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Siddharthnagar News: मेहनत का रंग या काली कमाई...चांदी की चमक ने चिंता बढ़ाई
Thu, 23 Oct 2025 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 23 Oct 2025 11:11 PM IST
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एसएसबी की गिरफ्त में चांदी व पीली धातु के साथ आरोपी। फाइल फोटो
सिद्धार्थनगर। आभूषण के दाम में तेजी के बीच खुनुवां बॉर्डर पर सोना-चांदी और 3.80 लाख रुपये भारतीय मुद्रा के साथ पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसी चौकन्ना हो गईं हैं। पकड़े गए नेपाली नागरिक को पूछताछ के बाद बरामद नकदी, आभूषण को जब्त करने के साथ ही मुचलके पर उसे छोड़ दिया गया है।
वहीं, एजेंसी चांदी के कनेक्शन को जांचेगी कि तस्करी या फिर खुद की कमाई का है। पकड़े गए आरोपी ने यह जानकारी दी है कि यह सभी उसने दिल्ली में कमाया है। इसकी असलियत जानने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला तस्करी का है या फिर कमाई करके जुटा था। अगर जुटाया भी था इतनी भारतीय मुद्रा और सोना-चांदी लेकर जाना अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल एजेंसी ने कई पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
पहले आगरा से जुड़ा चांदी का कनेक्शन : बाॅर्डर से चांदी की तस्करी का कनेक्शन का यूपी के आगरा की मंडी से जुड़ा रहा है। 95 किलो चांदी के साथ पकड़े गए कारोबारियों से पूछताछ में निकलकर आया था कि नेपाल चांदी उठाते हैं, इसमें किसी प्रकार का मिलावट नहीं होती है। एक तो 100 प्रतिशत सही और दूसरे बिना किसी टैक्स के माल बाहर आ जाता है। उसी का आभूषण बनाकर छोटे-छोटे कारोबारियों के जरिये नेपाल में भेज दिया जाता है। जोड़ तोड़ में इसमें कुछ मिलावट भी हो जाती है। नेपाल में जेवर बनाने का चार्ज अधिक है, इसलिए यह काम होता है।
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इसके अलावा कई अन्य मामले में 10 किलो, 15 किलो और 20 किलो तक चांदी के साथ पकड़े गए तस्करों से जानकारी मिली की चांदी शुद्ध है और टैक्स का झंझट नहीं है, इसलिए नेपाल से लाते हैं। आभूषण बनाने के बाद गांव में देहात में बेच दिया जाता है। क्योंकि, वहां ग्राहक को रसीद और बिल से कोई मतलब नहीं रहता है, इसलिए इसकी तस्करी की जाती है। ककरहवा बाॅर्डर चांदी तस्करी के लिए लांचिंग प्वाइंट के रूप में माना जाता रहा। इसके बाद खुनुवां और बढ़नी बाॅर्डर से भी तस्करी की बातें सामने आ चुकी हैं।
मुचलके पर छोड़ा गया संदिग्ध, सारा सामान जब्त : शोहरतगढ़। खुनुवां बाॅर्डर पर बुधवार सुबह एसएसबी 43वीं वाहनी और पुलिस की संयुक्त टीम ने नेपाल के रूपनदेही जिले के सैना-मैना नगर पालिका-11 थाना सालझंडी निवासी नारायण प्रसाद घिमिरे के पास से 3.80 लाख भारतीय मुद्रा, पांच किलो चांदी के सिक्के और 57 ग्राम पीली धातु बरामद की थी। घिमिरे के पास भारतीय आधार, पैन कार्ड और नेपाली नागरिकता और मतदाता पहचान पत्र भी मिले थे।
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में दोहरी नागरिकता, विदेशी मुद्रा और भारतीय चांदी-सोना भारी मात्रा लेकर जाने के अधिनियम में कार्रवाई करने के लिए खुनुवां कस्टम को सुपुर्द कर दिया था। कस्टम ने नकदी रुपये, चांदी सिक्के और पीला धातु ( सोना) को जब्त कर नारायण प्रसाद घिमिरे को मुचलके पर छोड़ दिया है। खुनुवां चौकी इंचार्ज वीरेंद्र पासवान नेबताया कि नारायण प्रसाद घिमिरे के बारे में दिल्ली के न्यू मंडोली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्रवीण गोयल की स्क्रैप कंपनी के बारे में फोन पर बातचीत हुई। कंपनी के मालिक ने बताया कि यह लगभग आठ वर्षों से वहा कार्यरत है। इसके सिलसिले से जहां यह रहता है, वहां से आठ लोग काम करते हैं।
नारायण प्रसाद घिमिरे दीपावली के दिन नेपाल में भैया टीका मनाने के लिए निकला तो इसके साथ काम करने वाले अपने परिवार को अपनी-अपनी सैलरी दी। इसने भी जो कई सालों इकट्ठा किया था। स्क्रैप की छटाई कर चांदी और पीली धातु इकट्ठी की थी। उसी को लेकर घर जा रहा था।
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वहीं, एजेंसी चांदी के कनेक्शन को जांचेगी कि तस्करी या फिर खुद की कमाई का है। पकड़े गए आरोपी ने यह जानकारी दी है कि यह सभी उसने दिल्ली में कमाया है। इसकी असलियत जानने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला तस्करी का है या फिर कमाई करके जुटा था। अगर जुटाया भी था इतनी भारतीय मुद्रा और सोना-चांदी लेकर जाना अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल एजेंसी ने कई पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
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पहले आगरा से जुड़ा चांदी का कनेक्शन : बाॅर्डर से चांदी की तस्करी का कनेक्शन का यूपी के आगरा की मंडी से जुड़ा रहा है। 95 किलो चांदी के साथ पकड़े गए कारोबारियों से पूछताछ में निकलकर आया था कि नेपाल चांदी उठाते हैं, इसमें किसी प्रकार का मिलावट नहीं होती है। एक तो 100 प्रतिशत सही और दूसरे बिना किसी टैक्स के माल बाहर आ जाता है। उसी का आभूषण बनाकर छोटे-छोटे कारोबारियों के जरिये नेपाल में भेज दिया जाता है। जोड़ तोड़ में इसमें कुछ मिलावट भी हो जाती है। नेपाल में जेवर बनाने का चार्ज अधिक है, इसलिए यह काम होता है।
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इसके अलावा कई अन्य मामले में 10 किलो, 15 किलो और 20 किलो तक चांदी के साथ पकड़े गए तस्करों से जानकारी मिली की चांदी शुद्ध है और टैक्स का झंझट नहीं है, इसलिए नेपाल से लाते हैं। आभूषण बनाने के बाद गांव में देहात में बेच दिया जाता है। क्योंकि, वहां ग्राहक को रसीद और बिल से कोई मतलब नहीं रहता है, इसलिए इसकी तस्करी की जाती है। ककरहवा बाॅर्डर चांदी तस्करी के लिए लांचिंग प्वाइंट के रूप में माना जाता रहा। इसके बाद खुनुवां और बढ़नी बाॅर्डर से भी तस्करी की बातें सामने आ चुकी हैं।
मुचलके पर छोड़ा गया संदिग्ध, सारा सामान जब्त : शोहरतगढ़। खुनुवां बाॅर्डर पर बुधवार सुबह एसएसबी 43वीं वाहनी और पुलिस की संयुक्त टीम ने नेपाल के रूपनदेही जिले के सैना-मैना नगर पालिका-11 थाना सालझंडी निवासी नारायण प्रसाद घिमिरे के पास से 3.80 लाख भारतीय मुद्रा, पांच किलो चांदी के सिक्के और 57 ग्राम पीली धातु बरामद की थी। घिमिरे के पास भारतीय आधार, पैन कार्ड और नेपाली नागरिकता और मतदाता पहचान पत्र भी मिले थे।
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में दोहरी नागरिकता, विदेशी मुद्रा और भारतीय चांदी-सोना भारी मात्रा लेकर जाने के अधिनियम में कार्रवाई करने के लिए खुनुवां कस्टम को सुपुर्द कर दिया था। कस्टम ने नकदी रुपये, चांदी सिक्के और पीला धातु ( सोना) को जब्त कर नारायण प्रसाद घिमिरे को मुचलके पर छोड़ दिया है। खुनुवां चौकी इंचार्ज वीरेंद्र पासवान नेबताया कि नारायण प्रसाद घिमिरे के बारे में दिल्ली के न्यू मंडोली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्रवीण गोयल की स्क्रैप कंपनी के बारे में फोन पर बातचीत हुई। कंपनी के मालिक ने बताया कि यह लगभग आठ वर्षों से वहा कार्यरत है। इसके सिलसिले से जहां यह रहता है, वहां से आठ लोग काम करते हैं।
नारायण प्रसाद घिमिरे दीपावली के दिन नेपाल में भैया टीका मनाने के लिए निकला तो इसके साथ काम करने वाले अपने परिवार को अपनी-अपनी सैलरी दी। इसने भी जो कई सालों इकट्ठा किया था। स्क्रैप की छटाई कर चांदी और पीली धातु इकट्ठी की थी। उसी को लेकर घर जा रहा था।