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Siddharthnagar News: पेंशनरों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
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- प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा
- आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण समेत अन्य मांगों का रखा प्रस्ताव
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था की जिला शाखा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बृहस्पतिवार को सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
पेंशनरों ने केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमों और भारत की संचित निधि से पेंशन देनदारियों पर व्यय से संबंधित पारित विधेयक को वापस लेने की मांग की। साथ ही आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के विचारणीय बिंदुओं में एक जनवरी से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने की मांग रखी।
ज्ञापन में सातवें वेतन आयोग की तर्ज पर पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग के सभी लाभ देने संबंधी शासनादेश जारी करने, कोरोना काल से पहले वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों को रेल व विमान किराये में मिलने वाली छूट बहाल करने तथा कोरोना काल में रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के अवशेष का भुगतान करने की मांग की गई।
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पेंशनरों ने पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर अधिकतम 11 वर्ष करने की मांग भी रखी। इसके अलावा 80 वर्ष की आयु पर मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन के स्थान पर 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमश: पांच, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांग की।
इस दौरान जिलाध्यक्ष रामसमुझ, कन्हैया लाल, उमाशंकर पांडेय, अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रभुनाथ, तुलसीराम, देवेंद्र श्रीवास्तव, गणेश शंकर मिश्र, इरफान अली, मोहम्मद अली, अवधेश यादव, क्रांति कुमार गुप्ता, रामप्रसाद, विद्या प्रसाद आदि पेंशनर मौजूद रहे।
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- आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण समेत अन्य मांगों का रखा प्रस्ताव
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था की जिला शाखा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बृहस्पतिवार को सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
पेंशनरों ने केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमों और भारत की संचित निधि से पेंशन देनदारियों पर व्यय से संबंधित पारित विधेयक को वापस लेने की मांग की। साथ ही आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के विचारणीय बिंदुओं में एक जनवरी से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने की मांग रखी।
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ज्ञापन में सातवें वेतन आयोग की तर्ज पर पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग के सभी लाभ देने संबंधी शासनादेश जारी करने, कोरोना काल से पहले वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों को रेल व विमान किराये में मिलने वाली छूट बहाल करने तथा कोरोना काल में रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के अवशेष का भुगतान करने की मांग की गई।
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पेंशनरों ने पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर अधिकतम 11 वर्ष करने की मांग भी रखी। इसके अलावा 80 वर्ष की आयु पर मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन के स्थान पर 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमश: पांच, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांग की।
इस दौरान जिलाध्यक्ष रामसमुझ, कन्हैया लाल, उमाशंकर पांडेय, अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रभुनाथ, तुलसीराम, देवेंद्र श्रीवास्तव, गणेश शंकर मिश्र, इरफान अली, मोहम्मद अली, अवधेश यादव, क्रांति कुमार गुप्ता, रामप्रसाद, विद्या प्रसाद आदि पेंशनर मौजूद रहे।