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Siddharthnagar News: तथ्य छिपाकर टेंडर लेने का आरोप, संचालक को नोटिस
Wed, 02 Sep 2026 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:12 PM IST
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- सामूहिक विवाह योजना की निविदा में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने की हुई है शिकायत
सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की उपहार सामग्री आपूर्ति करने वाले फर्म के संचालक के चरित्र प्रमाण पत्र पर सवाल उठने के मामले में जांच शुरू हो रही है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने संबंधित फर्म संचालक को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रशासन की ओर से नगर पंचायत और ग्राम पंचायत से आवेदन करने वाले परिवार की बेटियों की शादी करते हैं। इसमें कई प्रकार के उपहार दिए जाते हैं। जनपद में आपूर्ति करने वाले फर्म संचालक के चरित्र प्रमाण पत्र पर सवाल उठाया गया कि संबंधित संचालक पर प्राथमिकी दर्ज है। उसने तथ्य को छिपाकर टेंडर में भाग लिया और आपूर्ति कर दी। इस मामले की शासन में शिकायत की गई। मामले में शासन ने जांच के निर्देश दिए तो गोंडा जिला प्रशासन की ओर से कराई गई जाएं में आपराधिक मुकदमा छिपाकर बनवाया गया चरित्र प्रमाणपत्र जांच में गलत पाए जाने के बाद गोंडा प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। वहीं, शासन मामले की जिले स्तर पर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय पर हुई शिकायत को संज्ञान लेते हुए निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह ने सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, कुशीनगर, संतकबीर नगर, बरेली, अयोध्या, गोंडा, बाराबंकी, महराजगंज, रायबरेली, अमरोहा, सीतापुर, कन्नौज समेत 15 फर्म संचालक का चरित्र प्रमाणपत्र गोंडा में निरस्त हो चुका है। शासन से पत्र आने के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल मच गई है। विभाग की ओर से फर्म संचालक को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई हो सकती है। वहीं, जानकार बता रहे हैं कि अगर यह मामला तूल पकड़ा तो पूरी आपूर्ति के चेन की जांच हो सकती है। अबतक जो सामान विवाह में फर्म की ओर से दिए गए हैं, उसकी भी ऑडिट भी कराई जा सकती है।
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इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी महिपाल सिंह ने बताया कि शासन से पत्र आया है। संबंधित फर्म को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायत करने वाले का नाम-नंबर नहीं, कैसे बढ़े जांच
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सामान की आपूर्ति फर्म संचालक के चरित्र प्रमाण पत्र और तथ्य छिपाकर टेंडर लेने का आरोप लगा है। शासन स्तर से जांच के लिए दिशा- निर्देश भी जारी कर दिया गया है। शिकायतकर्ता कौन है, अभी विभागीय अधिकारी को पता नहीं है। बताया जा रहा है कि शिकायत तो किया गया है लेकिन नाम और मोबाइल नंबर तक नहीं है। ऐसे में जांच में भी समस्या होगी। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि एक मामले में साक्ष्य लेकर पीड़ित लगातार दौड़ लगाता है और समस्या का समाधान और जांच नहीं होती है। इस मामले में शिकायतकर्ता के बिना आगे आए, इतना हलचल मच गया। यह महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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गोंडा जिलाधिकारी ने निरस्त किया फर्म
सिद्धार्थनगर के मामले में फर्म संचालक पवन कुमार पर गोंडा में दर्ज आपराधिक मुकदमे की जानकारी छिपाकर चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप था। शासन के निर्देश पर हुई जांच में मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि हुई। इसके बाद जिलाधिकारी गोंडा प्रियंका निरंजन ने संबंधित चरित्र प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया।
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सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की उपहार सामग्री आपूर्ति करने वाले फर्म के संचालक के चरित्र प्रमाण पत्र पर सवाल उठने के मामले में जांच शुरू हो रही है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने संबंधित फर्म संचालक को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रशासन की ओर से नगर पंचायत और ग्राम पंचायत से आवेदन करने वाले परिवार की बेटियों की शादी करते हैं। इसमें कई प्रकार के उपहार दिए जाते हैं। जनपद में आपूर्ति करने वाले फर्म संचालक के चरित्र प्रमाण पत्र पर सवाल उठाया गया कि संबंधित संचालक पर प्राथमिकी दर्ज है। उसने तथ्य को छिपाकर टेंडर में भाग लिया और आपूर्ति कर दी। इस मामले की शासन में शिकायत की गई। मामले में शासन ने जांच के निर्देश दिए तो गोंडा जिला प्रशासन की ओर से कराई गई जाएं में आपराधिक मुकदमा छिपाकर बनवाया गया चरित्र प्रमाणपत्र जांच में गलत पाए जाने के बाद गोंडा प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। वहीं, शासन मामले की जिले स्तर पर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री कार्यालय पर हुई शिकायत को संज्ञान लेते हुए निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह ने सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, कुशीनगर, संतकबीर नगर, बरेली, अयोध्या, गोंडा, बाराबंकी, महराजगंज, रायबरेली, अमरोहा, सीतापुर, कन्नौज समेत 15 फर्म संचालक का चरित्र प्रमाणपत्र गोंडा में निरस्त हो चुका है। शासन से पत्र आने के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल मच गई है। विभाग की ओर से फर्म संचालक को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई हो सकती है। वहीं, जानकार बता रहे हैं कि अगर यह मामला तूल पकड़ा तो पूरी आपूर्ति के चेन की जांच हो सकती है। अबतक जो सामान विवाह में फर्म की ओर से दिए गए हैं, उसकी भी ऑडिट भी कराई जा सकती है।
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इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी महिपाल सिंह ने बताया कि शासन से पत्र आया है। संबंधित फर्म को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत करने वाले का नाम-नंबर नहीं, कैसे बढ़े जांच
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सामान की आपूर्ति फर्म संचालक के चरित्र प्रमाण पत्र और तथ्य छिपाकर टेंडर लेने का आरोप लगा है। शासन स्तर से जांच के लिए दिशा- निर्देश भी जारी कर दिया गया है। शिकायतकर्ता कौन है, अभी विभागीय अधिकारी को पता नहीं है। बताया जा रहा है कि शिकायत तो किया गया है लेकिन नाम और मोबाइल नंबर तक नहीं है। ऐसे में जांच में भी समस्या होगी। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि एक मामले में साक्ष्य लेकर पीड़ित लगातार दौड़ लगाता है और समस्या का समाधान और जांच नहीं होती है। इस मामले में शिकायतकर्ता के बिना आगे आए, इतना हलचल मच गया। यह महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गोंडा जिलाधिकारी ने निरस्त किया फर्म
सिद्धार्थनगर के मामले में फर्म संचालक पवन कुमार पर गोंडा में दर्ज आपराधिक मुकदमे की जानकारी छिपाकर चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप था। शासन के निर्देश पर हुई जांच में मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि हुई। इसके बाद जिलाधिकारी गोंडा प्रियंका निरंजन ने संबंधित चरित्र प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया।