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Siddharthnagar News: सऊदी से रिजवान का शव लाने की प्रक्रिया तेज, परिजन ने भेजी हलफनामे की फाइल
Mon, 03 Aug 2026 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:36 PM IST
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- सांसद की पहल और खबर के बाद बढ़ी कार्रवाई, शव भारत लाने की औपचारिकताएं पूरी
- कार्गो विभाग के निर्देश पर माता-पिता का सहमति शपथ पत्र तैयार कर ऑनलाइन भेजा, फ्लाइट क्लीयरेंस की उम्मीद बढ़ी
बिस्कोहर। सऊदी अरब के नजरान शहर में डेढ़ महीने पहले मृत डोकम अमया गांव निवासी रिजवान अहमद का पार्थिव शरीर स्वदेश लाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। रविवार को प्रकाशित खबर और सांसद जगदंबिका पाल की सक्रियता के बाद सोमवार को परिजनों ने सऊदी अरब के कार्गो की ओर से मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर उनकी पीडीएफ ऑनलाइन भेज दी गई। इससे शव की हैंडओवर प्रक्रिया और फ्लाइट क्लीयरेंस का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
रविवार को सांसद जगदंबिका पाल से मुलाकात के दौरान मृतक के पिता अतहर हुसैन और अन्य परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी दी थी। सांसद ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही सऊदी अरब के कार्गो से परिजनों के पास फोन पहुंचा और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया।
मृतक के छोटे भाई रिहान रजा ने बताया कि सोमवार दोपहर स्थानीय अधिवक्ता के माध्यम से माता-पिता का सहमति शपथ पत्र (एफिडेविट) तैयार कराया गया। नोटरी कराने के बाद उसकी स्कैन कॉपी पीडीएफ के रूप में सऊदी अरब स्थित संबंधित कार्गो अधिकारियों को ऑनलाइन भेज दी गई है। परिजनों का कहना है कि अब आवश्यक दस्तावेज जमा हो चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही कार्गो शव रिलीज करने और फ्लाइट क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके बाद रिजवान का पार्थिव शरीर भारत भेजा जाएगा। करीब डेढ़ महीने से बेटे के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहा परिवार अब हर फोन कॉल पर नजर लगाए बैठा है। गांव के लोगों को भी उम्मीद है कि लंबे इंतजार के बाद रिजवान का पार्थिव शरीर जल्द अपने गांव पहुंचेगा।
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सत्यापन के बाद अनुमति
- कार्गो दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।
- भारतीय दूतावास और सऊदी प्रशासन अंतिम अनुमति जारी करेंगे।
- फ्लाइट क्लीयरेंस मिलने के बाद शव भारत भेजा जाएगा।
- भारत पहुंचने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
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अब तक ये हुआ
- करीब डेढ़ माह पहले नजरान (सऊदी अरब) में रिजवान की मौत।
- 2 अगस्त को मामले को प्रमुखता से उठाया गया।
- 3 अगस्त को सांसद की पहल के बाद कार्गो विभाग ने दस्तावेज मांगे।
- सोमवार को परिजनों ने एफिडेविट की पीडीएफ ऑनलाइन भेज दी।
- अब शव की हैंडओवर और फ्लाइट क्लीयरेंस का इंतजार है।
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ये है पूरा मामला
- त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के डोकम अमया गांव निवासी रिजवान अहमद पिछले 17 वर्षों से सऊदी अरब की अलमेहजल कंक्रीट कंपनी में कार्यरत थे। करीब डेढ़ वर्ष पहले वह छुट्टी पर अपने घर आए थे और अवकाश समाप्त होने के बाद दोबारा सऊदी अरब लौट गए थे। 22 जून 2026 को नजरान शहर में उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद यमन संघर्ष के कारण उड़ानों और कागजी प्रक्रिया में देरी होने से उनका पार्थिव शरीर करीब डेढ़ महीने से सऊदी अरब में ही फंसा हुआ है।
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- कार्गो विभाग के निर्देश पर माता-पिता का सहमति शपथ पत्र तैयार कर ऑनलाइन भेजा, फ्लाइट क्लीयरेंस की उम्मीद बढ़ी
बिस्कोहर। सऊदी अरब के नजरान शहर में डेढ़ महीने पहले मृत डोकम अमया गांव निवासी रिजवान अहमद का पार्थिव शरीर स्वदेश लाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। रविवार को प्रकाशित खबर और सांसद जगदंबिका पाल की सक्रियता के बाद सोमवार को परिजनों ने सऊदी अरब के कार्गो की ओर से मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर उनकी पीडीएफ ऑनलाइन भेज दी गई। इससे शव की हैंडओवर प्रक्रिया और फ्लाइट क्लीयरेंस का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
रविवार को सांसद जगदंबिका पाल से मुलाकात के दौरान मृतक के पिता अतहर हुसैन और अन्य परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी दी थी। सांसद ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही सऊदी अरब के कार्गो से परिजनों के पास फोन पहुंचा और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया।
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मृतक के छोटे भाई रिहान रजा ने बताया कि सोमवार दोपहर स्थानीय अधिवक्ता के माध्यम से माता-पिता का सहमति शपथ पत्र (एफिडेविट) तैयार कराया गया। नोटरी कराने के बाद उसकी स्कैन कॉपी पीडीएफ के रूप में सऊदी अरब स्थित संबंधित कार्गो अधिकारियों को ऑनलाइन भेज दी गई है। परिजनों का कहना है कि अब आवश्यक दस्तावेज जमा हो चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही कार्गो शव रिलीज करने और फ्लाइट क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके बाद रिजवान का पार्थिव शरीर भारत भेजा जाएगा। करीब डेढ़ महीने से बेटे के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहा परिवार अब हर फोन कॉल पर नजर लगाए बैठा है। गांव के लोगों को भी उम्मीद है कि लंबे इंतजार के बाद रिजवान का पार्थिव शरीर जल्द अपने गांव पहुंचेगा।
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सत्यापन के बाद अनुमति
- कार्गो दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।
- भारतीय दूतावास और सऊदी प्रशासन अंतिम अनुमति जारी करेंगे।
- फ्लाइट क्लीयरेंस मिलने के बाद शव भारत भेजा जाएगा।
- भारत पहुंचने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
अब तक ये हुआ
- करीब डेढ़ माह पहले नजरान (सऊदी अरब) में रिजवान की मौत।
- 2 अगस्त को मामले को प्रमुखता से उठाया गया।
- 3 अगस्त को सांसद की पहल के बाद कार्गो विभाग ने दस्तावेज मांगे।
- सोमवार को परिजनों ने एफिडेविट की पीडीएफ ऑनलाइन भेज दी।
- अब शव की हैंडओवर और फ्लाइट क्लीयरेंस का इंतजार है।
ये है पूरा मामला
- त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के डोकम अमया गांव निवासी रिजवान अहमद पिछले 17 वर्षों से सऊदी अरब की अलमेहजल कंक्रीट कंपनी में कार्यरत थे। करीब डेढ़ वर्ष पहले वह छुट्टी पर अपने घर आए थे और अवकाश समाप्त होने के बाद दोबारा सऊदी अरब लौट गए थे। 22 जून 2026 को नजरान शहर में उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद यमन संघर्ष के कारण उड़ानों और कागजी प्रक्रिया में देरी होने से उनका पार्थिव शरीर करीब डेढ़ महीने से सऊदी अरब में ही फंसा हुआ है।