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Siddharthnagar News: राम विवाह का प्रसंग सुनकर भक्ति रस में सराबोर हुए श्रद्धालु

Tue, 03 Nov 2026 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 03 Nov 2026 12:26 AM IST
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Siddharthnagar News : Devotees overwhelmed with devotion after hearing Ram marriage
मिठवल ब्लाक के सेमहना गांव में राम कथा में उप​स्थित श्रद्धालु। संवाद
- भगवान श्रीराम और चारों भाइयों की बरात की झांकी ने मोहा लोगों का मन
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- कथा व्यास विजय कौशल ने कहा- महापुरुष किसी जाति विशेष के नहीं, बल्कि पूरे समाज की धरोहर होते हैं
पथरा। मिठवल ब्लॉक के सेमरहना गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन रविवार को राम विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा व्यास संत विजय कौशल जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान परशुराम-श्रीराम संवाद और चारों भाइयों की बरात की सजीव झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
कथा व्यास ने कहा कि संत के हृदय की सेवा करना सरोवर में स्नान करने के समान है। प्रभु श्रीराम ज्ञान और माता जानकी भक्ति की प्रतीक हैं। ज्ञान वृक्ष के समान कठोर होता है जबकि भक्ति लता के समान सुकुमार होती है। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी जाति या धर्म विशेष के नहीं होते बल्कि पूरे समाज की धरोहर होते हैं। भगवान श्रीराम और परशुराम को जाति के दायरे में बांधना उचित नहीं है। सृष्टि के आराध्य को जाति की राजनीति से जोड़ना अपराध है।
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कथा के दौरान परशुराम-श्रीराम संवाद और परशुराम की ओर से भगवान श्रीराम की स्तुति का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इसके बाद माता जानकी के अलौकिक शृंगार, राजा जनक और माता सुनयना के सौभाग्य और मिथिला नगरी की दिव्यता का वर्णन किया गया। महाराज ने कहा कि राजा जनक और माता सुनयना का सौभाग्य अद्भुत था कि जगत जननी माता सीता उनकी गोद में पली-बढ़ीं और स्वयं भगवान श्रीराम उनके दामाद बनने जा रहे थे।
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कथा के दौरान भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों की भव्य बरात की झांकी प्रस्तुत की गई। रामनगर कॉलोनी में मिथिला नगरी का मनोहारी स्वरूप सजाया गया। रथ पर सवार होकर चारों भाइयों के स्वरूप निकले तो श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूम उठे। ''''मिथिला नगरिया निहाल सखी रे, चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखी रे...'''' गीत से पूरा वातावरण राममय हो गया। वहीं, हरी साड़ी में सजी माता जानकी अपनी बहनों और सखियों के साथ विवाह की रस्मों के लिए पहुंचीं। ''''सिया रघुवर जी के संग परन लागी हरे-हरे...'''' जैसे भक्ति गीतों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते रहे।

कथा व्यास ने जनकपुर की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि उसकी दिव्यता की न तो कोई उपमा दी जा सकती है और न ही उसकी महिमा शब्दों में बयां की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों में विवाह का सौभाग्य केवल श्रीराम अवतार में प्राप्त हुआ। इसलिए भगवान श्रीराम के विवाह के प्रत्येक संस्कार की अपनी विशेष दिव्यता और महिमा है।
इस दौरान मुख्य यजमान इंद्रावती सिंह, अध्यक्ष शीतल सिंह, प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह, राहुल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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