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Siddharthnagar News: चौराहा बड़ा, इंतजाम छोटे, सड़क पर ही इंतजार करते हैं यात्री
Fri, 25 Sep 2026 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 25 Sep 2026 12:20 AM IST
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- नेपाल सीमा से सटे बढ़नी के प्रमुख चौराहे पर यात्री सुविधाओं का अभाव
- पटरी पर ऑटो-ई-रिक्शा और सड़क किनारे खड़े वाहनों से जाम की समस्या
ढेबरुआ। नेपाल सीमा से सटे बढ़नी कस्बे के प्रमुख बस स्टॉप और चौराहा काफी बड़ा है पर यात्रियों की सुविधा के नाम पर इंतजाम नाकाफी हैं। बलरामपुर जाने वाले मार्ग, कस्बा तिराहा से नेपाल जाने वाले रास्ते और जिला मुख्यालय की ओर जाने वाली सड़क पर सड़क किनारे वाहन खड़े रहते हैं। पटरी पर ऑटो और ई-रिक्शा की कतार के साथ ठेले और दुकानदारों का अतिक्रमण भी है। इससे सड़क संकरी हो जाती है और अक्सर जाम की स्थिति बनती है।
बढ़नी चौराहा जिला मुख्यालय, बलरामपुर, पचपेड़वा, गोंडा, शोहरतगढ़, खुनुवां, इटवा और डुमरियागंज समेत ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ता है। बढ़नी रेलवे स्टेशन और नेपाल सीमा की ओर जाने वाले लोगों की भी इसी रास्ते से आवाजाही होती है। रोजाना बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग, नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, शोहरतगढ़ तहसील जाने वाले अधिवक्ता, मरीज और अन्य राहगीर यहां से गुजरते हैं। इसके बावजूद चौराहे पर यात्रियों के बैठने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है।
बस या अन्य वाहन से उतरने वाले यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर दूसरे वाहन का इंतजार करना पड़ता है। तेज धूप में यात्रियों को बैठने के लिए कोई छायादार स्थान नहीं है। बारिश होने पर दुकानों के छज्जे या आसपास के स्थानों पर खड़े होकर समय बिताना पड़ता है। घने कस्बे के बीच होने के बावजूद यहां पेयजल और शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है।
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पटरी पर खड़े वाहन, सड़क हो रही संकरी
- बढ़नी तिराहे से शोहरतगढ़, बलरामपुर, पचपेड़वा, गोंडा और नेपाल सीमा की ओर जाने वाले मार्गों की पटरी पर ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण अन्य वाहन भी सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे पैदल चलने वालों के साथ कार, बस और ट्रक चालकों को भी परेशानी होती है। कई बार वाहनों की कतार इतनी लंबी हो जाती है कि यातायात बाधित होकर घंटों जाम की स्थिति बन जाती है।
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- चौराहे पर 24 घंटे पुलिस पिकेट की तैनाती रहती है लेकिन यातायात को व्यवस्थित करने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नजर नहीं आती। चौराहे की व्यवस्था यात्रियों की सुविधा के बजाय तत्कालीन इंतजामों पर निर्भर दिखाई देती है। शाम ढलने के बाद पर्याप्त रोशनी नहीं होने से परेशानी और बढ़ जाती है।
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बोले लोग
सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतार लगी रहने से सड़क काफी संकरी हो जाती है। यातायात की उचित व्यवस्था नहीं होने से आने-जाने वाले राहगीरों को परेशानी होती है।
- आफताब आलम, राहगीर
चौराहे पर सुबह-शाम भीड़ रहती है। इसके बावजूद यात्रियों के लिए न बैठने की व्यवस्था है और न ही पेयजल की। वाहन का इंतजार धूप में सड़क किनारे खड़े होकर करना पड़ता है।
- रमेश, राहगीर
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एक नजर में
- चौराहा बड़ा लेकिन यात्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं।
- पीएचसी, रेलवे स्टेशन और ब्लॉक कार्यालय जाने का प्रमुख रास्ता।
- पटरी पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े होने से सड़क हो रही संकरी।
- पार्किंग नहीं होने से सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं वाहन।
- यातायात व्यवस्था के अभाव में अक्सर जाम की स्थिति।
- यात्रियों के लिए पेयजल और शौचालय की सुविधा नहीं।
- शाम के बाद पर्याप्त रोशनी नहीं होने से बढ़ती परेशानी।
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- पटरी पर ऑटो-ई-रिक्शा और सड़क किनारे खड़े वाहनों से जाम की समस्या
ढेबरुआ। नेपाल सीमा से सटे बढ़नी कस्बे के प्रमुख बस स्टॉप और चौराहा काफी बड़ा है पर यात्रियों की सुविधा के नाम पर इंतजाम नाकाफी हैं। बलरामपुर जाने वाले मार्ग, कस्बा तिराहा से नेपाल जाने वाले रास्ते और जिला मुख्यालय की ओर जाने वाली सड़क पर सड़क किनारे वाहन खड़े रहते हैं। पटरी पर ऑटो और ई-रिक्शा की कतार के साथ ठेले और दुकानदारों का अतिक्रमण भी है। इससे सड़क संकरी हो जाती है और अक्सर जाम की स्थिति बनती है।
बढ़नी चौराहा जिला मुख्यालय, बलरामपुर, पचपेड़वा, गोंडा, शोहरतगढ़, खुनुवां, इटवा और डुमरियागंज समेत ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ता है। बढ़नी रेलवे स्टेशन और नेपाल सीमा की ओर जाने वाले लोगों की भी इसी रास्ते से आवाजाही होती है। रोजाना बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग, नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, शोहरतगढ़ तहसील जाने वाले अधिवक्ता, मरीज और अन्य राहगीर यहां से गुजरते हैं। इसके बावजूद चौराहे पर यात्रियों के बैठने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है।
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बस या अन्य वाहन से उतरने वाले यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर दूसरे वाहन का इंतजार करना पड़ता है। तेज धूप में यात्रियों को बैठने के लिए कोई छायादार स्थान नहीं है। बारिश होने पर दुकानों के छज्जे या आसपास के स्थानों पर खड़े होकर समय बिताना पड़ता है। घने कस्बे के बीच होने के बावजूद यहां पेयजल और शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है।
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पटरी पर खड़े वाहन, सड़क हो रही संकरी
- बढ़नी तिराहे से शोहरतगढ़, बलरामपुर, पचपेड़वा, गोंडा और नेपाल सीमा की ओर जाने वाले मार्गों की पटरी पर ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण अन्य वाहन भी सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे पैदल चलने वालों के साथ कार, बस और ट्रक चालकों को भी परेशानी होती है। कई बार वाहनों की कतार इतनी लंबी हो जाती है कि यातायात बाधित होकर घंटों जाम की स्थिति बन जाती है।
- चौराहे पर 24 घंटे पुलिस पिकेट की तैनाती रहती है लेकिन यातायात को व्यवस्थित करने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नजर नहीं आती। चौराहे की व्यवस्था यात्रियों की सुविधा के बजाय तत्कालीन इंतजामों पर निर्भर दिखाई देती है। शाम ढलने के बाद पर्याप्त रोशनी नहीं होने से परेशानी और बढ़ जाती है।
बोले लोग
सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतार लगी रहने से सड़क काफी संकरी हो जाती है। यातायात की उचित व्यवस्था नहीं होने से आने-जाने वाले राहगीरों को परेशानी होती है।
- आफताब आलम, राहगीर
चौराहे पर सुबह-शाम भीड़ रहती है। इसके बावजूद यात्रियों के लिए न बैठने की व्यवस्था है और न ही पेयजल की। वाहन का इंतजार धूप में सड़क किनारे खड़े होकर करना पड़ता है।
- रमेश, राहगीर
एक नजर में
- चौराहा बड़ा लेकिन यात्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं।
- पीएचसी, रेलवे स्टेशन और ब्लॉक कार्यालय जाने का प्रमुख रास्ता।
- पटरी पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े होने से सड़क हो रही संकरी।
- पार्किंग नहीं होने से सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं वाहन।
- यातायात व्यवस्था के अभाव में अक्सर जाम की स्थिति।
- यात्रियों के लिए पेयजल और शौचालय की सुविधा नहीं।
- शाम के बाद पर्याप्त रोशनी नहीं होने से बढ़ती परेशानी।