{"_id":"6973b4ee525ad6e8010b0cb1","slug":"siddharthnagar-news-copper-brass-also-became-costly-people-are-compromising-by-weight-in-sahalag-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-152265-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: तांबा पीतल भी हुआ महंगा, सहालग में लोग वजन से कर रहे समझौता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: तांबा पीतल भी हुआ महंगा, सहालग में लोग वजन से कर रहे समझौता
Fri, 23 Jan 2026 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:20 PM IST
विज्ञापन
- शादी में अगुवानी के दौरान रखे जाने वाले कलश के पांच सौ से सात सौ रुपये तक बढ़े दाम
- बढ़ते दाम से अब वजन के साथ समझौता कर रहे लोग, महंगाई से हर किसी का हॉल बेहाल
सिद्धार्थनगर। सोना-चांदी की तरह अब तांबे और पीतल के दामों में भी इजाफा होना शुरू हो गया है। इससे पहले की अपेक्षा बढ़ते दाम से सहालग में खरीदारी करने वाले लोग मुश्किल में पड़ गए हैं। गहने से बर्तन के भी बढ़ते दाम के कारण गरीब परिवार के लोग वजन से समझौता कर रहे हैं।
लगातार बढ़ते दाम से धातुओं से बने उत्पादों के दामों में 20 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। शादी-विवाह के मौसम में पीतल के बर्तनों की बढ़ती मांग ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। कारोबारियों के अनुसार, पिछले वर्ष पीतल की कीमत जहां करीब 800 रुपये प्रति किलो थी। वहीं, इस वर्ष यह बढ़कर एक हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कच्चे माल के महंगे होने का सीधा असर पीतल से बने थाली, लोटा, कलश, पूजा सामग्री और सजावटी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है। बाजार में ये सभी उत्पाद पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सोने-चांदी के जेवर खरीदना मुश्किल हो गया है।
विवाह में उपहार में दिए जाने वाले तांबे, पीतल के बर्तनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे लोग भारी सामग्री न खरीदकर छोटे और हल्के बर्तन ले रहे हैं। शहर के बर्तन व्यापारी आनंद ने बताया कि एक माह पहले तांबा 1150 रुपये किलो था वह अब 1500 रुपये के करीब पहुंच गया है। पीतल 800 रुपये प्रतिकिलो था जो अब एक हजार रुपये में बिक रहा है जबकि शादियों अगुवानी के लिए लाया जाने वाला कलश भी पांच सौ से सात सौ रुपया महंगा हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- बढ़ते दाम से अब वजन के साथ समझौता कर रहे लोग, महंगाई से हर किसी का हॉल बेहाल
सिद्धार्थनगर। सोना-चांदी की तरह अब तांबे और पीतल के दामों में भी इजाफा होना शुरू हो गया है। इससे पहले की अपेक्षा बढ़ते दाम से सहालग में खरीदारी करने वाले लोग मुश्किल में पड़ गए हैं। गहने से बर्तन के भी बढ़ते दाम के कारण गरीब परिवार के लोग वजन से समझौता कर रहे हैं।
लगातार बढ़ते दाम से धातुओं से बने उत्पादों के दामों में 20 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। शादी-विवाह के मौसम में पीतल के बर्तनों की बढ़ती मांग ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। कारोबारियों के अनुसार, पिछले वर्ष पीतल की कीमत जहां करीब 800 रुपये प्रति किलो थी। वहीं, इस वर्ष यह बढ़कर एक हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कच्चे माल के महंगे होने का सीधा असर पीतल से बने थाली, लोटा, कलश, पूजा सामग्री और सजावटी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है। बाजार में ये सभी उत्पाद पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सोने-चांदी के जेवर खरीदना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
विवाह में उपहार में दिए जाने वाले तांबे, पीतल के बर्तनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे लोग भारी सामग्री न खरीदकर छोटे और हल्के बर्तन ले रहे हैं। शहर के बर्तन व्यापारी आनंद ने बताया कि एक माह पहले तांबा 1150 रुपये किलो था वह अब 1500 रुपये के करीब पहुंच गया है। पीतल 800 रुपये प्रतिकिलो था जो अब एक हजार रुपये में बिक रहा है जबकि शादियों अगुवानी के लिए लाया जाने वाला कलश भी पांच सौ से सात सौ रुपया महंगा हो गया है।
विज्ञापन