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Siddharthnagar News: अस्पताल में ही प्रसव कराएं, घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी होंगे जिम्मेदार
Fri, 25 Sep 2026 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 25 Sep 2026 12:29 AM IST
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- जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर दिए निर्देश
- आयुष्मान कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, टीबी जांच और डेंगू-मलेरिया की रोकथाम में तेजी लाने को कहा
सिद्धार्थनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में जिलाधिकारी ने गर्भवतियों का प्रसव अस्पताल में कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि घर पर प्रसव होने की स्थिति में संबंधित एमओआईसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा के माध्यम से 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाकर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। सभी एमओआईसी को एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर गर्भवतियों महिलाओं और उनके परिजन को तत्काल सहायता मिल सके। जननी सुरक्षा योजना की प्रगति कम मिलने पर नाराजगी जताते हुए लाभार्थियों का पंजीकरण कर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने एनबीएसयू और एसएनसीयू को क्रियाशील रखने, संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर जांच और उपचार कराने और उनकी निगरानी के निर्देश दिए। आयुष्मान केंद्र समय से खोलने और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में हाइपरटेंशन, मधुमेह आदि के मरीजों की जांच की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। ई-संजीवनी के माध्यम से अधिक से अधिक मरीजों को टेलीमेडिसिन की सुविधा देने और पोर्टल पर समय से फीडिंग कराने के निर्देश दिए।
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उन्होंने ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाने, एचएमआईएस और आरसीएच पोर्टल पर आंकड़ों की सही और समय से फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा। बारिश के मौसम में मलेरिया, डेंगू और इंसेफेलाइटिस के खतरे को देखते हुए तेज बुखार वाले मरीजों की पहचान कर सीएचसी-पीएचसी पर जांच और उपचार कराने के निर्देश दिए। सफाई और एंटीलार्वा का छिड़काव कराने को भी कहा।
बैठक में मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने, अनटाइड फंड, परिवार नियोजन, टीकाकरण, पीसीपीएनडीटी, रोगी कल्याण समिति और हेल्थ वेलनेस सेंटर समेत अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को मरीजों को परेशान नहीं करने और बाहर की दवाएं नहीं लिखने के निर्देश दिए। सभी विकासखंडों में लक्षणयुक्त टीबी मरीजों की पहचान के लिए पब्लिक नोटिफिकेशन कराने को कहा। इमरजेंसी में रेफरल रजिस्टर में मरीजों का पूरा विवरण दर्ज करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सच्चिदानंद उपाध्याय, डीएएम, डीसीपीएम, एमओआईसी, बीएएम, बीपीएम, बीसीपीएम समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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- आयुष्मान कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, टीबी जांच और डेंगू-मलेरिया की रोकथाम में तेजी लाने को कहा
सिद्धार्थनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में जिलाधिकारी ने गर्भवतियों का प्रसव अस्पताल में कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि घर पर प्रसव होने की स्थिति में संबंधित एमओआईसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा के माध्यम से 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाकर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। सभी एमओआईसी को एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर गर्भवतियों महिलाओं और उनके परिजन को तत्काल सहायता मिल सके। जननी सुरक्षा योजना की प्रगति कम मिलने पर नाराजगी जताते हुए लाभार्थियों का पंजीकरण कर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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डीएम ने एनबीएसयू और एसएनसीयू को क्रियाशील रखने, संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर जांच और उपचार कराने और उनकी निगरानी के निर्देश दिए। आयुष्मान केंद्र समय से खोलने और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में हाइपरटेंशन, मधुमेह आदि के मरीजों की जांच की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। ई-संजीवनी के माध्यम से अधिक से अधिक मरीजों को टेलीमेडिसिन की सुविधा देने और पोर्टल पर समय से फीडिंग कराने के निर्देश दिए।
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उन्होंने ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाने, एचएमआईएस और आरसीएच पोर्टल पर आंकड़ों की सही और समय से फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा। बारिश के मौसम में मलेरिया, डेंगू और इंसेफेलाइटिस के खतरे को देखते हुए तेज बुखार वाले मरीजों की पहचान कर सीएचसी-पीएचसी पर जांच और उपचार कराने के निर्देश दिए। सफाई और एंटीलार्वा का छिड़काव कराने को भी कहा।
बैठक में मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने, अनटाइड फंड, परिवार नियोजन, टीकाकरण, पीसीपीएनडीटी, रोगी कल्याण समिति और हेल्थ वेलनेस सेंटर समेत अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को मरीजों को परेशान नहीं करने और बाहर की दवाएं नहीं लिखने के निर्देश दिए। सभी विकासखंडों में लक्षणयुक्त टीबी मरीजों की पहचान के लिए पब्लिक नोटिफिकेशन कराने को कहा। इमरजेंसी में रेफरल रजिस्टर में मरीजों का पूरा विवरण दर्ज करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सच्चिदानंद उपाध्याय, डीएएम, डीसीपीएम, एमओआईसी, बीएएम, बीपीएम, बीसीपीएम समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।