फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Siddharthnagar News: The drug syndicate is long... exchange takes place through a setting

Siddharthnagar News: मादक पदार्थ का लंबा है सिंडिकेट... सेटिंग से होता है आदान-प्रदान

Sun, 28 Sep 2025 06:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 28 Sep 2025 06:26 AM IST
विज्ञापन
Siddharthnagar News: The drug syndicate is long... exchange takes place through a setting
- खुनुवां बॉर्डर पर नेपाल से दिल्ली जा रही बस में 14 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत का पकड़ा गया है गांजा
विज्ञापन

- नेपाल मौजूदा समय में बन चुका है मादक पदार्थ तस्करी का केंद्र
- थाईलैंड के तस्कर भारतीयों को बना रहे कैरियर, रुपये का लालच देकर करा रहे सप्लाई
सिद्धार्थनगर। नेपाल अब मादक पदार्थ की तस्करी का केंद्र बन गया है। दो इलेक्ट्रिक गीजर में छोटे-छोटे 142 पैकेट में रखे कुल 14 किलोग्राम 376 ग्राम हाईब्रिड मारिजुआना गांजा खुनुंवा में काठमांडू से दिल्ली जा रही बस से बरामद हुआ। सूत्रों की मानें तो थाईलैंड के तस्करों ने नेपाल में पांव जमा रखा है। नेपाल में मादक पदार्थ का लंबा सिंडिकेट है और सेटिंग से आदान-प्रदान का धंधा संचालित हो रहा है। नेपाल घूमने के लिए जाने वाले शौकीनों को रुपये की लालच देकर कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। केरल के युवकों के नेपाल से आने वाली बस में गांजा के साथ पकड़े जाने के पीछे यही लिंक मिला है। बॉर्डर तक इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ के पहुंचने के मामले में नेपाल की खूफिया एजेंसियां भी ट्रैवल हिस्ट्री की जांच में लग गई है।
नेपाल से जुड़े सूत्रों की मानें तो तस्करी में जो भारतीय पकड़े जा रहे हैं या फिर शामिल हैं। इन्हें नेपाल में ही फंसाया जा रहा है। होटल और कैसीनो या फिर घूमने जाने वाले स्थानों पर तस्करों का सिंडिकेट फैला है। इसमें विदेश के तस्कर या फिर अवैध गतिविधि में लिप्त लोग इनसे मेलजोल बढ़ाते हैं और उनका नंबर लेते हैं। रुपये कमाने का प्रलोभन देते हैं। रुपये के लालच में फंस युवा उनके लिए कैरियर के रूप में काम करने लगते हैं। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि थाईलैंड में बैठे तस्कर अक्सर भारतीय नागरिकों को रुपये की लालच में कैरियर के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं, क्योंकि नेपाल में थाई गांजा की खपत बहुत कम और महंगा होने के कारण नशेबाज कम इस्तेमाल करते हैं। भारत के तमाम बड़े शहरों में मारिजुआना की बढ़ती मांग और मुनाफा मिलने से धंधेबाजों की यह पहली पसंद है।
विज्ञापन

17 को मलेशिया गए थे तस्कर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केरल के जनपद कोझीकोट निवासी मोहम्मद एहतेशाम व मोहम्मद राशिद जनपद मल्लपुरम 17 सितंबर को हैदराबाद से हवाई मार्ग से मलेशिया गए और दो से तीन दिन मलेशिया में रुकने के बाद थाईलैंड गए 22/23 सितंबर को थाई एयरवेज से नेपाल के काठमांडू त्रिभुवन एयरपोर्ट पर पहुंचे। इसके बाद काठमांडू से यात्री बस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। 25 सितंबर को पकड़े गए। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्हें डिलिवरी के लिए बुलाया गया था। पूरी योजना के तहत वह निकले थे। सबकुछ सही था, लेकिन जांच एजेंसी की पकड़ में आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
मोबाइल नंबर से करते हैं ऑनलाइन कॉल
नेपाल के पूर्व सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक नेपाल में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें भारतीय नागरिकों को पकड़ा गया है। इसमें मादक पदार्थ से लेकर कई प्रकार की तस्करी में उनका प्रयोग किया जाता है। कुछ लोगों को नेपाल में मिलने के दौरान लालच देकर फंसा लिया गया। वहीं, एक नया ट्रेंड सामने आया था कि हर राज्य का नंबर उठा लेते हैं। इसके बाद ऑनलाइन कॉल करके झांसा में लेते हैं। इसके बाद उन्हें रुपये कमाने के लिए प्रेरित करते हैं। बकायदा किराया, होटल सारी सुविधा देकर बुलाते हैं। कुछ मामले में पकड़े गए भारतीय से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह कैसे फंसे हैं।
---
इसलिए पकड़ में आते हैं तस्कर
एक्स-रे स्कैन में मशीनरी का भ्रम, गीजर में पहले से ही तार, कॉइल, हीटर, टैंक और थर्मल इंसुलेशन जैसे हिस्से होते हैं। छोटे पैकेट मशीन में धातु और वायरिंग के बीच भ्रमित छवि पैदा कर सकते हैं। स्कैनर ऑपरेटर को यह सामान्य पार्ट्स की तरह दिख सकता है। वहीं, मारिजुआना की कम घनत्व वाली प्रकृति गांजा या हाइब्रिड मारिजुआना का घनत्व कम होता है। यह लकड़ी, कागज या प्लास्टिक जैसी हल्की चीजों जैसा दिखाई दे सकता है। इसलिए धातु के बीच छुपाने से यह अलग से चमककर नहीं दिखता। यदि बड़ी मात्रा को एक ही जगह रखा जाता, तो असामान्य घनत्व का ब्लॉक स्पष्ट दिखता। लेकिन छोटे–छोटे पैकेट फैलाकर रखने से वे मशीनरी के हिस्सों में घुलमिल जाते हैं। नेपाल में चेकिंग करने के लिए अच्छी क्वालिटी की जांच मशीन न होने के कारण पकड़ में नहीं आता है। यह वजह थी कि काठमांडू से बाॅर्डर तक पहुंच गया जबकि कई लेयर में जांच होती है।
---

1132 मामले दर्ज, 1675 हुए गिरफ्तार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण प्रसाद कोइराला ने बताया कि वर्ष 2024-25 में थाईलैंड से नेपाल के रास्ते भारत में मारिजुआना की तस्करी पता लगाया है। ब्यूरो ने इसी वित्तीय वर्ष में 207 किलोग्राम मारिजुआना, 18 किलोग्राम 919 ग्राम कोकीन 25 किलोग्राम 237 ग्राम हेरोइन, 28 किलोग्राम अफीम और 272 ग्राम एंफैटेमिन जब्त किया है। ऐसे मामलों में 1132 मामले दर्ज किए गए और 1675 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 302 भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी की गई है। भारतीय क्षेत्र में पकड़े गए तस्करों की ट्रैवल हिस्ट्री की जांच की जा रही है, कहां से चूक हुई और सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।

---
बाेले जिम्मेदार
खुनुवां बाॅर्डर पर काठमांडू की बस में पकड़ गए गांजा के मामले में कस्टम की ओर से कार्रवाई की गई है। बाॅर्डर पर नियमित जांच की जाती है, पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाती है। बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसी अलर्ट मोड में है।
- पवीन प्रकाश, सीओ, शोहरतगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed