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Siddharthnagar News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
Wed, 24 Dec 2025 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 24 Dec 2025 11:11 PM IST
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भनवापुर। क्षेत्र के चौखड़ा में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार की रात कथा वाचक प्रेम शरण शास्त्री ने श्रीकृष्ण और रुकमणी के विवाह की अमृत वर्षा का श्रद्धालुओं को रसपान कराया। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बीच बीच में सुंदर-सुंदर झांकियां प्रस्तुत की गई। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन किया गया।
कथा वाचक ने बताया कि भगवान की महारास लीला इतनी दिव्य है कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए। मथुरा गमन प्रसंग में अक्रूर जी भगवान को लेने आए।
जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा जाने लगे समस्त ब्रज की गोपियां भगवान कृष्ण के रथ के आगे खड़ी हो गई और कहने लगीं कि हे कन्हैया जब आपको हमें छोड़कर ही जाना था तो हम से प्रेम क्यों किया।
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गोपी उद्धव संवाद, श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह उत्सव पर मनोहर झांकी प्रस्तुत की गई। भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी के समस्त श्रद्धालु भक्तजनों ने शादी का आनंद लिया। कथावाचक ने कहा कि मनुष्य को कभी भी अपने अंदर अहंकार नहीं लाना चाहिए।
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कथा वाचक ने बताया कि भगवान की महारास लीला इतनी दिव्य है कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए। मथुरा गमन प्रसंग में अक्रूर जी भगवान को लेने आए।
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जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा जाने लगे समस्त ब्रज की गोपियां भगवान कृष्ण के रथ के आगे खड़ी हो गई और कहने लगीं कि हे कन्हैया जब आपको हमें छोड़कर ही जाना था तो हम से प्रेम क्यों किया।
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गोपी उद्धव संवाद, श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह उत्सव पर मनोहर झांकी प्रस्तुत की गई। भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी के समस्त श्रद्धालु भक्तजनों ने शादी का आनंद लिया। कथावाचक ने कहा कि मनुष्य को कभी भी अपने अंदर अहंकार नहीं लाना चाहिए।