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Siddharthnagar News: जमीन उपलब्धता पर्याप्त, यात्री सुविधाओं की दरकार
Tue, 04 Aug 2026 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 04 Aug 2026 12:07 AM IST
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: उसका बाजार स्टेशन पर रेलवे की दो सौ बीघा से अधिक खाली भूमि उपलब्ध
: लोगों ने किया यात्री सुविधा के साथ यहां रेलवे व्यवसायिक केंद्र खोलने की मांग
उसका बाजार। अंग्रेजी हुकूमत में स्थापित हुए जिले के उसका बाजार स्टेशन के पास रेलवे की तीन सौ बीघा में दो सौ बीघा से अधिक भूमि खाली पड़ी है। रेलवे के पास गोरखपुर से गोंडा के बीच किसी भी स्टेशन पर इतनी भूमि उपलब्ध नहीं है लेकिन यहां यात्री सुविधाओं का अभाव है। वहीं स्थानीय लोगों ने स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विकास के साथ ही यहां पर रेलवे की ओर से व्यवसायिक केंद्र स्थापित करने की मांग की है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन सुविधा के साथ ही व्यवसायिक गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
कूड़ा नदी के तट पर बसा उसका बाजार ब्रिटिश शासन में व्यापार का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। व्यापार में सुगमता के लिए अंग्रेजों ने रेलमार्ग को चुना था। रेलमार्ग से ही यहां का कालानमक चावल व अन्य अनाज और चमड़ा कोलकाता फिर वहां से इंग्लैंड जाता था। अंग्रेजों ने 1885 में गोरखपुर से उसका तक रेलवे ट्रैक बिछा दिया और व्यापार करने लगे। इस तरह उसका बाजार रेलवे की सुविधा से जुड़ने वाला इस जनपद का पहला स्टेशन बना।
रेलवे के आने से व्यावसायिक गतिविधि बढ़ी। यहां से माल की बुकिंग और अन्य कच्चा माल बाहर से मंगाया जाने लगा इस कारण से उसका बाजार का काफी विकास हुआ था। रेलवे की यहां पर खाली जमीन पर कुछ लोगों ने रेलवे द्वारा तेल डिपो बनाने की मांग है। मनीष अग्रहरि ने कहा कि उसका बाजार कई गांवों और छोटे-छोटे कस्बों का केंद्र है अगर यहां रेलवे व्यावसायिक केंद्र खोला जाए। कस्बा निवासी मनोज कुमार साहनी व रिंकू अग्रहरि ने कहा कि उसका बाजार के ऐतिहासिक महत्व को बरकरार रखने के लिए यहां की रेलवे की जमीन में बुनियादी सुविधा को बनाना होगा, जो यहां के लोगों रोजगार उपलब्ध कराएगा।
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खाली जमीन की रेलवे ने कराई है बाउंड्रीवाॅल
अंग्रेजी हुकूमत में गोरखपुर से उसका बाजार तक आने वाली ट्रेनें वहीं से वापस लौटती थी, इसके लिए स्टेशन के पास रेलवे द्वारा तीन सौ से अधिक बीघा भूमि अधिग्रहीत की गई थी। बाद में इसके आगे रेलवे लाइन का विस्तार होने के बाद उसका रेलवे स्टेशन पर दो सौ से अधिक बीघा भूमि खाली पड़ी है। वर्तमान में कई जगह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के चलते रेलवे ने यहां बाउंड्रीवाॅल करा दिया है। अब स्थानीय लोग इस भूमि का व्यवसायिक उपयोग करने की मांग कर रहे है।
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उसका स्टेशन खाली पड़े रेलवे भूमि पर यात्री सुविधाओं के विकास के साथ ही रेलवे की ओर से ऐसे प्रोजेक्ट लगाने चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।
- श्रीधर पांडेय, उसका बाजार
उसका में रेलवे की खाली जमीन पर विभाग की ओर से तेल डिपो अथवा व्यवसायिक केंद्र स्थापित होने से लोगों को रोजगार के लिए यहां से पलायन नहीं करना पड़ेगा।
- सूरज मोदनवाल, उसका बाजार
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: लोगों ने किया यात्री सुविधा के साथ यहां रेलवे व्यवसायिक केंद्र खोलने की मांग
उसका बाजार। अंग्रेजी हुकूमत में स्थापित हुए जिले के उसका बाजार स्टेशन के पास रेलवे की तीन सौ बीघा में दो सौ बीघा से अधिक भूमि खाली पड़ी है। रेलवे के पास गोरखपुर से गोंडा के बीच किसी भी स्टेशन पर इतनी भूमि उपलब्ध नहीं है लेकिन यहां यात्री सुविधाओं का अभाव है। वहीं स्थानीय लोगों ने स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विकास के साथ ही यहां पर रेलवे की ओर से व्यवसायिक केंद्र स्थापित करने की मांग की है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन सुविधा के साथ ही व्यवसायिक गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
कूड़ा नदी के तट पर बसा उसका बाजार ब्रिटिश शासन में व्यापार का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। व्यापार में सुगमता के लिए अंग्रेजों ने रेलमार्ग को चुना था। रेलमार्ग से ही यहां का कालानमक चावल व अन्य अनाज और चमड़ा कोलकाता फिर वहां से इंग्लैंड जाता था। अंग्रेजों ने 1885 में गोरखपुर से उसका तक रेलवे ट्रैक बिछा दिया और व्यापार करने लगे। इस तरह उसका बाजार रेलवे की सुविधा से जुड़ने वाला इस जनपद का पहला स्टेशन बना।
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रेलवे के आने से व्यावसायिक गतिविधि बढ़ी। यहां से माल की बुकिंग और अन्य कच्चा माल बाहर से मंगाया जाने लगा इस कारण से उसका बाजार का काफी विकास हुआ था। रेलवे की यहां पर खाली जमीन पर कुछ लोगों ने रेलवे द्वारा तेल डिपो बनाने की मांग है। मनीष अग्रहरि ने कहा कि उसका बाजार कई गांवों और छोटे-छोटे कस्बों का केंद्र है अगर यहां रेलवे व्यावसायिक केंद्र खोला जाए। कस्बा निवासी मनोज कुमार साहनी व रिंकू अग्रहरि ने कहा कि उसका बाजार के ऐतिहासिक महत्व को बरकरार रखने के लिए यहां की रेलवे की जमीन में बुनियादी सुविधा को बनाना होगा, जो यहां के लोगों रोजगार उपलब्ध कराएगा।
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खाली जमीन की रेलवे ने कराई है बाउंड्रीवाॅल
अंग्रेजी हुकूमत में गोरखपुर से उसका बाजार तक आने वाली ट्रेनें वहीं से वापस लौटती थी, इसके लिए स्टेशन के पास रेलवे द्वारा तीन सौ से अधिक बीघा भूमि अधिग्रहीत की गई थी। बाद में इसके आगे रेलवे लाइन का विस्तार होने के बाद उसका रेलवे स्टेशन पर दो सौ से अधिक बीघा भूमि खाली पड़ी है। वर्तमान में कई जगह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के चलते रेलवे ने यहां बाउंड्रीवाॅल करा दिया है। अब स्थानीय लोग इस भूमि का व्यवसायिक उपयोग करने की मांग कर रहे है।
उसका स्टेशन खाली पड़े रेलवे भूमि पर यात्री सुविधाओं के विकास के साथ ही रेलवे की ओर से ऐसे प्रोजेक्ट लगाने चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।
- श्रीधर पांडेय, उसका बाजार
उसका में रेलवे की खाली जमीन पर विभाग की ओर से तेल डिपो अथवा व्यवसायिक केंद्र स्थापित होने से लोगों को रोजगार के लिए यहां से पलायन नहीं करना पड़ेगा।
- सूरज मोदनवाल, उसका बाजार