक्सप्रेसवे जिले के बांसी, डुमरियागंज व इटवा तहसीलों से गुजरेगा। गांवों की सूची प्राप्त होने के बाद पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट होगी कि किस जिले में एक्सप्रेसवे की लंबाई कितनी होगी। पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का अलाइनमेंट तय होने के बाद एनएचएआई ने कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। एनएचएआई अधिकारियों ने चारों जिले के जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर पानीपत एक्सप्रस-वे निर्माण के लिए भू-अधिग्रहण अधिकारी नियुक्त करने की सिफारिश की है जबकि गांवों की सूची उपलब्ध होते ही जिला प्रशासन से संबंधित गांवों का राजस्व मानचित्र मांगा जाएगा। उसके बाद सर्वे में पता चलेगा कि किस काश्तकार की कितनी जमीन का अधिग्रहण होगा। खेसरहा क्षेत्र के बरैनिया गांव निवासी श्रीमती का कहना है कि उनके खेत में झंडी लगाई गई है, पता चला है कि सड़क निर्माण के लिए जल्द ही भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। बांसी तहसील के इन गांवों में हुआ है सर्वे: गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए बांसी तहसील के भूपतजोत, कोटिया, मंझरिया, छितही, सिकरी पकड़िया, बरैनिया, सरैनिया, पिपरा दोयम, मकइचा और मुड़हरा समेत 27 गांवों में सर्वे कार्य हुआ है। यहां के किसानों के खेतों में झंडी लगाकर भूमि का चिह्नांकन किया गया है। एनएचएआई के अधिकारियों ने जहां पर खेत में झंडी लगाई है, वहां से दोनों तरफ की भूमि का अधिग्रहण करने की योजना है।
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वहीं कुछ स्थानों पर बागों में स्थित पेड़ों में पेंट लगाकर भूमि का चिह्नांकन किया गया है। किसानों का कहना था कि गांव के पास से एक्सप्रेस-वे के गुजरने से उन्हें आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
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एक्सप्रेसवे जिले के बांसी, डुमरियागंज व इटवा तहसील क्षेत्र के 120 गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे लोगों का सड़क मार्ग से देश की राजधानी दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा।
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पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे गोरखपुर-बस्ती मंडल के चार जिलों कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीर नगर व सिद्धार्थनगर से होकर गुजरेगा। सर्वे के अनुसार अलाइनमेंट तय कर लिया गया है। हालांकि, एनएचएआई मुख्यालय से गांवों की सूची प्राप्त नहीं हुई है। गांवों की सूची मिलते ही राजस्व मानचित्र के अनुसार जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। एनएचएआई की ओर से भेजे पत्र के अनुसार यह एक्सप्रेसवे जिले के बांसी, डुमरियागंज व इटवा तहसीलों से गुजरेगा। गांवों की सूची प्राप्त होने के बाद पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट होगी कि किस जिले में एक्सप्रेसवे की लंबाई कितनी होगी। पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का अलाइनमेंट तय होने के बाद एनएचएआई ने कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। एनएचएआई अधिकारियों ने चारों जिले के जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर पानीपत एक्सप्रस-वे निर्माण के लिए भू-अधिग्रहण अधिकारी नियुक्त करने की सिफारिश की है जबकि गांवों की सूची उपलब्ध होते ही जिला प्रशासन से संबंधित गांवों का राजस्व मानचित्र मांगा जाएगा। उसके बाद सर्वे में पता चलेगा कि किस काश्तकार की कितनी जमीन का अधिग्रहण होगा। खेसरहा क्षेत्र के बरैनिया गांव निवासी श्रीमती का कहना है कि उनके खेत में झंडी लगाई गई है, पता चला है कि सड़क निर्माण के लिए जल्द ही भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। बांसी तहसील के इन गांवों में हुआ है सर्वे: गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए बांसी तहसील के भूपतजोत, कोटिया, मंझरिया, छितही, सिकरी पकड़िया, बरैनिया, सरैनिया, पिपरा दोयम, मकइचा और मुड़हरा समेत 27 गांवों में सर्वे कार्य हुआ है। यहां के किसानों के खेतों में झंडी लगाकर भूमि का चिह्नांकन किया गया है। एनएचएआई के अधिकारियों ने जहां पर खेत में झंडी लगाई है, वहां से दोनों तरफ की भूमि का अधिग्रहण करने की योजना है।
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वहीं कुछ स्थानों पर बागों में स्थित पेड़ों में पेंट लगाकर भूमि का चिह्नांकन किया गया है। किसानों का कहना था कि गांव के पास से एक्सप्रेस-वे के गुजरने से उन्हें आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।