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Siddharthnagar News: प्लॉट खरीदकर फंसे लोग, नक्शा पास कराने के लिए काट रहे चक्कर

Tue, 29 Sep 2026 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 29 Sep 2026 11:11 PM IST
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Siddharthnagar News: People land in trouble after buying plots; making repeated rounds to get layout plans approved
- विनियमित क्षेत्र नौगढ़ में कृषि भूमि की धड़ल्ले से हो रही प्लाटिंग और बिक्री
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- कृषि, हरित क्षेत्र, पार्क समेत अन्य उपयोग के लिए चिह्नित जमीन पर नहीं स्वीकृत हो रहा आवासीय और व्यावसायिक भवन का नक्शा
- नक्शा पास कराने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे प्लॉट खरीदार
सिद्धार्थनगर। शहर में आशियाना बनाने का सपना लेकर प्लॉट खरीदने वाले कई लोग अब नक्शा पास कराने के लिए तहसील और विनियमित क्षेत्र कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। विनियमित क्षेत्र नौगढ़ (नगर पालिका सिद्धार्थनगर) में कृषि, हरित क्षेत्र, पार्क, क्रीड़ांगन समेत अन्य उपयोग के लिए चिह्नित भूमि की प्लाॅटिंग कर बिक्री किए जाने से खरीदारों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है। जमीन खरीदने के बाद भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति का आवेदन करने पर उन्हें संबंधित भू-उपयोग में निर्माण की अनुमति नहीं होने की जानकारी मिल रही है।
विनियमित क्षेत्र नौगढ़ की महायोजना के अनुसार शहरी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में भूमि कृषि, हरित क्षेत्र, पार्क समेत विभिन्न उपयोगों के लिए चिह्नित है। इसके बावजूद इन क्षेत्रों में निजी भूमि की प्लाॅटिंग कर बिक्री किए जाने की बात सामने आ रही है। सड़क और आवागमन की सुविधा देखकर लोग प्लॉट खरीद रहे हैं। लेकिन भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू करने पर भू-उपयोग की स्थिति स्पष्ट हो रही है।
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विनियमित क्षेत्र के नियमों के अनुसार निर्धारित भू-उपयोग के विपरीत निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत नहीं किया जा सकता। ऐसे में महंगे दाम पर प्लॉट खरीदने के बाद भी लोग मकान या व्यावसायिक भवन का निर्माण शुरू नहीं कर पा रहे हैं। विनियमित क्षेत्र कार्यालय में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के नक्शे से संबंधित कई आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं। आवेदन करने वाले लोग जानकारी और समाधान के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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शहर के आसपास इन क्षेत्रों में प्लाॅटिंग
राजस्व ग्राम बसडिलिया, थरौली, मधुकरपुर, पकड़ी, परसा महापात्र, पिपरा, सनई, भीमापार समेत शहर के आसपास कई स्थानों पर कृषि भूमि की प्लाॅटिंग कर बिक्री किए जाने की जानकारी है। भू-उपयोग परिवर्तन किए बिना प्लॉट खरीदने वाले लोगों को बाद में निर्माण की अनुमति के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। जानकारों के अनुसार नई कॉलोनी या प्लाॅटिंग में जमीन खरीदने से पहले यह जांच करना जरूरी है कि संबंधित भूमि का भू-उपयोग क्या है और वहां आवासीय या व्यावसायिक निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत हो सकता है या नहीं।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू हुई नक्शा स्वीकृति की व्यवस्था
पहले शहर के विनियमित क्षेत्र में मकान और प्रतिष्ठान के निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया प्रमुख रूप से लागू थी। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी भवन निर्माण से संबंधित नियमों के अनुपालन पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में प्लॉट खरीदने से पहले भू-अभिलेख, भू-उपयोग और निर्माण की अनुमति की स्थिति की जांच करना जरूरी है।

बिना भू-उपयोग परिवर्तन के प्लाॅटिंग पर सवाल
शहर समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि भूमि की प्लाॅटिंग किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। आरोप है कि कई जगह बिना भू-उपयोग परिवर्तन और आवश्यक स्वीकृति के कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में काटकर बेचा जा रहा है। इससे भविष्य में खरीदारों को निर्माण की अनुमति लेने में परेशानी हो सकती है। शहर के अलावा शोहरतगढ़, चिल्हिया, इटवा और डुमरियागंज क्षेत्रों में भी कृषि भूमि की प्लाटिंग किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। भू-उपयोग परिवर्तन के बिना प्लाटिंग होने पर रास्ते, नाली और सार्वजनिक उपयोग की जमीन से संबंधित विवाद की आशंका भी रहती है।

अवैध प्लाॅटिंग पर हो चुकी है कार्रवाई
नौगढ़ तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत कपिलवस्तु-बर्डपुर में अवैध तरीके से की गई प्लाॅटिंग वाली भूमि पर सड़क निर्माण के मामले में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। मामले में तत्कालीन हलका लेखपाल को निलंबित भी किया गया था। वहीं, शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खुनुवां बॉर्डर के पास अवैध प्लाटिंग पर बने निर्माण, नाली और रास्ते को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कराया था। इसके बावजूद शहर और सीमा क्षेत्र के आसपास प्लाॅटिंग किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

प्लॉट खरीदने से पहले इन बिंदुओं की करें जांच
अधिवक्ता कृपाशंकर त्रिपाठी के अनुसार प्लॉट खरीदने से पहले खतौनी में भूमि की स्थिति, चौहद्दी और खातेदारों की जानकारी देखनी चाहिए। जमीन तक पहुंचने के रास्ते की स्थिति भी जांचनी चाहिए। यदि प्लाॅटिंग करने वाला एग्रीमेंट के आधार पर जमीन बेच रहा है तो उसके अधिकार और सभी खातेदारों की जानकारी लेना जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्लाटिंग का स्वीकृत नक्शा है या नहीं, सड़क की चौड़ाई कितनी है, नाली और पार्क के लिए स्थान छोड़ा गया है या नहीं, इसकी भी जानकारी लेनी चाहिए। निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने पर भविष्य में प्लाॅटिंग पर कार्रवाई हो सकती है।

बोले लोग -
शहर में मकान बनाने के लिए मधुकरपुर मोहल्ले में भूमि खरीदी है। मकान निर्माण के लिए नक्शा पास कराने को आवेदन किए एक साल हो गया लेकिन अभी तक नक्शा स्वीकृत नहीं हुआ है।

- विजय कुमार, मधुकरपुर

राजस्व ग्राम बसडिलिया में आवासीय उपयोग के लिए भूमि खरीदी थी। जमीन खरीदने के बाद पता चला कि यहां भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं हो सकता। इससे काफी परेशानी और निराशा हुई है।
- अरविंद त्रिपाठी, बसडिलिया
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