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Siddharthnagar News: प्राइवेट नोटिफिकेशन की प्रगति कम पाए जाने पर डीएम ने जताई नाराजगी
Mon, 25 Aug 2025 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:45 PM IST
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सिद्धार्थनगर। कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक सोमवार को डीएम डाॅ. राजा गणपति आर की अध्यक्षता में हुई।
इस दौरान डीएम ने राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण अभियान में लक्ष्य के सापेक्ष सभी विकास खंडों में पब्लिक नोटिफिकेशन में लक्षण युक्त टीबी के मरीजों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। इसमें भनवापुर, लोटन, शोहरतगढ़, जोगिया, प्राइवेट नोटिफिकेशन में बांसी, भनवापुर, लोटन की प्रगति कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रगति बढ़ाने के लिए निर्देशित किया।
डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी और समस्त एमओआईसी को निर्देश दिए कि प्राइवेट अस्पताल के साथ मीटिंग कर टीबी मरीजों को चिह्नित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। परफाॅर्मेंस के आधार पर एमओआईसी और टीबी स्टाफ का वेतन निर्गत करेंगे। सभी एमओआईसी ओपीडी का 10 प्रतिशत रेफरल अनिवार्य रूप से करें। सीएचओ के परफाॅर्मेंस के आधार पर छह माह में 15 इंडीकेटर पर डाटा एकत्रित करें, जिसका अच्छा प्रदर्शन रहेगा उसे सम्मानित किया जाएगा। एचआईवी मरीजों को चिह्नित कर टेस्ट में प्रगति लाने का भी निर्देश दिए गए।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को मेडिकल काॅलेज का समय समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सभी विकास खंडों में डिलीवरी प्वाइंट के लिए चिह्नित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को क्रियाशील कराने के निर्देश दिए। एमओआईसी सुनिश्चित कर लें कि डिलीवरी घर पर नहीं होना चाहिए। सभी गर्भवती महिलाओं का प्रसव अस्पताल में ही हो। घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी जिम्मेदार होंगे। सभी नोडल अधिकारी वार रूम का निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करें एवं डिलेवरी प्वाइंट का निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराएं।
डीएम ने टीकाकरण की शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग कराने के निर्देश दिए। फीडिंग में सही मोबाइल नंबर लिखे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होना चाहिए। कोई भी डाॅक्टर बाहर दवा नहीं लिखेंगे। मेडिकल काॅलेज में नार्मल डिलेवरी बढ़ाने के निर्देश दिए।
सभी नोडल अधिकारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण कर निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी सेंटर पर लिंग परीक्षण नहीं होना चाहिए। ऐसा पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गर्भवतियों को प्रोत्साहन राशि समय से दी जाए।
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इस दौरान डीएम ने राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण अभियान में लक्ष्य के सापेक्ष सभी विकास खंडों में पब्लिक नोटिफिकेशन में लक्षण युक्त टीबी के मरीजों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। इसमें भनवापुर, लोटन, शोहरतगढ़, जोगिया, प्राइवेट नोटिफिकेशन में बांसी, भनवापुर, लोटन की प्रगति कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रगति बढ़ाने के लिए निर्देशित किया।
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डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी और समस्त एमओआईसी को निर्देश दिए कि प्राइवेट अस्पताल के साथ मीटिंग कर टीबी मरीजों को चिह्नित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। परफाॅर्मेंस के आधार पर एमओआईसी और टीबी स्टाफ का वेतन निर्गत करेंगे। सभी एमओआईसी ओपीडी का 10 प्रतिशत रेफरल अनिवार्य रूप से करें। सीएचओ के परफाॅर्मेंस के आधार पर छह माह में 15 इंडीकेटर पर डाटा एकत्रित करें, जिसका अच्छा प्रदर्शन रहेगा उसे सम्मानित किया जाएगा। एचआईवी मरीजों को चिह्नित कर टेस्ट में प्रगति लाने का भी निर्देश दिए गए।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को मेडिकल काॅलेज का समय समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सभी विकास खंडों में डिलीवरी प्वाइंट के लिए चिह्नित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को क्रियाशील कराने के निर्देश दिए। एमओआईसी सुनिश्चित कर लें कि डिलीवरी घर पर नहीं होना चाहिए। सभी गर्भवती महिलाओं का प्रसव अस्पताल में ही हो। घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी जिम्मेदार होंगे। सभी नोडल अधिकारी वार रूम का निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करें एवं डिलेवरी प्वाइंट का निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराएं।
डीएम ने टीकाकरण की शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग कराने के निर्देश दिए। फीडिंग में सही मोबाइल नंबर लिखे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होना चाहिए। कोई भी डाॅक्टर बाहर दवा नहीं लिखेंगे। मेडिकल काॅलेज में नार्मल डिलेवरी बढ़ाने के निर्देश दिए।
सभी नोडल अधिकारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण कर निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी सेंटर पर लिंग परीक्षण नहीं होना चाहिए। ऐसा पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गर्भवतियों को प्रोत्साहन राशि समय से दी जाए।