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Siddharthnagar News: लेखपालों ने फिर त्योरी चढ़ाई...जरूरी काम अटके
Fri, 25 Sep 2026 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 25 Sep 2026 12:38 AM IST
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सिद्धार्थनगर। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर लेखपालों के अतिरिक्त प्रभार छोड़ने से जिले के पांच सौ राजस्व ग्राम के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। बृहस्पतिवार तक अधिकांश लेखपाल राजस्व परिषद के डैशबोर्ड से अतिरिक्त प्रभार वाले हलका क्षेत्रों से एग्जिट हो गए हैं।
इससे इन गांवों के लोगों का वरासत, बंटवारा, खसरा फीडिंग, पैमाइश, आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र संबंधी कार्य ठप हो गया है।
मात्र दो दिन में ही नौगढ़ तहसील के 130 लेखपाल हलका क्षेत्रों में छोड़े गए 28 क्षेत्रों के 70 से अधिक राजस्व ग्रामों के इनसे संबंधित 900 से अधिक मामले लंबित हो गए हैं। इसी तरह बांसी तहसील में 1200 से अधिक मामलों समेत सभी शोहरतगढ़, बांसी व इटवा तहसीलों में भी सैकड़ों मामले लंबित हो गए हैं।
जिले के पांचों तहसील में स्थित 2300 से अधिक राजस्व ग्रामों को 677 राजस्व लेखपाल हलका क्षेत्र में बांटा गया है। वर्तमान में इन क्षेत्रों में मात्र 509 लेखपाल तैनात हैं। इनमें भी कई लेखपाल ऑफिस अटैच, मेडिकल व मातृत्व अवकाश पर हैं।
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प्रदेश नेतृत्व के विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुए आंदोलन के पहले चरण में लेखपाल अतिरिक्त प्रभार वाले जिले के 168 हलका क्षेत्रों को छोड़ दिए हैं। इसी के तहत नौगढ़ तहसील के 130 हलका क्षेत्रों में 28, बांसी के 208 में 44, डुमरियागंज के 116 में 28, इटवा के 125 में 39 और शोहरतगढ़ के 98 राजस्व लेखपाल हलका क्षेत्रों में 29 क्षेत्र छोड़ दिए गए हैं।
इन हलका क्षेत्रों में स्थित गांव के लोगों का वरासत, 116 बंटवारा, खसरा फीडिंग, पैमाइश, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र संबंधी कार्य ठप हो गया है। इसके अलावा ऑनलाइन किए गए ईडब्लूएस समेत अन्य आवेदन भी लंबित हो गए हैं। लेखपाल संघ पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व के स्तर से लिए गए निर्णय के अनुसार आगे कार्य किया जाएगा।
आठ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन : लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि मूल वेतन में वृद्धि, वेतन विसंगति दूर करने व भत्तों में वृद्धि करने, भूलेख व अन्य सहायक पटल पर संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने सहित आठ सूत्री मांग को लेकर प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर लेखपाल आंदोलनरत हैं। अब प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर ही आंदोलन के संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा।
कार्य कराने के लिए तहसीलों में भटक रहे लोग : शोहरतगढ़। लेखपालों के अतिरिक्त गांवों का चार्ज छोड़ने के बाद तहसील पहुंचे कई लोग परेशान नजर आए। शोहरतगढ़ तहसील में पहुंचे हतवा निवासी रमेश ने बताया ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आए थे। उन्हें पता चला कि लेखपाल काम करना बंद कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि लेखपाल से बात की तो बताया कि अभी काम नहीं हो पाएगा।
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इससे इन गांवों के लोगों का वरासत, बंटवारा, खसरा फीडिंग, पैमाइश, आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र संबंधी कार्य ठप हो गया है।
मात्र दो दिन में ही नौगढ़ तहसील के 130 लेखपाल हलका क्षेत्रों में छोड़े गए 28 क्षेत्रों के 70 से अधिक राजस्व ग्रामों के इनसे संबंधित 900 से अधिक मामले लंबित हो गए हैं। इसी तरह बांसी तहसील में 1200 से अधिक मामलों समेत सभी शोहरतगढ़, बांसी व इटवा तहसीलों में भी सैकड़ों मामले लंबित हो गए हैं।
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जिले के पांचों तहसील में स्थित 2300 से अधिक राजस्व ग्रामों को 677 राजस्व लेखपाल हलका क्षेत्र में बांटा गया है। वर्तमान में इन क्षेत्रों में मात्र 509 लेखपाल तैनात हैं। इनमें भी कई लेखपाल ऑफिस अटैच, मेडिकल व मातृत्व अवकाश पर हैं।
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प्रदेश नेतृत्व के विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुए आंदोलन के पहले चरण में लेखपाल अतिरिक्त प्रभार वाले जिले के 168 हलका क्षेत्रों को छोड़ दिए हैं। इसी के तहत नौगढ़ तहसील के 130 हलका क्षेत्रों में 28, बांसी के 208 में 44, डुमरियागंज के 116 में 28, इटवा के 125 में 39 और शोहरतगढ़ के 98 राजस्व लेखपाल हलका क्षेत्रों में 29 क्षेत्र छोड़ दिए गए हैं।
इन हलका क्षेत्रों में स्थित गांव के लोगों का वरासत, 116 बंटवारा, खसरा फीडिंग, पैमाइश, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र संबंधी कार्य ठप हो गया है। इसके अलावा ऑनलाइन किए गए ईडब्लूएस समेत अन्य आवेदन भी लंबित हो गए हैं। लेखपाल संघ पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व के स्तर से लिए गए निर्णय के अनुसार आगे कार्य किया जाएगा।
आठ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन : लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि मूल वेतन में वृद्धि, वेतन विसंगति दूर करने व भत्तों में वृद्धि करने, भूलेख व अन्य सहायक पटल पर संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने सहित आठ सूत्री मांग को लेकर प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर लेखपाल आंदोलनरत हैं। अब प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर ही आंदोलन के संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा।
कार्य कराने के लिए तहसीलों में भटक रहे लोग : शोहरतगढ़। लेखपालों के अतिरिक्त गांवों का चार्ज छोड़ने के बाद तहसील पहुंचे कई लोग परेशान नजर आए। शोहरतगढ़ तहसील में पहुंचे हतवा निवासी रमेश ने बताया ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आए थे। उन्हें पता चला कि लेखपाल काम करना बंद कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि लेखपाल से बात की तो बताया कि अभी काम नहीं हो पाएगा।