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Siddharthnagar News: जुनून ने भुला दिया बचपन, नीली जर्सी पहनना बना सपना
Tue, 06 Jan 2026 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:19 AM IST
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जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट की प्रैक्टिस करते बच्चे। संवाद
सिद्धार्थनगर। जिले का स्पोर्ट्स स्टेडियम और वीरेंद्र ग्रामीण स्टेडियम क्रिकेट के सपनों की फैक्ट्री बन चुका है। नन्हें खिलाड़ी इन स्टेडियमों में अपने सपने को सच करने के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं। क्रिकेट के जुनून की वजह से इन्होंने अपना बचपन भुला दिया है।
साल 2007 में आईपीएल की शुरुआत हुई थी। दुनिया की सबसे बड़ी इस लीग ने देश के हर बच्चे को क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा माता-पिता भी अपने बच्चों को विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की तरह दुनिया में नाम कमाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब छोटे-छोटे बच्चे क्रिकेट को अपने करियर के रूप में चुन लिया और मैदान पर जमकर प्रैक्टिस कर रहे हैं।
जानकार बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट के बड़े खिलाड़ियों का ग्लैमर और सफलता युवाओं को इस कदर आकर्षित कर रही है कि अंडर-14 के खिलाड़ी अपना समय, ऊर्जा और बचपन तक क्रिकेट को समर्पित कर रहे हैं। टीम इंडिया के महान कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी, भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के साथ-साथ अब वैभव सूर्यवंशी, रिंकू सिंह और तिलक वर्मा जैसे युवा सितारे भी इन नन्हें खिलाड़ियों के रोल मॉडल बन चुके हैं।
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जिले के स्पोर्ट्स स्टेडियम और वीरेंद्र ग्रामीण स्टेडियम में करीब 150 नन्हें खिलाड़ी अंडर-14 टीम में जगह बनाने के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं।
पिछले तीन सालों से क्रिकेट की कोचिंग दे रहे ऋषि व्यास ने बताया कि वह एमएस धोनी की तरह विकेटकीपर बनना चाहते हैं, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। अब वह नन्हें खिलाडि़यों की मदद से अपना सपना पूरा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि अगर एक भी खिलाड़ी देश के लिए खेलता है तो मेरा सपना पूरा हो जाएगा। रोजना करते हैं चार से छह घंटे अभ्यास: स्टेडियम में कोचिंग ले रहे आठ साल के कार्तिक श्रीवास्तव विराट कोहली को अपना आदर्श मानते हैं। वह अब तक लोकल लेबल पर 15 मैच खेल चुके हैं। कार्तिक हर रोज तीन से चार घंटे तक प्रैक्टिस करते हैं। पिछले दो सालों से अभ्यास कर रहे आरुष कौशल अभिषेक शर्मा की तरह आक्रामक बल्लेबाज बनने की तैयारी में हैं।
वह अब तक 500 से अधिक रन बना चुके हैं। 11 वर्ष की उम्र से पिछले डेढ़ साल से नियमित रूप से अभ्यास कर रहे सचिन अग्रहरि, अनमोल पांडेय, दिव्यांश मणि त्रिपाठी और दर्शिता मिश्रा भी सचिन तेंदुलकर, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा से प्रेरणा लेकर रोजाना 4 से 6 घंटे तक पसीना बहा रहे हैं।
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साल 2007 में आईपीएल की शुरुआत हुई थी। दुनिया की सबसे बड़ी इस लीग ने देश के हर बच्चे को क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा माता-पिता भी अपने बच्चों को विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की तरह दुनिया में नाम कमाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब छोटे-छोटे बच्चे क्रिकेट को अपने करियर के रूप में चुन लिया और मैदान पर जमकर प्रैक्टिस कर रहे हैं।
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जानकार बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट के बड़े खिलाड़ियों का ग्लैमर और सफलता युवाओं को इस कदर आकर्षित कर रही है कि अंडर-14 के खिलाड़ी अपना समय, ऊर्जा और बचपन तक क्रिकेट को समर्पित कर रहे हैं। टीम इंडिया के महान कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी, भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के साथ-साथ अब वैभव सूर्यवंशी, रिंकू सिंह और तिलक वर्मा जैसे युवा सितारे भी इन नन्हें खिलाड़ियों के रोल मॉडल बन चुके हैं।
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जिले के स्पोर्ट्स स्टेडियम और वीरेंद्र ग्रामीण स्टेडियम में करीब 150 नन्हें खिलाड़ी अंडर-14 टीम में जगह बनाने के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं।
पिछले तीन सालों से क्रिकेट की कोचिंग दे रहे ऋषि व्यास ने बताया कि वह एमएस धोनी की तरह विकेटकीपर बनना चाहते हैं, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। अब वह नन्हें खिलाडि़यों की मदद से अपना सपना पूरा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि अगर एक भी खिलाड़ी देश के लिए खेलता है तो मेरा सपना पूरा हो जाएगा। रोजना करते हैं चार से छह घंटे अभ्यास: स्टेडियम में कोचिंग ले रहे आठ साल के कार्तिक श्रीवास्तव विराट कोहली को अपना आदर्श मानते हैं। वह अब तक लोकल लेबल पर 15 मैच खेल चुके हैं। कार्तिक हर रोज तीन से चार घंटे तक प्रैक्टिस करते हैं। पिछले दो सालों से अभ्यास कर रहे आरुष कौशल अभिषेक शर्मा की तरह आक्रामक बल्लेबाज बनने की तैयारी में हैं।
वह अब तक 500 से अधिक रन बना चुके हैं। 11 वर्ष की उम्र से पिछले डेढ़ साल से नियमित रूप से अभ्यास कर रहे सचिन अग्रहरि, अनमोल पांडेय, दिव्यांश मणि त्रिपाठी और दर्शिता मिश्रा भी सचिन तेंदुलकर, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा से प्रेरणा लेकर रोजाना 4 से 6 घंटे तक पसीना बहा रहे हैं।

जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट की प्रैक्टिस करते बच्चे। संवाद