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Siddharthnagar News: संघर्ष और मेहनत से वॉलीबाल में चमकीं बढ़नी की रिया
Sun, 11 Oct 2026 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 11 Oct 2026 11:02 PM IST
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- जागृति स्पोर्टिंग क्लब से शुरू किया सफर, एशियन चैंपियनशिप में भारतीय टीम के साथ जीता रजत पदक
- खेल के जुनून ने दिलाई पहचान, खेल कोटे से पूर्वोत्तर रेलवे में चयन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर दिखा रहीं दमखम
संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़नी। सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने का जुनून हो तो छोटे शहर की गलियों से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है। नगर पंचायत बढ़नी के लोहिया नगर की रिया श्रीवास्तव ने अपनी मेहनत और लगन से इसे साबित किया है। कभी स्थानीय जागृति स्पोर्टिंग क्लब में वॉलीबाल की बारीकियां सीखने वाली रिया आज पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर में कार्यरत हैं और राष्ट्रीय स्तर पर रेलवे की टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वर्ष 2018 में अंडर-17 एशियन महिला वॉलीबाल चैंपियनशिप में भारतीय टीम के साथ रजत पदक जीतकर उन्होंने क्षेत्र का नाम रोशन किया था।
रिया के खेल सफर की शुरुआत बढ़नी के जागृति स्पोर्टिंग क्लब से हुई। यहां कोच शंभू गुप्ता के मार्गदर्शन में उन्होंने वॉलीबाल की शुरुआती बारीकियां सीखीं। अभ्यास के दौरान उन्होंने खेल की तकनीक समझी और बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार मेहनत की। उनकी प्रतिभा को देखते हुए गोरखपुर स्थित वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में चयन हुआ। यहां कक्षा छह से 12वीं तक की पढ़ाई के साथ खेल का अभ्यास जारी रखा। इस दौरान सीनियर, सब जूनियर और मिनी नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर पदक हासिल किए।
रिया श्रीवास्तव ने बताया कि बचपन से ही उनकी रुचि खेल में थी। पढ़ाई के साथ वॉलीबाल का अभ्यास जारी रखा। इस दौरान कई चुनौतियां आईं लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय मेहनत पर भरोसा किया। आज पूर्वोत्तर रेलवे में कार्यरत रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है।
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मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं
- खेल के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए रिया ने पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला से बीए किया। विश्वविद्यालय स्तर पर अखिल भारतीय विश्वविद्यालय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 2018 में 12वीं एशियन महिला वॉलीबाल चैंपियनशिप की अंडर-17 प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतना उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही। स्थानीय स्तर से शुरू हुआ सफर अब अंतरराष्ट्रीय पहचान तक पहुंच चुका था।
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खेल कोटे से रेलवे में मिली नौकरी
- लगातार बेहतर प्रदर्शन का परिणाम रहा कि वर्ष 2024 में रिया का चयन खेल कोटे से पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर में हुआ। अब वह नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ खेल को भी आगे बढ़ा रही हैं। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। रिया ने दिखाया कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और मेहनत का साथ मिले तो सफलता की राह बनाई जा सकती है।
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- खेल के जुनून ने दिलाई पहचान, खेल कोटे से पूर्वोत्तर रेलवे में चयन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर दिखा रहीं दमखम
संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़नी। सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने का जुनून हो तो छोटे शहर की गलियों से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है। नगर पंचायत बढ़नी के लोहिया नगर की रिया श्रीवास्तव ने अपनी मेहनत और लगन से इसे साबित किया है। कभी स्थानीय जागृति स्पोर्टिंग क्लब में वॉलीबाल की बारीकियां सीखने वाली रिया आज पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर में कार्यरत हैं और राष्ट्रीय स्तर पर रेलवे की टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वर्ष 2018 में अंडर-17 एशियन महिला वॉलीबाल चैंपियनशिप में भारतीय टीम के साथ रजत पदक जीतकर उन्होंने क्षेत्र का नाम रोशन किया था।
रिया के खेल सफर की शुरुआत बढ़नी के जागृति स्पोर्टिंग क्लब से हुई। यहां कोच शंभू गुप्ता के मार्गदर्शन में उन्होंने वॉलीबाल की शुरुआती बारीकियां सीखीं। अभ्यास के दौरान उन्होंने खेल की तकनीक समझी और बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार मेहनत की। उनकी प्रतिभा को देखते हुए गोरखपुर स्थित वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में चयन हुआ। यहां कक्षा छह से 12वीं तक की पढ़ाई के साथ खेल का अभ्यास जारी रखा। इस दौरान सीनियर, सब जूनियर और मिनी नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर पदक हासिल किए।
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रिया श्रीवास्तव ने बताया कि बचपन से ही उनकी रुचि खेल में थी। पढ़ाई के साथ वॉलीबाल का अभ्यास जारी रखा। इस दौरान कई चुनौतियां आईं लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय मेहनत पर भरोसा किया। आज पूर्वोत्तर रेलवे में कार्यरत रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है।
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मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं
- खेल के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए रिया ने पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला से बीए किया। विश्वविद्यालय स्तर पर अखिल भारतीय विश्वविद्यालय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 2018 में 12वीं एशियन महिला वॉलीबाल चैंपियनशिप की अंडर-17 प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतना उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही। स्थानीय स्तर से शुरू हुआ सफर अब अंतरराष्ट्रीय पहचान तक पहुंच चुका था।
खेल कोटे से रेलवे में मिली नौकरी
- लगातार बेहतर प्रदर्शन का परिणाम रहा कि वर्ष 2024 में रिया का चयन खेल कोटे से पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर में हुआ। अब वह नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ खेल को भी आगे बढ़ा रही हैं। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। रिया ने दिखाया कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और मेहनत का साथ मिले तो सफलता की राह बनाई जा सकती है।