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Siddharthnagar News: बारिश नहीं होने से धान की फसल पर संकट, किसानों की बढ़ी चिंता
Tue, 22 Sep 2026 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:15 PM IST
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- बाली निकलने के समय खेतों में नमी की कमी, पैदावार प्रभावित होने का डर
पथरा। बारिश नहीं होने से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। धान की फसल में बाली निकलने का समय चल रहा है लेकिन खेतों में नमी की कमी के कारण फसल सूखने का खतरा मंडराने लगा है। किसानों को समय पर बारिश नहीं होने पर पैदावार प्रभावित होने की आशंका सता रही है।
पथरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान सांभा (मंसूरी) धान की खेती करते हैं। यह धान स्वादिष्ट होने के साथ ही बाजार में बेहतर कीमत के लिए भी जाना जाता है। रोपाई के बाद करीब 110 से 120 दिन में इसकी फसल तैयार होती है। हालांकि, इस किस्म की फसल को अन्य धान की अपेक्षा अधिक पानी की आवश्यकता होती है। इस बार क्षेत्र में औसत से कम बारिश होने के कारण धान की फसल पर संकट गहराता नजर आ रहा है।
किसानों के मुताबिक वर्तमान समय में धान की बालियां निकलनी शुरू हो गई हैं लेकिन कई खेतों में पर्याप्त नमी नहीं है। ऐसे में यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो पौधों के सूखने के साथ ही दाने कमजोर पड़ने और पैदावार में कमी आने की आशंका है। क्षेत्र के किसान रामसेवक चौधरी, शमीम चौधरी, वेद प्रकाश चौबे, चिल्हु सिंह, पिंटू दुबे, अरविंद चौधरी और रमेश कुमार समेत अन्य किसानों ने बताया कि धान की फसल इस समय पानी की मांग कर रही है। बारिश नहीं होने से खेतों में नमी लगातार कम हो रही है किसानों ने बताया कि जल्द बारिश नहीं हुई तो इस बार उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
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पथरा। बारिश नहीं होने से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। धान की फसल में बाली निकलने का समय चल रहा है लेकिन खेतों में नमी की कमी के कारण फसल सूखने का खतरा मंडराने लगा है। किसानों को समय पर बारिश नहीं होने पर पैदावार प्रभावित होने की आशंका सता रही है।
पथरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान सांभा (मंसूरी) धान की खेती करते हैं। यह धान स्वादिष्ट होने के साथ ही बाजार में बेहतर कीमत के लिए भी जाना जाता है। रोपाई के बाद करीब 110 से 120 दिन में इसकी फसल तैयार होती है। हालांकि, इस किस्म की फसल को अन्य धान की अपेक्षा अधिक पानी की आवश्यकता होती है। इस बार क्षेत्र में औसत से कम बारिश होने के कारण धान की फसल पर संकट गहराता नजर आ रहा है।
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किसानों के मुताबिक वर्तमान समय में धान की बालियां निकलनी शुरू हो गई हैं लेकिन कई खेतों में पर्याप्त नमी नहीं है। ऐसे में यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो पौधों के सूखने के साथ ही दाने कमजोर पड़ने और पैदावार में कमी आने की आशंका है। क्षेत्र के किसान रामसेवक चौधरी, शमीम चौधरी, वेद प्रकाश चौबे, चिल्हु सिंह, पिंटू दुबे, अरविंद चौधरी और रमेश कुमार समेत अन्य किसानों ने बताया कि धान की फसल इस समय पानी की मांग कर रही है। बारिश नहीं होने से खेतों में नमी लगातार कम हो रही है किसानों ने बताया कि जल्द बारिश नहीं हुई तो इस बार उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
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