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Siddharthnagar News: वीआईपी कॉलोनी के पड़ोस में बदहाली, लोग बोले-अब तो सड़क बनवाइए
Sat, 22 Aug 2026 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 22 Aug 2026 11:29 PM IST
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- अधिकारियों के घर तक सड़क ठीक, बस्ती में गड्ढे, जलभराव और 200 मीटर अंधेरा
सिद्धार्थनगर। नगर के ऑफिसर्स कॉलोनी को जोड़ने वाली दोनों प्रमुख सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। बेलहिया चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर से कांशीराम आवास होते हुए जाने वाला मार्ग और अशोक मार्ग-जज कॉलोनी होकर ऑफिसर्स कॉलोनी पहुंचने वाली सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील है। कई स्थानों पर हफ्तों से पानी जमा है, नालियां जाम हैं और करीब 200 मीटर तक स्ट्रीट लाइट न होने से रात में पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों के आवास तक सड़क की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है लेकिन उससे सटी बस्तियां उपेक्षा का शिकार हैं।
मोहल्ले के लोगों के अनुसार दो वर्ष पहले कॉलोनी के भीतर सड़क निर्माण हुआ था लेकिन नालियों की ऊंचाई सड़क से नीचे होने के कारण पानी की निकासी बंद हो गई। इस मानसून में हालात और बिगड़ गए। जलभराव के कारण सड़कें दलदल जैसी हो गई हैं और टूटे नाली ढक्कन हादसों का कारण बन रहे हैं।
मोहल्ले के हरिराम, श्रीराम, राम बिलास, राकेश, ओरी रस्तोगी, अजय आदि का कहना है कि सड़क बनने के समय जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। नालियों की नियमित सफाई और स्ट्रीट लाइट के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है लेकिन लंबे समय से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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मौके पर पड़ताल: सड़क पर तालाब, नाली जाम, अंधेरा कायम
- पड़ताल में बेलहिया चौराहे से ऑफिसर्स कॉलोनी तक करीब आधा किलोमीटर मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे मिले। कई जगह बारिश का पानी भरा हुआ था। दुर्गा मंदिर से कॉलोनी के मुख्य गेट तक स्ट्रीट लाइट के पोल तो हैं लेकिन अधिकतर स्थानों पर लाइट नहीं जल रही। नालियों में सिल्ट भर जाने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। टूटे ढक्कनों के कारण दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है।
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आवागमन पर असर
- यही रास्ता ऑफिसर्स कॉलोनी, कांशीराम आवास, जज कॉलोनी और आसपास की बस्तियों को बाजार से जोड़ता है। इसी मार्ग से स्कूली बच्चे, मरीज और रोजाना बाजार जाने वाले लोग गुजरते हैं। जलभराव के कारण ई-रिक्शा और बाइक चालक गड्ढों से बचते हुए निकलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। रात में अंधेरा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
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सबसे बड़ी समस्याएं
- दो मुख्य सड़कें पूरी तरह गड्ढों में तब्दील
- कई स्थानों पर हफ्तों से जलभराव
- नाली जाम, गंदा पानी सड़क पर बह रहा
- टूटे नाली ढक्कनों से हादसे का खतरा
- दुर्गा मंदिर से कॉलोनी तक करीब 200 मीटर अंधेरा
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बरसात होते ही सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को निकलना मुश्किल हो जाता है लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
- अर्जुन, निवासी
जाम नालियों का गंदा पानी घरों के सामने बहता रहता है। मच्छर बढ़ गए हैं और मोहल्ले में जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है।
- लालजी, स्थानीय निवासी
दुर्गा मंदिर से ऑफिसर्स कॉलोनी तक करीब 200 मीटर अंधेरा रहता है। रात में पैदल चलने और महिलाओं के आने-जाने में हमेशा डर बना रहता है।
- सुनील, मोहल्लावासी
सड़क पूरी तरह गड्ढों में बदल चुकी है। बाजार और मुख्य सड़क तक पहुंचने में रोज परेशानी होती है, शिकायतों के बाद भी हालात जस के तस हैं।
- गोपाल रस्तोगी, निवासी
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सिद्धार्थनगर। नगर के ऑफिसर्स कॉलोनी को जोड़ने वाली दोनों प्रमुख सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। बेलहिया चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर से कांशीराम आवास होते हुए जाने वाला मार्ग और अशोक मार्ग-जज कॉलोनी होकर ऑफिसर्स कॉलोनी पहुंचने वाली सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील है। कई स्थानों पर हफ्तों से पानी जमा है, नालियां जाम हैं और करीब 200 मीटर तक स्ट्रीट लाइट न होने से रात में पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों के आवास तक सड़क की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है लेकिन उससे सटी बस्तियां उपेक्षा का शिकार हैं।
मोहल्ले के लोगों के अनुसार दो वर्ष पहले कॉलोनी के भीतर सड़क निर्माण हुआ था लेकिन नालियों की ऊंचाई सड़क से नीचे होने के कारण पानी की निकासी बंद हो गई। इस मानसून में हालात और बिगड़ गए। जलभराव के कारण सड़कें दलदल जैसी हो गई हैं और टूटे नाली ढक्कन हादसों का कारण बन रहे हैं।
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मोहल्ले के हरिराम, श्रीराम, राम बिलास, राकेश, ओरी रस्तोगी, अजय आदि का कहना है कि सड़क बनने के समय जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। नालियों की नियमित सफाई और स्ट्रीट लाइट के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है लेकिन लंबे समय से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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मौके पर पड़ताल: सड़क पर तालाब, नाली जाम, अंधेरा कायम
- पड़ताल में बेलहिया चौराहे से ऑफिसर्स कॉलोनी तक करीब आधा किलोमीटर मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे मिले। कई जगह बारिश का पानी भरा हुआ था। दुर्गा मंदिर से कॉलोनी के मुख्य गेट तक स्ट्रीट लाइट के पोल तो हैं लेकिन अधिकतर स्थानों पर लाइट नहीं जल रही। नालियों में सिल्ट भर जाने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। टूटे ढक्कनों के कारण दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है।
आवागमन पर असर
- यही रास्ता ऑफिसर्स कॉलोनी, कांशीराम आवास, जज कॉलोनी और आसपास की बस्तियों को बाजार से जोड़ता है। इसी मार्ग से स्कूली बच्चे, मरीज और रोजाना बाजार जाने वाले लोग गुजरते हैं। जलभराव के कारण ई-रिक्शा और बाइक चालक गड्ढों से बचते हुए निकलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। रात में अंधेरा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
सबसे बड़ी समस्याएं
- दो मुख्य सड़कें पूरी तरह गड्ढों में तब्दील
- कई स्थानों पर हफ्तों से जलभराव
- नाली जाम, गंदा पानी सड़क पर बह रहा
- टूटे नाली ढक्कनों से हादसे का खतरा
- दुर्गा मंदिर से कॉलोनी तक करीब 200 मीटर अंधेरा
बरसात होते ही सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को निकलना मुश्किल हो जाता है लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
- अर्जुन, निवासी
जाम नालियों का गंदा पानी घरों के सामने बहता रहता है। मच्छर बढ़ गए हैं और मोहल्ले में जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है।
- लालजी, स्थानीय निवासी
दुर्गा मंदिर से ऑफिसर्स कॉलोनी तक करीब 200 मीटर अंधेरा रहता है। रात में पैदल चलने और महिलाओं के आने-जाने में हमेशा डर बना रहता है।
- सुनील, मोहल्लावासी
सड़क पूरी तरह गड्ढों में बदल चुकी है। बाजार और मुख्य सड़क तक पहुंचने में रोज परेशानी होती है, शिकायतों के बाद भी हालात जस के तस हैं।
- गोपाल रस्तोगी, निवासी